ग्रीस में MiCA लाइसेंस की दौड़ से पीछे हटा बिनेंस, यूरोपीय यूज़र्स अधर में लटके क्रिप्टो एक्सचेंज बिनेंस ने ग्रीस में अपना MiCA लाइसेंस आवेदन वापस ले लिया है और अब किसी दूसरे यूरोपीय देश में मंज़ूरी हासिल करने की कोशिश करेगा। इस फैसले से यूरोपीय संघ के कुछ यूज़र्स पर असर पड़ सकता है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में गिने जाने वाले बिनेंस ने ग्रीस में अपना मार्केट्स इन क्रिप्टो एसेट्स (MiCA) लाइसेंस आवेदन औपचारिक रूप से वापस ले लिया है। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि वह यूरोपीय संघ के क्रिप्टो नियमों के अनुरूप बने रहना चाहती है, इसलिए अब किसी दूसरे सदस्य देश में मंज़ूरी का रास्ता तलाशेगी। दिलचस्प बात यह है कि यह घोषणा ठीक उस वक्त आई है, जब महज़ एक हफ्ते पहले यह संकेत मिला था कि ग्रीस के वित्तीय नियामक HCMC उसके आवेदन को खारिज करने जा रहे हैं। बिनेंस ने आखिर कहा क्या कंपनी ने बुधवार को साफ शब्दों में लिखा, बिनेंस ने ग्रीस की हेलेनिक कैपिटल मार्केट कमीशन (HCMC) के पास दाखिल अपना MiCA लाइसेंस आवेदन वापस लेने और किसी दूसरे यूरोपीय संघ सदस्य देश में अधिकृत होने का फैसला किया है। एक्सचेंज ने आगे कहा कि कई महीनों तक उसने HCMC के साथ ईमानदारी और सकारात्मक रवैये के साथ काम किया। कंपनी का कहना है कि 1 जुलाई की समयसीमा से पहले कोई जवाब नहीं मिलने की वजह से वह अब उसी दिशा में आगे बढ़ रही है, जो उसके यूज़र्स के हित में हो। बिनेंस ने यह भी कहा कि इस बीच वह 1 जुलाई से पहले लागू नियमों का पालन करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगा। कंपनी के मुताबिक इसका मतलब है कि कुछ यूज़र्स प्रभावित हो सकते हैं, और प्रभावित यूज़र्स से वह सीधे संपर्क कर अगले कदमों की साफ जानकारी देगा। 1 जुलाई की समयसीमा का दबाव यूरोपीय संघ में नियमों के दायरे में रहकर क्रिप्टो सेवाएं देने की चाह रखने वाली कंपनियों के पास 1 जुलाई की समयसीमा तक MiCA लाइसेंस होना ज़रूरी है। ऐसा न होने पर उन्हें इस क्षेत्र में अपना कामकाज बंद करना पड़ सकता है। इस क्षेत्र में बिनेंस का नज़दीकी भविष्य फिलहाल साफ नहीं है। हालांकि कंपनी ने बुधवार को यूज़र्स को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है, भले ही आवेदन वापस लेने से कुछ यूज़र्स पर असर पड़े। एक्सचेंज ने कहा, हम अपने सभी यूरोपीय संघ यूज़र्स से संपर्क करने की प्रक्रिया में हैं। इन संदेशों में बताया जाएगा कि कोई कार्रवाई ज़रूरी है या नहीं, क्या विकल्प मौजूद हैं, कौन-कौन सी समयसीमाएं अहम हैं और मदद के लिए कहां जाना है। ग्रीस को क्यों चुना था बिनेंस ने जनवरी में ग्रीस में अपना आवेदन दाखिल किया था। इस देश को चुनने की एक वजह वहां की हालिया आर्थिक तेज़ी भी रही थी। आवेदन वापस लेने के बावजूद कंपनी का कहना है कि वह यूरोप के लिए लंबे समय तक प्रतिबद्ध है। एक्सचेंज ने कहा, भले ही हमने ग्रीस में अपना आवेदन वापस ले लिया हो, लेकिन बिनेंस यूरोप के प्रति प्रतिबद्ध है। यूरोप बिनेंस के लिए एक अहम क्षेत्र है, और एक स्पष्ट, निष्पक्ष व समरूप MiCA ढांचे के तहत काम करने की हमारी महत्वाकांक्षा अब भी अटल है। पासपोर्टिंग का पूरा खेल किसी एक यूरोपीय संघ देश में मंज़ूरी मिलने के बाद कंपनी अपनी अनुपालन व्यवस्था को बाकी 27 सदस्य देशों में भी ट्रांसफर कर सकती है, जिसे पासपोर्टिंग कहा जाता है। हालांकि पिछले साल फ्रांस के नियामकों ने इस पासपोर्टिंग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वे उन कंपनियों को रोक सकते हैं, जिन्हें अपेक्षाकृत ढीले नियमों वाले यूरोपीय देशों से मंज़ूरी मिली है। इसका आप पर असर • अगर आप यूरोपीय संघ में बिनेंस के यूज़र हैं तो आने वाले दिनों में कंपनी आपसे सीधे संपर्क कर सकती है, इसलिए अपने अकाउंट और ईमेल पर नज़र रखें कि किसी कार्रवाई या समयसीमा की ज़रूरत तो नहीं। • कंपनी का कहना है कि यूज़र्स का पैसा सुरक्षित है, फिर भी 1 जुलाई की समयसीमा से पहले बदलावों को लेकर सतर्क रहना समझदारी होगी। सवाल-जवाब 1. बिनेंस ने ग्रीस में अपना MiCA आवेदन क्यों वापस लिया? कंपनी का कहना है कि 1 जुलाई की समयसीमा से पहले HCMC से कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए उसने आवेदन वापस लेकर किसी दूसरे यूरोपीय संघ देश में मंज़ूरी लेने का फैसला किया। 2. क्या यूरोपीय यूज़र्स का पैसा सुरक्षित है? बिनेंस ने बुधवार को भरोसा दिलाया कि यूज़र्स का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है, हालांकि आवेदन वापस लेने से कुछ यूज़र्स पर असर पड़ सकता है। 3. 1 जुलाई की समयसीमा का क्या मतलब है? यूरोपीय संघ में क्रिप्टो सेवाएं देने वाली कंपनियों के पास 1 जुलाई तक MiCA लाइसेंस होना ज़रूरी है, वरना उन्हें इस क्षेत्र में कामकाज बंद करना पड़ सकता है। 4. बिनेंस ने पहले ग्रीस को ही क्यों चुना था? बिनेंस ने जनवरी में ग्रीस में आवेदन दाखिल किया था, और इस देश को चुनने की एक वजह वहां की हालिया आर्थिक तेज़ी रही थी। 5. पासपोर्टिंग क्या है? किसी एक यूरोपीय संघ देश में मंज़ूरी मिलने के बाद कंपनी अपनी अनुपालन व्यवस्था को बाकी 27 सदस्य देशों में ट्रांसफर कर सकती है, जिसे पासपोर्टिंग कहते हैं। 6. क्या बिनेंस यूरोप छोड़ रहा है? नहीं, कंपनी का कहना है कि वह यूरोप के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी दूसरे यूरोपीय संघ सदस्य देश में मंज़ूरी का रास्ता तलाश रही है। https://trendkia.com/business/greece-men-mica-laisensa-ki-daura-se-pichhe-hata-binance-yuropiya-yuzarsa-adhara-men-latake-2778 TrendKia — Har trend, sabse pehle.