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  "type": "article",
  "title": "हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड फंड गबन: सीबीआई ने दो अधिकारियों को दबोचा, 50 करोड़ रुपये का है मामला",
  "summary": "हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के 50 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में सीबीआई ने दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। यह धोखाधड़ी चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुए 504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का हिस्सा है।",
  "content": "केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड से जुड़े 50 करोड़ रुपये के कथित गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को हिरासत में लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने पहले ही जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में अकाउंट्स ऑफिसर जुगल किशोर और कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत अकाउंटेंट अमित कुमार शामिल हैं।\n\nआईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले का कनेक्शन\nजांच एजेंसी के प्रवक्ता के अनुसार, यह गबन चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में हुए एक व्यापक बैंकिंग घोटाले की एक कड़ी है। इस विस्तृत घोटाले में राज्य सरकार के आठ विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 504 करोड़ रुपये की राशि को निशाना बनाया गया था। धोखाधड़ी करने वालों ने सरकारी धन को हड़पने के लिए फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी सावधि जमा का सहारा लिया और अनधिकृत डेबिट ट्रांज़ैक्शन के जरिए सरकारी खजाने को खाली किया।\n\nशेल कंपनियों में भेजा गया पैसा\nसीबीआई की पड़ताल से खुलासा हुआ है कि हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के खाते से निकाला गया 50 करोड़ रुपये का सरकारी फंड सीधे विभिन्न शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इन फर्जी कंपनियों में कैपको फिनटेक सर्विसेज, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स जैसी इकाइयां शामिल हैं। सरकारी रिकॉर्ड और ट्रांज़ैक्शन की बारीकी से जांच करने के बाद एजेंसी को इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ ठोस सबूत मिले, जिसके आधार पर गिरफ्तारी की गई है।\n\nजांच का दायरा और प्रक्रिया\nयह पूरा मामला हरियाणा सरकार के आठ सरकारी विभागों के 504 करोड़ रुपये के फंड से जुड़ा हुआ है। फर्जी कंपनियों के माध्यम से इस भारी भरकम राशि को इधर-उधर करने का नेटवर्क काफी जटिल था, जिसे सीबीआई अब खोलने का प्रयास कर रही है। एजेंसी का मानना है कि सरकारी फंड का दुरुपयोग जिस तरीके से किया गया, उसमें बैंक के भीतर की मिलीभगत और इन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत संदिग्ध थी। सीबीआई के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों ने इन दोनों की संलिप्तता को पूरी तरह साबित किया है, जिसके बाद ही कानून सम्मत गिरफ्तारी की गई।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सरकारी विभागों में वित्तीय निगरानी और आंतरिक ऑडिट की प्रक्रियाओं को सख्त किया जा सकता है।\n\nहरियाणा में: राज्य सरकार के विभागों के साथ काम करने वाले अधिकारियों और बैंकों पर वित्तीय लेनदेन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सीबीआई ने कितने रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तारी की है?\nसीबीआई ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड से जुड़े 50 करोड़ रुपये के कथित गबन के मामले में गिरफ्तारी की है।\n\n2. गिरफ्तार किए गए अधिकारी कौन हैं?\nगिरफ्तार किए गए अधिकारियों में अकाउंट्स ऑफिसर जुगल किशोर और कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत अकाउंटेंट अमित कुमार शामिल हैं।\n\n3. यह घोटाला किस बैंक से जुड़ा है?\nयह कथित धोखाधड़ी चंडीगढ़ में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा से जुड़ी हुई है।\n\n4. कुल घोटाला कितने रुपये का बताया जा रहा है?\nयह पूरा मामला राज्य सरकार के आठ विभागों से संबंधित 504 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड के घोटाले का है।",
  "url": "https://trendkia.com/business/haryana-shrama-kalyana-borda-phnda-gabana-sibiai-ne-do-adhikariyon-ko-dabocha-50-karora-rupaye-ka-hai-mamala-5900",
  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-08",
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    "हरियाणा",
    "सीबीआई",
    "गबन",
    "आईडीएफसी बैंक",
    "लेबर वेलफेयर बोर्ड"
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  "site": "TrendKia"
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