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  "type": "article",
  "title": "ई-कॉमर्स साइटों पर बारूद और खतरनाक रसायनों की खुली बिक्री पर सीसीपीए का शिकंजा, हज़ारों विक्रेता हटाए गए",
  "summary": "सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन जैसे खतरनाक विस्फोटक बेचने वाले लगभग 3940 ऑनलाइन विक्रेताओं को विभिन्न पोर्टल्स से हटवा दिया है।",
  "content": "इंटरनेट के माध्यम से विस्फोटक सामग्री की अनियंत्रित खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए उपभोक्ता मामलों के शीर्ष नियामक ने बड़ा कदम उठाया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने देश के कई प्रमुख ऑनलाइन व्यापारिक मंचों पर सख्त कार्रवाई करते हुए घातक रसायनों और विस्फोटक पदार्थों की अनधिकृत लिस्टिंग को पूरी तरह हटवा दिया है। इस कड़े विनियामक हस्तक्षेप के बाद विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने नियम तोड़ने वाले करीब 3,940 वेंडर्स और उनसे संबंधित उत्पादों के पन्नों को अपने सिस्टम से पूरी तरह निष्कासित कर दिया है।\n\nजांच के दायरे में आए प्रमुख बिजनेस प्लेटफॉर्म\nनियामक संस्था द्वारा जारी किए गए आधिकारिक विवरण के मुताबिक, देश के सात जाने-माने ऑनलाइन बाज़ार इस सख्त निगरानी के दायरे में आए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स में इंडियामार्ट, ट्रेडइंडिया, डायल4ट्रेड, जस्टडायल, सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया, एक्सपोर्ट्सइंडिया और आईबायकेमिकल्स शामिल हैं। प्राधिकरण ने इन सभी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर नियमों की अनदेखी पर जवाब तलब किया है। सार्वजनिक सुरक्षा और उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि डिजिटल बाज़ार अवैध वस्तुओं के व्यापार का अड्डा न बन सकें।\n\nखुलेआम बेचे जा रहे थे घातक रसायन और विस्फोटक\nजांच के दौरान यह गंभीर तथ्य सामने आया कि इन डिजिटल मंचों पर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर अत्यंत संवेदनशील पदार्थों की पेशकश की जा रही थी। वेंडर्स द्वारा अमोनियम नाइट्रेट, बारूद, पिक्रिक एसिड और पेंटाएरीथ्रिटॉल टेट्रानाइट्रेट यानी पीईटीएन जैसे अत्यंत ज्वलनशील व विनाशकारी रसायन बेचे जा रहे थे। इस तरह के तत्वों की आम जनता के लिए खुली उपलब्धता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा मानी जाती है। इसी जोखिम को भांपते हुए विनियामक प्राधिकरण ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कंपनियों पर शिकंजा कसा।\n\nलाखों रुपये का आर्थिक दंड और अंतिम आदेश\nनियामक ने मामलों के निपटारे की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब तक दो कंपनियों के विरुद्ध तीन अलग-अलग प्रकरणों में अंतिम आदेश पारित कर दिए हैं। नियमों के घोर उल्लंघन के आरोप में डायल4ट्रेड पर अमोनियम नाइट्रेट की अवैध उपलब्धता को लेकर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, एक्सपोर्ट्सइंडिया का संचालन करने वाली कंपनी वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड पर अमोनियम नाइट्रेट तथा पीईटीएन की लिस्टिंग के मामले में 10 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। इसी कंपनी पर पिक्रिक एसिड की बिक्री सुगम बनाने के एक अन्य मामले में भी अलग से 10 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है।\n\nतीन कंपनियों पर विस्तृत जांच जारी\nअंतिम फैसलों के अतिरिक्त तीन अन्य व्यापारिक मंचों के खिलाफ गहन पड़ताल अभी भी जारी है। सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप है कि उसने अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन और पिक्रिक एसिड को ऑनलाइन प्रदर्शित किया, उनका प्रचार किया और बिक्री प्रक्रिया में सहायता की। इसी प्रकार, इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले ट्रेडइंडिया पोर्टल पर पिक्रिक एसिड और पीईटीएन के प्रदर्शन और संवर्धन के मामले में जांच चल रही है। वहीं, आईबायकेमिकल्स पर भी पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन मौजूदगी और उसके विज्ञापन को लेकर विनियामक जांच का सामना करना पड़ रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nइस विनियामक कार्रवाई से ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा जांच कड़ी होगी और आम जनता तक खतरनाक पदार्थों की अनधिकृत पहुंच पर रोक लगेगी।