# इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की कुल संपत्ति, जानिए उनकी कमाई के जरिया और कारोबार का सफर

> इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि की कुल संपत्ति अरबों डॉलर में है, और उन्हें हाल ही में परीक्षा लीक रोकने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/infosys-ke-sah-sansthapak-nandan-nil-kani-ki-kul-sampatti-10831 · **Language:** Hindi
**Tags:** नंदन नीलेकणि, इन्फोसिस, फोर्ब्स नेटवर्थ, आधार कार्ड, भारतीय स्टार्टअप, टेक दिग्गज

देश के जाने-माने टेक दिग्गज और इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षाओं को लीक-प्रूफ बनाने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उनकी कार्यकुशलता और ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए हर कोई उन पर पूरा भरोसा जताता है, क्योंकि वह जिस भी काम की कमान संभालते हैं, उसे मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लेते हैं। इन राष्ट्रीय दायित्वों के अलावा, वह देश के सबसे धनवान टेक्नोलॉजी उद्योगपतियों में शुमार हैं, जिनकी कुल संपत्ति अरबों डॉलर के आंकड़े को पार कर चुकी है।

फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के आंकड़ों के मुताबिक, नंदन नीलेकणि की कुल नेटवर्थ लगभग 2.4 बिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 23,176 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी भारी-भरकम वेल्थ के साथ वह देश के सबसे रईस और असरदार कारोबारी दिग्गजों की फेरहिस्ट में बहुत ऊपर आते हैं। उनकी आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस में उनकी ओनरशिप है। इसके साथ ही, बीते कई सालों में उन्होंने तमाम टेक वेंचर्स में भी पूंजी लगाई है, जिससे उनकी संपत्ति लगातार बढ़ती रही है और वह देश के शीर्ष टेक अरबपतियों में शुमार हो गए हैं।

उन्होंने अपने व्यावसायिक सफर का आगाज साल 1981 में किया था, जब छह अन्य साझीदारों के साथ मिलकर उन्होंने इन्फोसिस की नींव रखी थी। भारतीय आईटी क्रांति के अग्रणी चेहरों में गिने जाने वाले नीलेकणि का इस कंपनी से दशकों पुराना नाता रहा है। कॉर्पोरेट दुनिया से कुछ वक्त की दूरी बनाने के बाद, साल 2017 में वह दोबारा कंपनी में संकटमोचक की भूमिका में वापस आए और नॉन एग्‍ज‍िक्‍यूट‍िव चेयरमैन की कुर्सी संभाली। जैसे-जैसे इन्फोसिस ने वैश्विक स्तर पर महारत हासिल की, वैसे-वैसे उनकी निजी संपत्ति में भी कई गुना इजाफा हुआ और इसी शेयरहोल्डिंग ने उन्हें देश का एक प्रमुख अरबपति टेक आंत्रप्रेन्योर बना दिया।

## दूरदर्शी कारोबारी के रूप में अलग पहचान
व्यावसायिक साम्राज्य से हासिल दौलत के दायरे से बाहर निकलकर, नंदन नीलेकणि की पहचान एक ऐसे विजनरी लीडर के तौर पर भी है जिन्होंने पब्लिक सेक्टर में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की कमान संभाली और दुनिया के सबसे विशाल बायोमेट्रिक पहचान प्रोजेक्ट आधार के देशव्यापी क्रियान्वयन का बीड़ा उठाया। अपनी तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए उन्होंने इस डिजिटल आइडेंटिटी प्लेटफॉर्म को सफलतापूर्वक आकार दिया। आज यह सिस्टम देश सरकार की तमाम जनहितकारी योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं और अन्य जरूरी सरकारी पहलों की मजबूत रीढ़ साबित हो रहा है।

अपनी अकूत नेटवर्थ का इस्तेमाल नीलेकणि केवल खुद को अमीर बनाने तक सीमित नहीं रखते, बल्कि वह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक सक्रिय और बड़े निवेशक की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वेंचर कैपिटल इनवेस्टमेंट्स के माध्यम से कई उभरती हुई टेक कंपनियों को वित्तीय सहायता मुहैया कराई है। इसके अलावा, वह फंडामेंटम नामक एक चर्चित इन्वेस्टमेंट फंड से भी जुड़े हुए हैं। एक निवेशक के रूप में वह अपनी पूंजी का उपयोग देश के नए तकनीकी उद्यमियों और बिजनेस आइडियाज को आसमान छूने में मदद करने के लिए कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. नंदन नीलेकणि की कुल संपत्ति कितनी है?
फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स रैंकिंग के अनुसार नंदन नीलेकणि की कुल नेटवर्थ लगभग 2.4 बिलियन डॉलर यानी करीब 23,176 करोड़ रुपये है।

### 2. नंदन नीलेकणि की कमाई का मुख्य जरिया क्या है?
उनकी कमाई का मुख्य जरिया आईटी दिग्गज कंपनी इन्फोसिस में उनकी हिस्सेदारी और विभिन्न टेक वेंचर्स में किए गए निवेश हैं।

### 3. इन्फोसिस की स्थापना कब हुई थी?
नंदन नीलेकणि ने छह अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर साल 1981 में इन्फोसिस की स्थापना की थी।

### 4. नंदन नीलेकणि ने सार्वजनिक क्षेत्र में कौन सा प्रमुख प्रोजेक्ट संभाला था?
उन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का नेतृत्व किया और दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक पहचान प्रोग्राम आधार का रोलआउट संभाला।

## प्रेरणा और सबक
- **शुरुआत से निर्माण:** सह-संस्थापकों के साथ मिलकर एक छोटी शुरुआत से बड़ी कंपनी खड़ी करने का विजन रखें।
- **संकट के समय नेतृत्व:** जरूरत पड़ने पर वापस लौटकर और कमान संभालकर संस्था को मुश्किल समय से उबारें।
- **सार्वजनिक हित में योगदान:** अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग देश और समाज के बड़े प्रोजेक्ट्स को सफल बनाने में करें।
- **नए उद्यमियों को सहयोग:** अपनी कमाई और अनुभव का इस्तेमाल स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए करें।

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