हर दिन ₹416 की बचत से बेटी के नाम जुड़ सकते हैं ₹72 लाख, समझिए सुकन्या समृद्धि योजना का पूरा हिसाब सुकन्या समृद्धि योजना में 8.2% की चक्रवृद्धि ब्याज दर के साथ रोजाना करीब ₹416 जमा करके बेटी के 21 साल पूरे होने पर लगभग ₹72 लाख का फंड तैयार किया जा सकता है, और यह पूरी रकम टैक्स फ्री रहती है। बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की सोच रहे माता-पिता के लिए सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक भरोसेमंद रास्ता बनकर उभरी है। थोड़ी-थोड़ी रोजाना की बचत किस तरह दो दशक में एक बड़ी रकम में बदल जाती है, इसका सीधा उदाहरण इसी स्कीम में देखने को मिलता है। आइए, पहले इसकी खूबियां समझते हैं और फिर वह गणित जिससे आपकी बिटिया के नाम पूरे ₹72 लाख जुड़ सकते हैं। क्यों खास है यह योजना इस स्कीम में जमा रकम पर सरकार फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज दे रही है, जो ज्यादातर सरकारी बचत योजनाओं की तुलना में ऊंचा है। इसमें ब्याज पर भी ब्याज, यानी चक्रवृद्धि का फायदा मिलता है। हर तीन महीने में जमा राशि पर बना ब्याज वापस मूलधन में जोड़ दिया जाता है, और यही प्रक्रिया लंबी अवधि में पैसे को कई गुना रफ्तार से बढ़ा देती है। ब्याज दरों की समीक्षा सरकार हर तिमाही करती है और जरूरत के मुताबिक उनमें बदलाव भी कर सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह योजना पूरी तरह सरकारी गारंटी के साथ आती है, इसलिए इसमें लगाया पैसा डूबने का कोई डर नहीं रहता। किसके लिए और कैसे खुलवाएं खाता यह स्कीम सिर्फ बेटियों के लिए है। एक परिवार अपनी दस साल तक की उम्र वाली दो बेटियों के नाम खाता खुलवा सकता है। खाता बेटी के जन्म से लेकर उसकी 10 साल की उम्र पूरी होने से पहले कभी भी खोला जा सकता है। इसके लिए बेटी के माता-पिता या उनके कानूनी अभिभावक नजदीकी Post Office या देश के किसी भी अधिकृत सरकारी और निजी बैंक में जाकर आसानी से यह खाता खुलवा सकते हैं। ₹72 लाख का गणित अब बात उस हिसाब की जिससे यह बड़ी रकम बनती है। इसके लिए हर महीने बेटी के खाते में ₹12,500 जमा करने होंगे, यानी रोजाना के हिसाब से करीब ₹416। इस तरह हर महीने ₹12,500 जमा करते हुए आप सालाना अधिकतम निवेश सीमा ₹1.5 लाख तक आसानी से पहुंच जाते हैं। अगर यह अनुशासित निवेश लगातार 15 साल तक जारी रहता है, तो आपकी जेब से जमा हुई असल पूंजी करीब ₹22.50 लाख बैठती है। खास बात यह है कि पैसा पूरे 21 साल तक नहीं डालना पड़ता। निवेश सिर्फ शुरुआती 15 साल का होता है, और उसके बाद के अगले 6 साल तक भी सरकार जमा रकम पर ब्याज देती रहती है। योजना का मैच्योरिटी पीरियड 21 साल का है। जब यह खाता पूरी अवधि के बाद मैच्योर होता है, तो 8.2% की स्थिर ब्याज दर के हिसाब से यह रकम बढ़कर लगभग ₹71.82 लाख हो जाती है। इसमें से करीब ₹49.32 लाख की मोटी रकम सिर्फ सरकार की ओर से मिलने वाला शुद्ध ब्याज होती है, यानी आपकी जमा पूंजी से दोगुने से भी ज्यादा। टैक्स का पूरा फायदा सुकन्या समृद्धि योजना ‘ट्रिपल ई’ (EEE) कैटेगरी में आती है। इसका सीधा मतलब यह है कि इसमें सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत पूरी टैक्स छूट मिलती है। इतना ही नहीं, हर साल मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर हाथ आने वाली पूरी ₹72 लाख की रकम पर भी सरकार एक रुपया टैक्स नहीं वसूलती। इसी वजह से लंबी अवधि में यह स्कीम बेटियों के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं मानी जाती। इसका आप पर असर आपके लिए इसका क्या मतलब है: • निवेशकों के लिए: हर महीने ₹12,500 (रोजाना करीब ₹416) जमा करके 15 साल में करीब ₹22.50 लाख लगाने पर 21 साल बाद लगभग ₹72 लाख का टैक्स फ्री फंड बेटी के लिए तैयार हो जाता है। • टैक्स बचत: सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर धारा 80C के तहत छूट मिलती है और ब्याज व मैच्योरिटी रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता, जिससे आपकी कर देनदारी घटती है। सवाल-जवाब 1. ₹72 लाख का फंड पाने के लिए हर दिन कितने पैसे बचाने होंगे? हर महीने ₹12,500, यानी रोजाना करीब ₹416 जमा करने होंगे, जो सालाना ₹1.5 लाख की अधिकतम सीमा तक पहुंच जाते हैं। 2. क्या पूरे 21 साल तक पैसे जमा करने पड़ते हैं? नहीं, निवेश सिर्फ शुरुआती 15 साल का करना होता है। उसके बाद के 6 साल तक भी सरकार जमा रकम पर ब्याज देती रहती है। 3. इस योजना में अभी कितना ब्याज मिल रहा है? फिलहाल सरकार 8.2% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज दे रही है, जिसकी समीक्षा हर तिमाही होती है। 4. खाता कब और किसके नाम खुलवाया जा सकता है? यह सिर्फ बेटियों के लिए है और जन्म से लेकर 10 साल की उम्र पूरी होने से पहले Post Office या अधिकृत बैंक में खोला जा सकता है, अधिकतम दो बेटियों के नाम। https://trendkia.com/business/hara-dina-416-ki-bachata-se-beti-ke-nama-jura-sakate-hain-72-lakha-samajhie-suka-1232 TrendKia — Har trend, sabse pehle.