# गुरुग्राम में एडिडास ने टेक हब के लगभग आधे कर्मचारियों को निकाला, सॉफ्टवेयर और डेटा टीम पर बड़ा असर

> स्पोर्ट्सवियर दिग्गज एडिडास ने गुरुग्राम स्थित टेक्नोलॉजी हब से 45 से 50 फीसदी कर्मियों की छंटनी की है। कुछ कर्मचारियों को तुरंत एग्जिट लेटर थमा दिया गया है जबकि बाकी को 15 दिसंबर तक हैंडओवर का समय मिला है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/gurugram-men-adidas-ne-teka-haba-ke-lagabhaga-adhe-karmachariyon-ko-nikala-sophtaveyara-aura-deta-tima-para-bara-asara-36652 · **Language:** Hindi
**Tags:** एडिडास, गुरुग्राम, टेक छंटनी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, जॉब कट

अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्सवियर ब्रांड एडिडास के भारतीय टेक्नोलॉजी संचालन में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को हटाने का कदम उठाया गया है। गुरुग्राम स्थित कंपनी के टेक्नोलॉजी केंद्र में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों पर इस फैसले की गाज गिरी है। इस केंद्र में कुल कार्यबल करीब 700 कर्मचारियों का रहा है, जिसमें से लगभग 45 से 50 प्रतिशत कर्मियों को नौकरी से मुक्त किया जा रहा है। हालांकि इस छंटनी की आधिकारिक और सटीक संख्या कंपनी की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।

## टाउन हॉल बैठक में मिली छंटनी की सूचना
कर्मचारियों को इस बड़े बदलाव की जानकारी 15 सितंबर को आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के दौरान दी गई। इस कटौती में मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और डेटा इंजीनियर जैसे तकनीकी विशेषज्ञ प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने इन प्रभावित कर्मचारियों को मुख्य रूप से दो अलग-अलग समूहों में वर्गीकृत किया है। पहले समूह में आने वाले कर्मचारियों को उसी दिन यानी 15 सितंबर को तत्काल प्रभाव से बाहर जाने का पत्र थमा दिया गया, जिससे उनकी सेवाएं तुरंत समाप्त हो गईं।

## दूसरे समूह को हैंडओवर के लिए 15 दिसंबर तक की मोहलत
दूसरे समूह में रखे गए कर्मियों को कुछ समय के लिए अपने पद पर बने रहने का निर्देश दिया गया है। इन कर्मचारियों को 15 दिसंबर तक काम जारी रखने और दूसरे तकनीकी केंद्रों को जरूरी हैंडओवर पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस समयावधि के दौरान प्रभावित कर्मियों को कंपनी के भीतर ही किसी अन्य पद या नई भूमिका की तलाश करने की अनुमति दी गई है। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तारीख तक संस्थान के भीतर कोई नया पद पाने में असमर्थ रहता है, तो 15 दिसंबर ही उसका अंतिम कार्य दिवस माना जाएगा।

## संचालन मॉडल में बदलाव और एडिडास का रुख
एडिडास ने भारत में अपनी तकनीकी शाखा के कुछ पदों को समाप्त करने के कठिन निर्णय की पुष्टि की है, यद्यपि उसने प्रभावित लोगों का सही आंकड़ा साझा करने से परहेज किया। कंपनी के अनुसार, यह कदम बदलते व्यापारिक माहौल और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपने ऑपरेटिंग मॉडल को ढालने के लिए उठाया गया है। संस्थान की आंतरिक संरचना को सरल बनाने, प्रमुख क्षमताओं को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के उद्देश्य से यह पुनर्गठन किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत कंपनी के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार बना रहेगा और यहां का केंद्र आगे भी डिजिटल बदलाव तथा नवाचार में अपनी अहमियत बनाए रखेगा।

