गुरुग्राम में बनेगी देश की सबसे ऊंची इमारत, दुबई की बुर्ज खलीफा से होगी बस इतनी सी कम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुरुग्राम में दुबई की तर्ज पर देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने की योजना है। ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली यह भव्य बिल्डिंग करीब 620 से 700 मीटर ऊंची होगी। देश के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय केंद्रों में शुमार गुरुग्राम अब वास्तुकला के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहाँ खाड़ी देशों के प्रसिद्ध शहरों की तर्ज पर एक अत्यंत भव्य और देश की सबसे ऊंची गगनचुंबी इमारत के निर्माण की योजना पर काम शुरू हो चुका है। यह महत्वाकांक्षी ढांचा शहर के ग्लोबल सिटी क्षेत्र के अंतर्गत विकसित किया जाएगा, जो वास्तुकला और आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना साबित होगा। द्वारका एक्सप्रेसवे के पास तैयार होगा प्रोजेक्ट यह विशाल परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे के पास लगभग 1,000 एकड़ में फैली ग्लोबल सिटी का एक अहम हिस्सा है। इस प्रस्तावित इमारत की ऊंचाई करीब 700 मीटर तक निर्धारित की गई है, जो विश्व प्रसिद्ध दुबई की बुर्ज खलीफा की 828 मीटर ऊंचाई से केवल 128 मीटर ही कम है। इस परियोजना के लिए सेक्टर 36, 36बी, 37 और 37बी के पास की भूमि को चुना गया है, जहाँ शहरी बुनियादी ढांचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मुंबई और नोएडा के रिकॉर्ड पीछे छूटे वर्तमान में देश की सबसे ऊंची इमारतों की सूची में मुंबई की रॉयल पैलेस शामिल है जिसकी ऊंचाई 320 मीटर है, जबकि नोएडा की सुपरनोवा इमारत करीब 300 मीटर ऊंची है। गुरुग्राम में बनने जा रही यह नई संरचना इन सभी मौजूदा रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए देश की सबसे लंबी इमारत का दर्जा हासिल कर लेगी। इस विशाल टॉवर में केवल आवासीय इकाई, व्यावसायिक कार्यालय और लक्जरी होटल ही नहीं होंगे, बल्कि अत्याधुनिक शॉपिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे ताकि यह स्थान व्यापारिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बन सके। लाखों लोगों की आवाजाही और आधुनिक सुविधाएं इस अद्भुत डिजाइन वाली इमारत और इसके आसपास के परिसर में एक समय में बड़ी संख्या में आगंतुकों और काम करने वाले लोगों के आने-जाने की पूरी व्यवस्था होगी। योजना के अनुसार इस परिसर की दैनिक क्षमता लगभग 5.2 लाख विजिटर्स को संभालने की होगी। हरियाणा विकास प्राधिकरण ने इस योजना के तहत जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द ही शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसे बाद में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए निजी बिल्डरों को सौंपा जाएगा। इस पूरे शहर की रूपरेखा सिंगापुर, टोक्यो और दुबई जैसे विकसित महानगरों से प्रेरित होकर तैयार की जा रही है। भारी-भरकम निवेश और रोजगार के नए अवसर इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित निर्माण लागत लगभग 15 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि यहाँ ट्रेड पार्क के पूरी तरह से विकसित हो जाने के बाद करीब 10 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश आने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही इस परियोजना से रोजगार के भी द्वार खुलेंगे और लगभग 5 लाख नए जॉब के अवसर पैदा होंगे। ग्लोबल सिटी से हवाई अड्डा और अन्य प्रमुख शहरी सुविधाएं महज 15 मिनट की दूरी पर उपलब्ध होंगी। शहर की सुंदरता को बनाए रखने के लिए सभी प्रकार के बिजली और संचार के तारों को जमीन के नीचे से निकाला जाएगा तथा यातायात को सुगम बनाने के लिए इसके नीचे 10.50 किलोमीटर लंबी एक विशेष टनल का निर्माण भी किया जाएगा। हरियाली और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर इस विशाल मास्टर प्लान को धरातल पर पूरी तरह