# इक्विटी पर LTCG टैक्स से राहत नहीं, सरकार ने संसद में किया इनकार, गिनाई ₹1.29 लाख करोड़ की कमाई

> केंद्र सरकार ने संसद में साफ किया कि इक्विटी निवेश पर लगने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स हटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। इस टैक्स से सरकार को आकलन वर्ष 2025-26 में 1.29 लाख करोड़ रुपये मिले।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/ikviti-para-ltcg-taiksa-se-rahata-nahin-sarakara-ne-snsada-men-kiya-inakara-ginai-1-29-lakha-karora-ki-kamai-9545 · **Language:** Hindi
**Tags:** LTCG टैक्स, इक्विटी निवेश, कैपिटल गेन टैक्स, पंकज चौधरी, शेयर बाजार, FPI टैक्स, आयकर

शेयर बाजार से जुड़े करोड़ों निवेशकों की उस उम्मीद पर फिलहाल विराम लग गया है, जिसमें माना जा रहा था कि सरकार इक्विटी निवेश पर वसूले जाने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को खत्म कर देगी। केंद्र सरकार ने संसद में दो टूक कह दिया है कि अभी इस तरह का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी शेयरों में लंबी अवधि तक पैसा लगाकर कमाए गए मुनाफे पर टैक्स पहले की तरह जारी रहेगा और निवेशकों को किसी छूट की आस नहीं रखनी चाहिए।

 यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के जरिए दी। उन्होंने बताया कि आकलन वर्ष 2025-26 के दौरान अकेले इक्विटी पर लगने वाले LTCG टैक्स से सरकारी खजाने में 1.29 लाख करोड़ रुपये आए। यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे ठीक पहले वाले आकलन वर्ष 2024-25 में इसी मद से सरकार को सिर्फ 72,249 करोड़ रुपये मिले थे। यानी महज एक साल के भीतर इस टैक्स से होने वाली कमाई लगभग दोगुनी हो गई। सरकार ने साथ ही यह भी बताया कि आने वाले वर्षों के आंकड़े अभी सामने नहीं आ पाए हैं, क्योंकि आयकर रिटर्न दाखिल होने की प्रक्रिया अभी बाकी है।

 

## विदेशी हो या घरेलू, नियम सबके लिए एक
 सरकार ने यह भ्रम भी दूर कर दिया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को इक्विटी में कोई खास रियायत मिलती है। स्पष्ट किया गया कि घरेलू और रिटेल निवेशकों की ही तरह विदेशी निवेशकों को भी इक्विटी से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना पड़ता है। हां, एक अपवाद जरूर है, विदेशी निवेशकों को सिर्फ सरकारी बॉन्ड में लगाए गए पैसे पर टैक्स में छूट दी गई है। इसके पीछे मकसद साफ है, पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियों और सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे बड़े विदेशी निवेशकों को भारत की ओर खींचना, ताकि देश में लंबी अवधि का पूंजी प्रवाह बढ़े।

 

## हर साल परखी जाती है टैक्स की नीति
 वित्त मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया कि कैपिटल गेन टैक्स समेत तमाम कर नीतियों की समय-समय पर समीक्षा होती रहती है। आमतौर पर बजट के मौके पर देश की आर्थिक हालत और सरकार की राजस्व जरूरतों को तराजू में रखकर ही इन दरों में किसी बदलाव पर फैसला लिया जाता है। लेकिन मौजूदा स्थिति यही है कि इक्विटी पर लगने वाले LTCG टैक्स को हटाने का कोई निर्णय अभी नहीं लिया गया है।

 

## निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब
 सरकार के इस रुख से यह तस्वीर साफ हो जाती है कि शेयर बाजार में लंबे समय के लिए पैसा लगाने वालों को नजदीकी भविष्य में टैक्स से किसी राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ऐसे में जरूरी है कि निवेशक अपनी रणनीति बनाते वक्त इन कर नियमों को पहले से ही ध्यान में रखें और उसी हिसाब से मुनाफे का हिसाब-किताब लगाएं। हो सकता है आगे किसी बजट या नई कर व्यवस्था के दौरान सरकार इन नियमों पर दोबारा गौर करे, लेकिन जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक मौजूदा व्यवस्था ज्यों की त्यों बनी रहेगी और उसी के मुताबिक टैक्स भरना होगा।

## इसका आप पर असर
- **निवेशकों के लिए:** शेयरों से होने वाले लंबी अवधि के मुनाफे पर 12.5 फीसदी LTCG टैक्स बना रहेगा, इसलिए मुनाफा बेचते समय इसी दर से कर की गणना करें।
- **विदेशी निवेशकों के लिए:** इक्विटी पर कोई अतिरिक्त छूट नहीं है, छूट सिर्फ सरकारी बॉन्ड में निवेश पर मिलती है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या सरकार इक्विटी पर LTCG टैक्स हटा रही है?
नहीं, सरकार ने संसद में साफ कहा कि फिलहाल इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

### 2. यह जानकारी किसने और कहां दी?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के जरिए यह जानकारी दी।

### 3. इस टैक्स से सरकार को कितनी कमाई हुई?
आकलन वर्ष 2025-26 में इक्विटी पर LTCG टैक्स से सरकार को 1.29 लाख करोड़ रुपये मिले, जबकि 2024-25 में यह 72,249 करोड़ रुपये था।

### 4. विदेशी निवेशकों पर इक्विटी LTCG की क्या दर है?
घरेलू निवेशकों की तरह विदेशी निवेशकों पर भी इक्विटी से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी टैक्स लगता है।

### 5. क्या विदेशी निवेशकों को कोई छूट मिलती है?
हां, लेकिन सिर्फ सरकारी बॉन्ड में निवेश पर, ताकि पेंशन फंड और सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे बड़े निवेशक भारत की ओर आकर्षित हों।

### 6. क्या भविष्य में यह टैक्स हट सकता है?
सरकार ने कहा कि कर नीतियों की समय-समय पर समीक्षा होती है और आमतौर पर बजट के दौरान बदलाव पर फैसला होता है, पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

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