गुलाबी नगरी में जुटा वैश्विक आर्थिक मंच, पीयूष गोयल की मौजूदगी में ब्रिक्स देशों ने एमएसएमई और सौर ऊर्जा पर बनाई साझा रणनीति राजस्थान की राजधानी जयपुर में 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित तकनीक और स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक संयुक्त घोषणा पत्र स्वीकार किया गया। राजस्थान की ऐतिहासिक राजधानी जयपुर अगस्त महीने के दौरान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक आर्थिक नीतियों का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है। भारत की BRICS अध्यक्षता के अंतर्गत आयोजित इन उच्चस्तरीय बैठकों में दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। गुलाबी नगरी में आयोजित इन सम्मेलनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार ढांचा, निवेश के नए अवसर, डिजिटल कॉमर्स, AI तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, स्थानीय राष्ट्रीय मुद्राओं में द्विपक्षीय व्यापार, पर्यटन सुरक्षा और MSME क्षेत्र को सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श चल रहा है। यह पूरी गतिविधि सितंबर महीने में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले मुख्य BRICS शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक नींव तैयार कर रही है। इस वैश्विक आयोजन के स्वागत में पूरे जयपुर शहर को भव्य रूप से सजाया गया है और विदेशी मेहमानों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन में विनिर्माण और तकनीक पर मंथन जयपुर में आयोजित 10वें BRICS उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन में सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों के साथ-साथ उच्चस्तरीय प्रशासनिक प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। इस वैश्विक आयोजन का मुख्य विषय सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण निर्धारित किया गया था। बैठक के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ रहे तीव्र बदलावों के बीच विनिर्माण क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने, अत्याधुनिक तकनीकों को औद्योगिक प्रक्रियाओं में एकीकृत करने और सदस्य देशों के बीच व्यापारिक समन्वय बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और कहा कि जयपुर एक ऐसा अनूठा शहर है जहां सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक सोच का बेहतरीन संगम देखने को मिलता है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि तेजी से बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में BRICS सदस्य देशों को अपनी-अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करते हुए साझा समृद्धि और समावेशी विकास की दिशा में एक साथ मिलकर कदम बढ़ाने होंगे। विकसित भारत 2047 का विजन और वैश्विक सहयोग जयपुर आगमन पर हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि BRICS का यह मंच वैश्विक आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बेहद सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर है। 6 अगस्त 2026 को दिए गए अपने संदेश में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता के तहत उद्योग मंत्रियों की यह बैठक वैश्विक विनिर्माण श्रृंखला को मजबूत करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। उन्होंने सदस्य देशों के बीच औद्योगिक सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता और साझा निवेश को गति देने की आवश्यकता पर जोर दिया। संयुक्त घोषणा पत्र और भारत के नए नवाचार प्रस्ताव इस सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 10वें BRICS उद्योग मंत्रियों के संयुक्त घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना रही। इस घोषणा पत्र के माध्यम से सदस्य देशों ने MSME क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, फोटोवोल्टिक सौर ऊर्जा उद्योग में रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने, नए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने और अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक सुगम बनाने पर अपनी सहमति व्यक्त की। इसके अतिरिक्त फोटोवोल्टिक उद्योग पर गठित BRICS वर्किंग ग्रुप के लिए तैयार की गई विस्तृत कार्य योजना को भी आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की गई। भारत ने सदस्य देशों के बीच तकनीक संचालित विकास को गति देने के उद्देश्य से दो प्रमुख पहलों की सिफारिश की, जिनमें BRICS इन्क्यूबेटर नेटवर्क और BRICS स्टार्टअप इनोवेशन फंड की स्थापना शामिल है। इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य उभरते उद्यमियों को संसाधन और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराना है। 7 अगस्त को व्यापार मंत्रियों की 16वीं बैठक का एजेंडा उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन के समापन के तुरंत बाद 7 अगस्त को जयपुर में ही 16वीं BRICS व्यापार मंत्रियों की बैठक का आयोजन निश्चित किया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने, डिजिटल व्यापार के नियमों को सुव्यवस्थित करने, अंतरराष्ट्रीय बाजार में छोटे उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने और बहुपक्षीय व्यापार प्रणालियों को अधिक पारदर्शी बनाने पर विस्तार से वार्ता होगी। उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन से पूर्व नई दिल्ली में BRICS कॉन्टैक्ट ग्रुप की बैठक संपन्न हो चुकी है, जिसमें आर्थिक और वाणिज्यिक मुद्दों के प्राथमिक ढांचे पर विस्तृत खाका तैयार किया गया था। राजस्थानी संस्कृति की झलक और कूटनीतिक महत्व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध परंपरा और आतिथ्य सत्कार से रूबरू कराने के लिए जयपुर के प्रसिद्ध सिटी पैलेस में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज का आयोजन किया गया है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के लिए हवा महल और शहर के अन्य प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है, जिससे भारतीय संस्कृति और स्थापत्य कला का संदेश वैश्विक स्तर पर पहुंचे। जयपुर में आयोजित हो रहे ये सम्मेलन केवल औपचारिक कूटनीतिक संवाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक साख, आर्थिक साझेदारी की मजबूती और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति के दृष्टिकोण से अत्यंत दूरगामी परिणाम देने वाले सिद्ध होंगे। इसका आप पर असर भारत में: ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, तकनीक और स्थानीय मुद्रा में कारोबार से भारतीय उद्योगों, विशेषकर MSME और स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार और निवेश के नए अवसर मिलेंगे। जयपुर में: अंतरराष्ट्रीय बैठकों और विदेशी मेहमानों के आगमन से जयपुर में पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ शहर का वैश्विक प्रोफाइल और मजबूत होगा। सवाल-जवाब 1. जयपुर में आयोजित ब्रिक्स बैठकों का मुख्य उद्देश्य क्या है? इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार, निवेश, विनिर्माण, हरित तकनीक, डिजिटल कॉमर्स और एमएसएमई सहयोग को बढ़ावा देना है। 2. 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन का मुख्य विषय क्या था? इस सम्मेलन का आधिकारिक विषय 'सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण' रखा गया था। 3. उद्योग मंत्रियों की बैठक में भारत ने कौन से दो नए प्रस्ताव रखे? भारत ने सदस्य देशों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 'ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क' और 'ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। 4. जयपुर में ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक कब आयोजित होगी? 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक 7 अगस्त को जयपुर में आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल करेंगे। 5. जयपुर बैठकों का नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से क्या संबंध है? जयपुर में हो रही मंत्रीस्तरीय बैठकें सितंबर में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए एजेंडा और रणनीतिक आधार तैयार कर रही हैं। https://trendkia.com/business/gulabi-nagari-men-juta-vaishvika-arthika-mncha-piyush-goyal-ki-maujudagi-men-brics-deshon-ne-msme-aura-saura-urja-para-banai-sajha-14525 TrendKia — Har trend, sabse pehle.