# अमेरिकी फैसले से भारत को राहत, रूस से होगी भारी तेल खरीद

> अमेरिकी प्रशासन द्वारा पाबंदियों में ढील मिलने के बाद भारत रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करने की तैयारी में है। इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को मजबूती मिलेगी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/india-set-to-boost-russian-oil-imports-following-us-policy-shift-48747 · **Language:** Hindi
**Tags:** रूस तेल आयात, डोनाल्ड ट्रंप, कच्चा तेल, भारतीय रिफाइनरी, ऊर्जा सुरक्षा, एमके ग्लोबल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने से ऊर्जा बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। इस नीतिगत बदलाव के बाद भारतीय रिफाइनरियों के सामने खड़ी बड़ी अनिश्चितता और आर्थिक दबाव कम हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि इस छूट का दायरा केवल भारत तक सीमित नहीं है और इससे चीन जैसे देशों को भी फायदा पहुंच सकता है, लेकिन सबसे बड़ा खरीदार होने के नाते भारत इसका सबसे ज्यादा लाभ उठाने की स्थिति में है। अमेरिका के इस कदम से वैश्विक बाजार में व्यापार समीकरणों पर भी असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

## दैनिक आयात और विशाल मात्रा का अनुमान
आंकड़ों के मुताबिक, भारत रूस से हर दिन लगभग 18 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। चूंकि एक बैरल में करीब 159 लीटर तेल होता है, इसलिए यह मात्रा रोजाना लगभग 28.62 करोड़ लीटर बैठती है। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले डेटा से यह स्पष्ट होता है कि इस साल भारत समुद्री मार्ग से रूसी तेल का सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है, जो चीन के 12 लाख बैरल प्रतिदिन के आंकड़े से काफी आगे है। इस सूची में भारत और चीन के बाद इटली, तुर्किये और नीदरलैंड जैसे देश शामिल हैं। ऊर्जा शोध संस्था केपलर का अनुमान है कि अक्टूबर महीने के दौरान भी आयात का यह स्तर 18 से 19 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास बना रह सकता है। हालांकि यह आंकड़ा साल के बीच के उन महीनों से कम है जब जून में 26 लाख बैरल और जुलाई में 25.7 लाख बैरल का रिकॉर्ड आयात दर्ज किया गया था।

## रिफाइनरियों को मिला नया संबल
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की मुख्य अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने इस स्थिति पर बात करते हुए बताया कि अमेरिका के नए विधेयक के कारण देश को भारी भरकम शुल्कों का सामना करना पड़ सकता था क्योंकि भारत रूसी ऊर्जा का प्रमुख वैश्विक खरीदार है। इस राहत के बाद भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के तेल मंगाना और आसान हो गया है। हालांकि भविष्य की राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए, खासकर अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद नीतियों में बदलाव की आशंका के चलते, घरेलू कंपनियां अपनी इन्वेंटरी को तेजी से बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित संकट से बचा जा सके।

## आपूर्ति और स्थानीय खपत का गणित
रूस से आने वाली इस विशाल खेप की तुलना यदि राजधानी की जरूरतों से की जाए तो तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाती है। दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कुल दैनिक खपत लगभग 72 लाख लीटर है, जिसमें करीब 34.7 लाख लीटर पेट्रोल और 37.7 लाख लीटर डीजल शामिल है। इस हिसाब से रूस से एक दिन में आयात होने वाला 28.62 करोड़ लीटर तेल अकेले दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर की 40 दिनों की ईंधन मांग को पूरी तरह पूरा करने में सक्षम है। यदि भारतीय कंपनियां आने वाले दिनों में अपने आयात को और बढ़ाती हैं, तो देश के पास एक मजबूत रणनीतिक भंडार तैयार हो जाएगा जो ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।

## इसका आप पर असर
अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में ढील दिए जाने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आएगी और ईंधन की कीमतों पर दबाव कम रहेगा।

- **भारत में:** देश की रिफाइनरियों को सुगम आपूर्ति मिलने से महंगाई पर काबू रखने में मदद मिलेगी और ईंधन का बड़ा रणनीतिक भंडार तैयार होगा।
- **दिल्ली में:** स्थानीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है, जिससे आम नागरिकों के परिवहन खर्च में राहत मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी प्रशासन द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों और शुल्कों की नीतियों में बदलाव किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। भारत द्वारा बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदे जाने के चलते व्यापारिक समीकरणों में यह फेरबदल हुआ है।

- **नीतिगत बदलाव:** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए विधेयक के प्रावधानों और शुल्कों को हटाए जाने से आयात का रास्ता साफ हुआ।
- **बाजार की स्थिति:** भारत दुनिया का शीर्ष आयातक होने के कारण इस रियायत का सबसे बड़ा रणनीतिक और आर्थिक लाभ उठाने की स्थिति में है।
- **भविष्य की आशंकाएं:** आगामी मध्यावधि चुनावों के बाद राजनीतिक रुख बदलने की संभावना को देखते हुए कंपनियां अभी से इन्वेंटरी मजबूत कर रही हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत रूस से प्रतिदिन कितना कच्चा तेल खरीदेगा?
भारत रूस से रोजाना लगभग 18 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदने की तैयारी कर रहा है।

### 2. यह मात्रा लीटर में कितनी होगी?
यह मात्रा रोजाना लगभग 28.62 करोड़ लीटर होगी।

### 3. दिल्ली की कुल दैनिक ईंधन खपत कितनी है?
दिल्ली में रोजाना लगभग 72 लाख लीटर ईंधन की खपत होती है।

### 4. रूस से आने वाला एक दिन का तेल दिल्ली की जरूरतों को कितने दिन चला सकता है?
रूस से आयातित एक दिन का तेल दिल्ली की 40 दिनों की ईंधन जरूरतों को पूरा कर सकता है।

### 5. किस अमेरिकी नेता ने प्रतिबंधों में ढील दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीद से जुड़े प्रतिबंधों और शुल्कों को खत्म किया है।

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