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  "type": "article",
  "title": "हरियाणा में बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो दौड़ाने की योजना, 28 किलोमीटर लंबा रूट होगा तैयार",
  "summary": "हरियाणा सरकार ने बल्लभगढ़ से पलवल के बीच करीब 28 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर की अंतिम रिपोर्ट को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा है। इस रूट पर 10 स्टेशन बनाए जाएंगे।",
  "content": "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरियाणा के दो प्रमुख शहरों बल्लभगढ़ और पलवल के बीच सफर को तेज और सुगम बनाने की दिशा में नया कदम उठाया गया है। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो लाइन के विस्तार की तैयारी की जा रही है। यह पूरा नया ट्रैक जमीन के ऊपर यानी एलिवेटेड ढांचे पर तैयार किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 28 किलोमीटर होगी। इस पूरे मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगभग 10 नए स्टेशन स्थापित किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस नई परिवहन व्यवस्था के अमल में आने से दोनों इलाकों के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को सीधी राहत मिलने की संभावना है, हालांकि इस प्रोजेक्ट पर अंतिम प्रशासनिक मुहर और आगे की सभी जरूरी अनुमतियां मिलना अभी बाकी है।\n\nपरियोजना की लागत और स्टेशनों की रूपरेखा\nतैयार की गई योजना के विवरण के अनुसार, यह प्रस्तावित ट्रैक बल्लभगढ़ से अपनी यात्रा शुरू करेगा और सीधे पलवल तक पहुंचेगा। इस रूट का अंतिम यात्री स्टेशन पलवल के लघु सचिवालय परिसर के नजदीक बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि ट्रैक का अंतिम छोर पलवल पुलिस लाइन के पास निर्धारित किया गया है। इस पूरे बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है। निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने का दायित्व हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी HMRTC को सौंपे जाने की बात कही गई है। इस प्रोजेक्ट के शुरुआती तकनीकी अध्ययन के दौरान वर्ष 2023 में करीब 25 किलोमीटर लंबे रूट पर 10 स्टेशन बनाने की बात कही गई थी, जिसे बाद में संशोधित करते हुए लगभग 28 किलोमीटर तक विस्तारित करने की नई योजना तैयार की गई।\n\nव्यवहार्यता रिपोर्ट को मिली मंजूरी, अब केंद्र के फैसले का इंतजार\nहरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बल्लभगढ़ और पलवल के बीच प्रस्तावित मेट्रो लाइन के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक के दौरान HMRTC के प्रबंध निदेशक अजय कुमार ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना से जुड़ी अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार की इस स्वीकृति के बाद पूरी रिपोर्ट को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पास औपचारिक विचार और आगामी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत रिपोर्ट को हरी झंडी मिलना और जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने की अंतिम वित्तीय व तकनीकी अनुमति मिलना दो अलग-अलग चरण होते हैं। यही कारण है कि साइट पर काम शुरू होने की तारीख और परियोजना के पूरी तरह तैयार होने की समयसीमा के संबंध में अभी कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है।\n\nगुरुग्राम में सेक्टर-56 से पचगांव तक 28 नए एलिवेटेड स्टेशनों की तैयारी\nसमीक्षा बैठक के दौरान केवल बल्लभगढ़-पलवल रूट ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम में भी मेट्रो के विस्तार से जुड़ी एक अन्य बड़ी परियोजना की स्थिति की समीक्षा की गई। गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन की लंबाई करीब 35.25 किलोमीटर होगी। इस पूरे कॉरिडोर पर 28 एलिवेटेड स्टेशन बनाने का खाका खींचा गया है, जिस पर लगभग 10,410 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस रूट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR पहले ही तैयार की जा चुकी है और विभिन्न स्तरों पर इसकी मंजूरियां हासिल करने की प्रक्रिया चल रही है। योजना के मुताबिक, पचगांव में एक प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन विकसित किया जाएगा, जो सराय काले खां से बावल तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन और मेट्रो को आपस में जोड़ेगा, जिससे यात्रियों को अलग-अलग साधनों के बीच निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।\n\nइसका आप पर असर\nइस मेट्रो विस्तार से फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों कामकाजी लोगों और छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।\n\n• हरियाणा में दैनिक यात्रियों के लिए: बल्लभगढ़ और पलवल के बीच 28 किलोमीटर लंबे रूट पर 10 नए स्टेशन बनने से सड़क मार्ग पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। लोग कम समय और किफायती किराए में सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे।\n• गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर कनेक्टिविटी: गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पचगांव तक 28 स्टेशनों वाले नए रूट और नमो भारत ट्रेन के साथ इंटरचेंज बनने से एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में आना-जाना सुगम होगा। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आ सकती है।\n• रियल एस्टेट और स्थानीय रोजगार: मेट्रो लाइन के किनारे मौजूद रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों के मूल्यांकन में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बुनियादी ढांचे के विस्तार से निर्माण कार्य के दौरान और उसके बाद स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।\n• आधिकारिक समयसीमा और अगले कदम: यह योजना अभी व्यवहार्यता रिपोर्ट स्वीकृत होने के चरण में है और अंतिम निर्माण मंजूरी केंद्र सरकार से मिलनी बाकी है। आम जनता को वास्तविक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए निर्माण शुरू होने और परियोजना पूरी होने की समयसीमा का इंतजार करना होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदिल्ली-एनसीआर में बढ़ते शहरीकरण और सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव के कारण हरियाणा सरकार क्षेत्रीय सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत कर रही है।\n\n• बढ़ती यात्रा मांग और सड़क जाम: बल्लभगढ़ और पलवल के बीच भारी संख्या में दैनिक यात्री निजी और सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करते हैं। सड़क मार्ग पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए रैपिड रेल और मेट्रो जैसे विकल्पों की जरूरत महसूस की गई।\n• तकनीकी मूल्यांकन और विस्तार: वर्ष 2023 में 25 किलोमीटर रूट का शुरुआती अध्ययन किया गया था, जिसे क्षेत्रीय जरूरतों को देखते हुए बढ़ाकर 28 किलोमीटर किया गया। बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए लघु सचिवालय और पुलिस लाइन तक ट्रैक का विस्तार शामिल किया गया।\n• प्रशासनिक पहल: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट को हरी झंडी दी, जिसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसे केंद्र के पास भेजने का निर्णय लिया गया। वित्तीय व्यवहार्यता और तकनीकी मापदंडों के आधार पर अब केंद्रीय मंत्रालय की अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी होगी?\nइस प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 28 किलोमीटर होगी।\n\n2. इस नए मेट्रो रूट पर कुल कितने स्टेशन बनाए जाएंगे?\nप्रस्तावित योजना के अनुसार बल्लभगढ़ से पलवल के बीच करीब 10 नए स्टेशन बनाए जाएंगे।\n\n3. बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो परियोजना की अनुमानित लागत क्या है?\nइस परियोजना के निर्माण पर लगभग 4,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आने की बात कही गई है।\n\n4. पलवल में अंतिम मेट्रो स्टेशन कहां प्रस्तावित है?\nअंतिम स्टेशन पलवल लघु सचिवालय परिसर के पास प्रस्तावित है, जबकि लाइन का अंतिम छोर पलवल पुलिस लाइन के पास होगा।\n\n5. गुरुग्राम में प्रस्तावित नए मेट्रो रूट की लंबाई और लागत कितनी है?\nगुरुग्राम के सेक्टर-56 से पचगांव तक का रूट करीब 35.25 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी अनुमानित लागत करीब 10,410 करोड़ रुपये है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-10-09",
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    "बल्लभगढ़ पलवल मेट्रो",
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