भारत में तीन दिवसीय हड़ताल से पहले RBI के निर्देश पर आज रविवार को भी खुले सरकारी बैंक सोमवार से शुरू होने वाली बैंक यूनियनों की तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल के मद्देनजर ग्राहकों की सुविधा के लिए आज रविवार को भी देश के सभी सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे। देश भर के सरकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक इस रविवार को सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे ताकि सोमवार से शुरू होने वाली तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल के असर को कम किया जा सके। सप्ताहांत में बैंकों को खोलने का यह असाधारण निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि आम ग्राहक बैंकिंग से जुड़े अपने जरूरी काम समय पर पूरे कर सकें और उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। रविवार को बैंक खुले रहने की मुख्य वजह बैंक कर्मचारियों के प्रमुख संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल सोमवार, मंगलवार और बुधवार को होने वाली है। चूंकि यह हड़ताल 26 और 27 सितंबर को पड़ने वाले शनिवार और रविवार के ठीक बाद शुरू हो रही है, इसलिए देश में लगातार पांच दिनों तक बैंकों का कामकाज पूरी तरह ठप होने का खतरा बन गया था। इतने लंबे समय तक बैंकों के बंद रहने से व्यापारिक गतिविधियों, चेक क्लियरिंग और नकद लेनदेन पर बेहद बुरा असर पड़ सकता था। इसी गंभीर संकट को टालने और आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने रविवार, 27 सितंबर को भी सभी बैंकों को खुला रखने का फैसला किया। भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी और सरकार की अपील रविवार को बैंकों के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी विशेष मंजूरी दी थी। इसके तहत सभी बैंक शाखाओं, प्रशासनिक कार्यालयों, करेंसी चेस्ट और ATM से जुड़ी शाखाओं को 27 सितंबर को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए थे। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि बैंक ग्राहकों के हितों और उनकी सुविधा का ध्यान रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मंत्रालय और बैंक प्रबंधन ने कर्मचारी यूनियनों से इस प्रस्तावित हड़ताल को वापस लेने या टालने की अपील भी की है। इसके साथ ही सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रशासनिक कदम उठाए हैं कि हड़ताल के दौरान भी जरूरी बैंकिंग सेवाएं बिना किसी बड़ी बाधा के जारी रह सकें। आने वाले हफ्ते में केवल दो दिन होगा काम तीन दिनों की यह देशव्यापी हड़ताल बुधवार, 30 सितंबर को समाप्त होगी, जिसके बाद 1 अक्टूबर को सभी बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज शुरू होगा। हालांकि, ग्राहकों को मिलने वाली यह राहत बेहद कम समय के लिए होगी क्योंकि अगले ही दिन यानी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर देश भर के सभी बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 3 अक्टूबर, शनिवार को बैंक फिर से खुलेंगे, लेकिन 4 अक्टूबर को रविवार होने के कारण दोबारा छुट्टी रहेगी। इसका मतलब यह है कि आने वाले पूरे हफ्ते में बैंकों में केवल दो दिन (1 अक्टूबर और 3 अक्टूबर) ही कामकाज हो सकेगा। इस बेहद व्यस्त और छोटे कार्य सप्ताह को देखते हुए रविवार को बैंकों का खुला रहना आम जनता और व्यापारियों के लिए वित्तीय प्रबंधन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। इसका आप पर असर बैंकिंग समय सारणी में किया गया यह बदलाव देश भर के करोड़ों नागरिकों के वित्तीय लेनदेन और नकद उपलब्धता को सीधे प्रभावित करेगा। • बैंक ग्राहकों के लिए: पासबुक अपडेट करने या दस्तावेज जमा करने जैसे जरूरी शारीरिक बैंकिंग कार्य रविवार को ही पूरे कर लेने चाहिए। ऐसा न करने पर ये प्रक्रियाएं कम से कम 1 अक्टूबर तक के लिए टल जाएंगी। • व्यापारियों के लिए: तीन दिवसीय हड़ताल के कारण बड़े मूल्य के चेक क्लीयरेंस और वेतन प्रक्रिया में गंभीर देरी हो सकती है। व्यवसायों को तुरंत NEFT या RTGS जैसे ऑनलाइन तरीकों से महत्वपूर्ण फंड ट्रांसफर कर लेने चाहिए। • नकद निकासी के लिए: लगातार कई दिनों तक बैंक बंद रहने के कारण एटीएम में नकदी की कमी हो सकती है। उपभोक्ताओं को अगले कुछ दिनों के दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए पहले से ही पर्याप्त नकदी निकाल लेनी चाहिए। • डिजिटल भुगतान के लिए: हड़ताल के दिनों में भी इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल भुगतान ऐप सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। उपयोगकर्ता शाखाओं में जाए बिना अपने तत्काल खुदरा लेनदेन के लिए UPI और ऑनलाइन ट्रांसफर पर भरोसा कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ रविवार को सरकारी बैंकों को संचालित करने का निर्णय बैंक कर्मचारियों द्वारा नियोजित हड़ताल और कैलेंडर छुट्टियों के क्रम के कारण लिया गया है। इस संयोजन के कारण देश की वित्तीय प्रणाली लगभग एक सप्ताह के लिए ठप होने का खतरा पैदा हो गया था। • हड़ताल का आह्वान: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने अपनी मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। यह विरोध प्रदर्शन रणनीतिक रूप से सप्ताहांत के ठीक बाद निर्धारित किया गया था, जिससे लगातार पांच दिनों की बंदी की संभावना बन गई थी। • सार्वजनिक परेशानी को कम करना: पांच दिनों की लंबी बंदी से होने वाली परेशानी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने रविवार, 27 सितंबर को शाखाएं और करेंसी चेस्ट खुले रखने की मंजूरी दी। इस नियामक हस्तक्षेप का उद्देश्य आम जनता को बैंकिंग सेवाओं के लिए एक अतिरिक्त दिन प्रदान करना था। • सरकार की चिंताएं: वित्त मंत्रालय ने ग्राहकों की सुविधा को प्राथमिकता दी और कर्मचारी यूनियनों से अपनी हड़ताल के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। सरकार ने बैंकों को आपातकालीन उपाय तैयार रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बुनियादी वित्तीय सेवाएं पूरी तरह बाधित न हों। सवाल-जवाब 1. 27 सितंबर, रविवार को सरकारी बैंक क्यों खुले हैं? सोमवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से पहले ग्राहकों को अपने बैंकिंग कार्य पूरे करने में मदद करने के लिए बैंक खुले हैं। 2. देशव्यापी बैंक हड़ताल कब होने वाली है? यह हड़ताल 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिनों के लिए निर्धारित है। 3. इस देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किसने किया है? इस हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा किया गया है। 4. क्या इस अवधि के दौरान बैंक एटीएम काम करेंगे? हां, एटीएम के काम करने की उम्मीद है, और नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रविवार को एटीएम से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट को खुला रखा गया था। 5. अगले सप्ताह बैंकों में कितने दिन काम होगा? अगले सप्ताह बैंकों में केवल दो दिन काम होगा, जो कि 1 अक्टूबर (गुरुवार) और 3 अक्टूबर (शनिवार) हैं। https://trendkia.com/business/india-men-tina-divasiya-haratala-se-pahale-rbi-ke-nirdesha-para-aja-ravivara-ko-bhi-khule-sarakari-bainka-39306 TrendKia — Har trend, sabse pehle.