गुजरात में सूखे की मार, चार जिलों के किसानों को मिलेगा आर्थिक मुआवजा गुजरात सरकार ने द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। प्रभावित किसानों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। गुजरात के चार प्रमुख जिलों में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ जिलों को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है। इस फैसले से इन इलाकों के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार ने उन्हें वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है। सूखा प्रभावित इन क्षेत्रों में कृषि संकट से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से मिलेगी मदद प्रभावित किसानों को दी जाने वाली यह आर्थिक मदद राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी SDRF के नियमों और दिशानिर्देशों के तहत वितरित की जाएगी। तय योजना के मुताबिक किसानों को फसल नुकसान के एवज में प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सरकार की इस घोषणा से अन्नदाताओं को वित्तीय मोर्चे पर कुछ संबल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सहायता राशि की सीमा और शर्तें इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाली वित्तीय सहायता की एक निश्चित सीमा तय की गई है। किसानों को इस सहायता राशि का लाभ केवल 2 हेक्टेयर तक की फसल पर ही मिल सकेगा। यदि किसी किसान के पास इससे अधिक कृषि भूमि है, तब भी उसे अधिकतम 2 हेक्टेयर के हिसाब से ही सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह व्यवस्था आगामी 1 नवंबर, 2026 से लागू होगी और किसानों के खातों तक पहुंचाई जाएगी। पशुधन और रोजगार के लिए विशेष प्रावधान फसल नुकसान के अलावा पशुपालकों और ग्रामीण मजदूरों के लिए भी विशेष मदद का ऐलान किया गया है। पशुओं के चारे की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दो महीने की अवधि तक प्रति पशु 80 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही सूखा प्रभावित ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बनाए रखने के लिए वीबीजी रामजी योजना के अंतर्गत 150 रुपये की दैनिक दर से भुगतान किया जाएगा ताकि पलायन रोका जा सके। इसका आप पर असर यह फैसला गुजरात के चार प्रमुख जिलों के किसानों और पशुपालकों के लिए सीधा आर्थिक महत्व रखता है। • वित्तीय राहत: किसानों को प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की सहायता मिलने से फसल नुकसान की भरपाई में कुछ मदद मिलेगी। यह लाभ 1 नवंबर, 2026 से मिलना शुरू होगा। • पशुधन सुरक्षा: पशुओं के लिए दो महीने तक प्रति पशु 80 रुपये मिलने से चारे का संकट कुछ हद तक कम होगा। • ग्रामीण रोजगार: वीबीजी रामजी योजना के तहत 150 रुपये की दर से भुगतान मिलने से ग्रामीण इलाकों में आजीविका बनी रहेगी। • सीमाएं: सहायता राशि केवल 2 हेक्टेयर तक सीमित होने के कारण बड़े किसानों को पूरा मुआवजा नहीं मिल पाएगा। ऐसा क्यों हुआ कम बारिश और मौसमी बदलाव के कारण इन इलाकों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। • सूखे की स्थिति: द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ में बारिश की कमी से कृषि गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। • प्रशासनिक दिशा-निर्देश: राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के नियमों के तहत किसानों को वित्तीय मदद देना अनिवार्य किया गया है। • पशुधन का संकट: चारे की कमी के कारण मवेशियों के सामने आए जीवन संकट को टालने के लिए यह सहायता तय की गई है। सवाल-जवाब 1. किन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है? गुजरात सरकार ने द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। 2. किसानों को प्रति हेक्टेयर कितनी सहायता मिलेगी? प्रभावित किसानों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। 3. यह सहायता कितने हेक्टेयर तक की फसल पर मिलेगी? इस सहायता राशि का फायदा केवल 2 हेक्टेयर फसल पर ही मिलेगा। 4. किसानों को इस योजना का लाभ कब से मिलेगा? किसानों को इस योजना का फायदा 1 नवंबर, 2026 से मिलना शुरू होगा। 5. पशुओं के चारे के लिए कितनी मदद दी जाएगी? दो महीने की अवधि के लिए प्रति पशु 80 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। https://trendkia.com/business/gujarat-mein-sukhe-ki-maar-char-jilon-ke-kisano-ko-milega-arthik-muawja-51873 TrendKia — Har trend, sabse pehle.