ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का चौथा संस्करण शुरू, यूपी को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का संकल्प ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो शुरू हो गया है, जिसमें 90 देशों के 600 से ज्यादा खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के औद्योगिक विकास और आर्थिक लक्ष्यों को रेखांकित किया। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण की औपचारिक शुरुआत हो गई है। 25 सितंबर से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन का मकसद राज्य के औद्योगिक सामर्थ्य और स्थानीय शिल्प को दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचाना है। उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कारीगरों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र और विनिर्माण तंत्र पर विशेष जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीक के सटीक तालमेल के सहारे देश के अग्रणी विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। पारंपरिक कौशल को वैश्विक पहचान और ओडीओपी की भूमिका संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की जमीनी शिल्प परंपरा को मिले नए प्रोत्साहन की पृष्ठभूमि साझा की। उन्होंने याद किया कि वर्ष 2017 में चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के दौर में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते अमित शाह ने स्थानीय कारीगरी की पहचान उजागर करने पर बल दिया था। उनका मानना था कि राज्य की अंतर्निहित शक्ति उसके पारंपरिक उद्योगों में बसी है और सही दिशा मिलते ही उत्पादन क्षेत्र में प्रदेश अभूतपूर्व ऊंचाई छू सकता है। इसी दृष्टिकोण को लागू करते हुए प्रदेश सरकार ने 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और 'वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन' जैसी योजनाओं के जरिए जिले-वार विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक ब्रांडिंग और सीधे वाणिज्यिक अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इस रणनीति ने सदियों पुराने क्षेत्रीय व्यवसायों को नया जीवन दिया है और स्थानीय उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्त कर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ा है। मेक इन इंडिया अभियान और बदलता निवेश परिदृश्य कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के समग्र विनिर्माण परिदृश्य पर बात रखी। उन्होंने बताया कि 12 वर्ष पूर्व शुरू किए गए मेक इन इंडिया मिशन ने देश को डिजाइन, विनिर्माण और नवाचार का एक मजबूत वैश्विक केंद्र बनाने में आधारभूत भूमिका निभाई है। राज्य के संदर्भ में उन्होंने बीते समय की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दौर में सुरक्षा और व्यवस्था की चिंताओं के चलते प्रदेश के लिए निवेश बैठकें दिल्ली में आयोजित करनी पड़ती थीं। उन्होंने कहा कि अब बेहतर कानून-व्यवस्था, उद्योग समर्थक नीतियों और प्रशासनिक सक्रियता के बल पर राज्य खुद बड़े पूंजी निवेश का मुख्य केंद्र बन चुका है। पिछले व्यापार मेले की उपलब्धियों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उस संस्करण में 5 लाख से अधिक आगंतुक पहुंचे थे और 2,400 से अधिक सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे। उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा चौथा संस्करण पुराने सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के संकल्प को नई गति देगा। विदेशी भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां इस वर्ष व्यापार प्रदर्शनी के अंतरराष्ट्रीय आयाम में उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया गया है। पिछले आयोजन में 72 देशों से 550 अंतरराष्ट्रीय खरीदार पहुंचे थे, जबकि इस बार भागीदारी बढ़कर 90 देशों के 600 से अधिक खरीदारों तक पहुंच गई है। इसके अलावा लगभग 1.5 लाख बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कई प्रमुख राष्ट्र इस मंच पर भागीदार देश के रूप में शामिल हुए हैं। इनमें वियतनाम, जापान, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस प्रमुख हैं। इन देशों के समर्पित पवेलियन द्विपक्षीय व्यापार समझौतों, तकनीकी हस्तांतरण और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारियों को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसका आप पर असर इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले से स्थानीय विनिर्माण तंत्र को वैश्विक स्तर पर बड़े निर्यात और निवेश सौदे हासिल करने का सीधा अवसर मिलेगा। • भारत में: 90 देशों के प्रतिनिधियों के साथ सहयोग से देश के निर्यात और मेक इन इंडिया मिशन को गति मिलेगी। विदेशी साझेदारों के साथ तकनीकी आदान-प्रदान से घरेलू उत्पादन की गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। • उत्तर प्रदेश में: स्थानीय कारीगरों और ओडीओपी उत्पादकों को 600 से अधिक विदेशी खरीदारों से सीधे व्यावसायिक ऑर्डर मिलेंगे। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। • उद्यमियों के लिए: एमएसएमई इकाइयों को बिना विदेश जाए वैश्विक बाजार और आधुनिक तकनीक की समझ हासिल होगी। इससे छोटे कारोबारियों को अपनी उत्पादन क्षमता और ब्रांडिंग सुधारने में मदद मिलेगी। • आर्थिक लक्ष्य: व्यापार समझौतों और एमओयू के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर ले जाने में सहायता मिलेगी। बड़े निवेश आने से आधारभूत ढांचे और औद्योगिक गलियारों का विस्तार तेज होगा। ऐसा क्यों हुआ यह आयोजन उत्तर प्रदेश को घरेलू कारीगरी से आगे बढ़ाकर एक संगठित वैश्विक विनिर्माण शक्ति के रूप में स्थापित करने की रणनीतिक योजना का हिस्सा है। बेहतर कानून-व्यवस्था और नीतियों के कारण राज्य अब बड़े व्यापार सम्मेलनों की मेजबानी करने में सक्षम हुआ है। • औद्योगिक नीति का विस्तार: राज्य सरकार ने स्थानीय शिल्प को बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक पहचान दिलाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मंचों से जोड़ा है। इस निरंतर रणनीति के चलते विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी राज्य के उत्पादों में बढ़ी है। • निवेश के माहौल में बदलाव: पूर्व में सुरक्षा चिंताओं के कारण सम्मेलन राज्य से बाहर आयोजित होते थे, लेकिन बेहतर कानून-व्यवस्था और प्रोत्साहनों ने निवेशकों का भरोसा बहाल किया है। इस भरोसे के दम पर वैश्विक साझेदार सीधे राज्य में आने लगे हैं। • पिछले आयोजनों की सफलता: पूर्व संस्करण में 5 लाख दर्शकों और 2,400 से अधिक करारों की सफलता ने इस चौथे संस्करण को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने का मार्ग प्रशस्त किया। इसी गति को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का दायरा 72 से बढ़ाकर 90 देशों तक किया गया। सवाल-जवाब 1. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का कौन सा संस्करण आयोजित हो रहा है? ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। 2. यह ट्रेड शो कब से कब तक चलेगा? यह चार दिवसीय व्यापार मेला 25 सितंबर से 29 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। 3. इस वर्ष कितने देशों के खरीदार भाग ले रहे हैं? इस आयोजन में 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार और लगभग 1.5 लाख बी2बी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। 4. इस ट्रेड शो में कौन से देश पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए हैं? जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस इस मेले में आधिकारिक पार्टनर कंट्री के तौर पर शामिल हैं। 5. पिछले संस्करण में कितने लोग आए थे और कितने एमओयू हुए थे? पिछले ट्रेड शो में 5 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे और 2,400 से ज्यादा सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे। 6. ट्रेड शो का मुख्य आर्थिक लक्ष्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के पारंपरिक शिल्प और विनिर्माण को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। https://trendkia.com/business/greater-noida-men-antararashtriya-treda-sho-ka-chautha-snskarana-shuru-up-ko-vaishvika-vinirmana-kendra-banane-ka-snkalpa-38392 TrendKia — Har trend, sabse pehle.