गोरखपुर से शामली तक बनेगा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, 7.5 घंटे में तय होगी दूरी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से शामली तक एक नया एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है, जिससे राज्य के 13 जिले आपस में जुड़ेंगे और दोनों छोर के बीच का सफर महज 7.5 घंटे में पूरा हो सकेगा। उत्तर प्रदेश के सड़क ढांचे को और अधिक मजबूत करने के लिए एक नए और बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। राज्य में पश्चिमी हिस्से से लेकर पूर्वी छोर तक कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए गोरखपुर से शामली तक एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी काफी कम समय में तय की जा सकेगी। 13 जिलों को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कुल 13 जिलों से होकर गुजरेगा। इस मार्ग के बन जाने से न केवल स्थानीय लोगों को सफर में सहूलियत होगी, बल्कि बिहार और अन्य पड़ोसी इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यात्रा काफी आसान हो जाएगी। सड़क नेटवर्क के विस्तार से क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भूमि अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए वर्तमान में तेजी से तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस एक्सप्रेसवे के कुल 12 पैकेजों में से 9 पैकेजों के लिए ठेकेदारों से कोटेशन मंगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शेष हिस्सों के लिए भी प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने की संभावना है। महज 7.5 घंटे में पूरा होगा सफर इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह बनकर तैयार हो जाने के बाद गोरखपुर से शामली की यात्रा में लगने वाला समय घटकर केवल 7.5 घंटे रह जाएगा। तेज रफ्तार यातायात और सुगम रास्ते की वजह से वाहनों की आवाजाही सुचारू होगी और लंबे सफर की थकान भी कम होगी। सरकार का यह कदम राज्य में आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसका आप पर असर यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए आवागमन को तेज और सुगम बनाएगा। • यात्रा का समय: गोरखपुर से शामली के बीच का सफर अब घटकर मात्र 7.5 घंटे रह जाएगा। इससे ईंधन की बचत होगी और समय की भी काफी वचत होगी। • व्यापारिक लाभ: उत्तर प्रदेश के 13 जिलों से गुजरने के कारण स्थानीय उद्योगों, किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद दूसरे शहरों तक पहुंचाने में आसानी होगी। • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। • सड़क सुरक्षा: आधुनिक मानकों के तहत बनने वाले इस हाईवे से पारंपरिक मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और सड़क हादसे घटने की उम्मीद है। ऐसा क्यों हुआ इस बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को शुरू करने के पीछे राज्य के सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने और दूर-दराज के इलाकों को जोड़ने की रणनीति है। • बढ़ता यातायात दबाव: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते सड़क ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एक नए वैकल्पिक और तेज मार्ग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। • बुनियादी ढांचे का विकास: सरकार राज्यभर में एक्सप्रेसवे के जाल को फैलाकर आर्थिक विकास को गति देना चाहती है ताकि निवेश आकर्षित किया जा सके। • तेज गति से निर्माण: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा समयबद्ध तरीके से टेंडर प्रक्रिया पूरी करने से इस मेगा प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. यह एक्सप्रेसवे किन दो शहरों के बीच बनेगा? यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली के बीच बनाया जा रहा है। 2. इस एक्सप्रेसवे से कितने जिले जुड़ेंगे? यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 13 जिलों से होकर गुजरेगा। 3. गोरखपुर से शामली की दूरी तय करने में कितना समय लगेगा? इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद यात्रा का समय घटकर मात्र 7.5 घंटे रह जाएगा। 4. इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति क्या है? वर्तमान में भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 12 में से 9 पैकेजों के लिए कोटेशन ले लिए हैं। https://trendkia.com/business/gorakhpur-se-shamli-tak-bnega-sabs-lamba-expressway-51333 TrendKia — Har trend, sabse pehle.