\n\n• उपभोक्ता सुरक्षा: ऑनलाइन मंचों से असुरक्षित और विनाशकारी रसायनों की आसान उपलब्धता समाप्त हो जाएगी। आम नागरिकों को अनजाने में खतरनाक रसायनों के संपर्क में आने से सुरक्षा मिलेगी।\n• ई-कॉमर्स नियम: सभी डिजिटल व्यापारिक पोर्टल्स को अपने वेंडर्स की पहचान और उत्पाद सूची की जांच अनिवार्य रूप से कड़ी करनी होगी। विक्रेताओं को संवेदनशील सामान बेचने के लिए अब वैध लाइसेंस और सत्यापन दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।\n• कानूनी कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य ऑनलाइन मंचों पर भी भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। डिजिटल कंपनियों को अपनी वेबसाइटों पर स्वतः निगरानी तंत्र स्थापित करना पड़ेगा।\n• सार्वजनिक सतर्कता: सामान्य नागरिक यदि किसी वेबसाइट पर अवैध रसायनों की बिक्री देखते हैं तो उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित विभागों तक पहुंच सकेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह सख्त कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि व्यापारिक पोर्टल्स बिना किसी सुरक्षा जांच के घातक रासायनिक पदार्थों की सार्वजनिक बिक्री की अनुमति दे रहे थे।\n\n• प्रत्यक्ष कारण: कई प्रमुख ऑनलाइन पोर्टल्स पर अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन जैसे संवेदनशील पदार्थों के खुले विज्ञापन और लिस्टिंग पाई गई थी। इस खुली बिक्री ने मौजूदा विस्फोटक और सुरक्षा कानूनों का सीधा उल्लंघन किया।\n• लापरवाही की स्थिति: ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा वेंडर सत्यापन और उत्पाद जांच में बरती गई सुस्ती के चलते प्रतिबंधित रसायनों को सूचीबद्ध होने का अवसर मिला। उचित विनियामक निगरानी तंत्र की कमी ने इस अवैध व्यापार को फलने-फूलने दिया।\n• आगामी कदम: प्राधिकरण द्वारा अन्य तकनीकी कंपनियों के आंतरिक कैटलॉग की ऑडिटिंग की जा रही है। जांच पूरी होने पर दोषी पाए जाने वाले शेष मंचों पर भी दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाना संभावित है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सीसीपीए ने किन प्रमुख वेबसाइटों पर कार्रवाई की है?\nनियामक ने इंडियामार्ट, ट्रेडइंडिया, डायल4ट्रेड, जस्टडायल, सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया, एक्सपोर्ट्सइंडिया और आईबायकेमिकल्स के खिलाफ कार्रवाई की है।\n\n2. कुल कितने विक्रेताओं और उत्पाद लिस्टिंग को हटाया गया है?\nई-कॉमर्स मंचों से अवैध बिक्री में शामिल लगभग 3,940 वेंडर्स और उत्पादों के पन्नों को निष्कासित किया गया है।\n\n3. किन कंपनियों पर आर्थिक जुर्माना लगाया जा चुका है?\nडायल4ट्रेड पर 10 लाख रुपये और एक्सपोर्ट्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड) पर दो अलग-अलग मामलों में कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगा है।\n\n4. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किन खतरनाक रसायनों की बिक्री हो रही थी?\nपोर्टल्स पर अमोनियम नाइट्रेट, बारूद, पिक्रिक एसिड और पीईटीएन जैसे घातक विस्फोटक पदार्थ बेचे जा रहे थे।\n\n5. किन कंपनियों के खिलाफ अभी भी जांच जारी है?\nसिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स, ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क) और आईबायकेमिकल्स के खिलाफ रसायनों की लिस्टिंग व बिक्री के मामलों में जांच चल रही है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-10-20",
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