## इसका आप पर असर
इस छंटनी से भारतीय आईटी और टेक पेशेवरों के लिए नौकरी की स्थिरता पर सीधा असर दिख रहा है।

- **भारत में:** बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भारतीय कैप्टिव केंद्रों में काम करने वाले टेक प्रोफेशनल्स के लिए हायरिंग के अवसर सीमित हो सकते हैं। सॉफ्टवेयर और डेटा इंजीनियर्स को अब मल्टी-स्किलिंग और वैकल्पिक करियर विकल्पों पर सक्रिय रूप से ध्यान देना होगा।
- **गुरुग्राम में:** साइबर हब और आसपास के आईटी क्षेत्र में अचानक सैकड़ों अनुभवी टेक कर्मचारियों के बाजार में आने से स्थानीय स्तर पर नई नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। प्रभावित पेशेवरों को 15 दिसंबर की अंतिम समयसीमा से पहले नए रोजगार या आंतरिक ट्रांसफर के लिए तेजी दिखानी होगी।
- **टेक कर्मचारियों के लिए:** वैश्विक ब्रांड्स द्वारा इन-हाउस टेक टीमों की रीस्ट्रक्चरिंग के चलते नोटिस पीरियड और हैंडओवर प्रक्रियाओं की शर्तों में बदलाव हो रहा है। कर्मियों को अपनी वित्तीय सुरक्षा के लिए इमरजेंसी फंड मजबूत रखना चाहिए और आंतरिक जॉब पोर्टल्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
- **इंडस्ट्री के लिए:** बड़ी खुदरा और स्पोर्ट्स कंपनियों द्वारा तकनीक बजट का पुनर्गठन यह दर्शाता है कि लागत नियंत्रण प्राथमिकता बन रहा है। इससे अन्य विदेशी कंपनियों के टेक हब्स में भी दक्षता बढ़ाने और पुनर्गठन की गति तेज हो सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
एडिडास द्वारा अपने भारतीय टेक्नोलॉजी हब में छंटनी का कदम कंपनी के ऑपरेटिंग मॉडल को वैश्विक स्तर पर पुनर्गठित करने की रणनीति के तहत उठाया गया है।

- **ऑपरेटिंग मॉडल का पुनर्गठन:** कंपनी ने स्वीकार किया है कि तेजी से बदलती व्यापारिक और तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उसने अपनी संगठनात्मक संरचना को बदलने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य आंतरिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और केवल आवश्यक तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है।
- **भूमिकाओं की पुनः समीक्षा:** सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और डेटा इंजीनियरिंग जैसे विभागों में कार्यों को अन्य वैश्विक टेक हब्स को हैंडओवर करने की योजना बनाई गई है। इससे संकेत मिलता है कि कुछ कार्यप्रणालियों को एक ही जगह केंद्रित करने या बाहरी सहयोगियों के साथ समायोजित करने की कोशिश हो रही है।
- **लागत और दक्षता की प्राथमिकता:** बदलते आर्थिक माहौल में लंबी अवधि की व्यावसायिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए गैर-कोर अथवा पुनरावृत्त तकनीकी पदों को घटाया जा रहा है। कंपनी ने भारत को रणनीतिक बाजार माना है लेकिन अपनी लागत दक्षता बढ़ाने के लिए पदों की संख्या सीमित की है।

## सवाल-जवाब

### 1. एडिडास ने किस शहर के टेक हब में छंटनी की है?
एडिडास ने भारत में हरियाणा के गुरुग्राम स्थित अपने इंडिया टेक्नोलॉजी हब में कर्मचारियों की छंटनी की है।

### 2. इस कटौती से कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं?
इस केंद्र के कुल 700 कर्मचारियों में से लगभग 45 से 50 प्रतिशत स्टाफ पर छंटनी का असर पड़ा है।

### 3. कर्मचारियों को इस फैसले की सूचना कब और कैसे दी गई?
कंपनी ने 15 सितंबर को आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के दौरान कर्मियों को इस निर्णय के बारे में बताया।

### 4. किन तकनीकी पदों के कर्मियों पर सबसे अधिक असर पड़ा है?
इस कटौती से मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और डेटा इंजीनियर जैसे तकनीकी पद प्रभावित हुए हैं।

### 5. दूसरे समूह के कर्मचारियों के पास काम करने के लिए कब तक का समय है?
दूसरे समूह के कर्मचारियों को हैंडओवर पूरा करने और आंतरिक भूमिकाएं खोजने के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है।

### 6. कंपनी ने इस छंटनी के पीछे क्या वजह बताई है?
कंपनी ने कहा कि व्यापार की बदलती जरूरतों के हिसाब से ऑपरेटिंग मॉडल को ढालने और संगठन को सरल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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