से उतरने में लगभग 15 साल का लंबा समय लग सकता है। इस पूरी योजना का सबसे खास आकर्षण इसका पर्यावरण अनुकूल होना है, जिसमें कुल क्षेत्रफल का 56 प्रतिशत हिस्सा केवल हरियाली के लिए आरक्षित रहेगा। यहाँ बड़े पैमाने पर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे और खूबसूरत पार्क विकसित किए जाएंगे। इमारतों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, स्मार्ट मीटर का उपयोग और एक बड़ी कृत्रिम साफ पानी की झील का निर्माण किया जाएगा। इन सभी उपायों के चलते इस क्षेत्र का तापमान गर्मियों के दौरान आसपास के इलाकों से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम रहेगा। इस आधुनिक विकास से यहाँ की संपत्ति के मूल्यों में भारी वृद्धि होगी और दो सौ से अधिक विदेशी कंपनियों को इस क्षेत्र में निवेश करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इसका आप पर असर गुरुग्राम में बनने वाली देश की सबसे इस सबसे ऊंची इमारत और ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट का असर आम नागरिकों और निवेशकों पर व्यापक रूप से पड़ेगा। • भारत में: देश भर के रियल एस्टेट बाजार और निवेशकों का ध्यान इस मेगा प्रोजेक्ट की ओर आकर्षित होगा, जिससे एनसीआर क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। • गुरुग्राम में: स्थानीय स्तर पर संपत्ति की कीमतों में उछाल आने की संभावना है और यहाँ लगभग 5 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे जिससे स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। • बुनियादी ढांचा: शहर में आधुनिक टनल और भूमिगत बिजली लाइनों के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। • पर्यावरण: इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरियाली और सोलर एनर्जी के उपयोग से गर्मियों के दिनों में तापमान नियंत्रण में मदद मिलेगी और प्रदूषण घटेगा। • व्यापारिक वृद्धि: दो सौ से अधिक विदेशी कंपनियों के आने से स्थानीय बाजार में व्यावसायिक अवसरों का दायरा काफी हद तक बढ़ जाएगा। ऐसा क्यों हुआ गुरुग्राम में इतनी ऊंची इमारत बनाने और ग्लोबल सिटी विकसित करने का निर्णय शहर को वैश्विक व्यापार और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति के तहत लिया गया है। इस परियोजना के पीछे बढ़ते शहरीकरण और आधुनिक बुनियादी ढांचे की मांग मुख्य वजह है। • वैश्विक निवेश: शहर को सिंगापुर, टोक्यो और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए इस प्रकार के मेगा प्रोजेक्ट की आवश्यकता महसूस की गई थी। • भूमि उपलब्धता: द्वारका एक्सप्रेसवे के पास लगभग 1,000 एकड़ विशाल भूमि की उपलब्धता ने इस प्रकार के एक बड़े मास्टर प्लान को तैयार करना संभव बनाया है। • आर्थिक विजन: हरियाणा सरकार और स्थानीय विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर क्षेत्र में भारी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। सवाल-जवाब 1. गुरुग्राम में बनने वाली नई इमारत की ऊंचाई कितनी होगी? इस प्रस्तावित इमारत की ऊंचाई लगभग 620 से 700 मीटर के बीच होगी। 2. यह इमारत दुबई की बुर्ज खलीफा से कितनी छोटी है? यह इमारत दुबई की बुर्ज खलीफा से महज 100 से 128 मीटर तक छोटी है। 3. यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम में कहाँ बनाया जा रहा है? यह प्रोजेक्ट द्वारका एक्सप्रेसवे के पास गुरुग्राम के सेक्टर 36, 36बी, 37 और 37बी में विकसित किया जा रहा है। 4. इस परियोजना से कितने रोजगार के अवसर पैदा होंगे? इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से लगभग 5 लाख नौकरियां पैदा होने की संभावना है। 5. इस मास्टर प्लान को पूरा होने में कितना समय लगेगा? इस पूरे मास्टर प्लान को तैयार होने में लगभग 15 साल का समय लग जाएगा। https://trendkia.com/business/gurugram-men-banega-desha-ka-sabase-uncha-tovara-burj-khalifa-se-hogi-basa-itani-si-kama-48708 TrendKia — Har trend, sabse pehle.