# इन्फोसिस ने जारी किए Q1 FY27 के नतीजे, मुनाफे में शानदार उछाल लेकिन रेवेन्यू गाइडेंस घटाया

> इन्फोसिस ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू में दहाई अंकों की शानदार ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और AI डील्स के बावजूद, कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और यह ऐलान किया है कि अगले साल सलील पारेख की जगह आशीष कुमार दास नए CEO का पद संभालेंगे।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/infosys-ne-jari-kie-q1-fy27-ke-natije-munaphe-men-shanadara-uchhala-lekina-revenyu-gaidensa-ghataya-10257 · **Language:** Hindi
**Tags:** इन्फोसिस, Q1 नतीजे, सलील पारेख, आशीष कुमार दास, रेवेन्यू गाइडेंस, शेयर बाजार, IT सेक्टर

भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी इन्फोसिस ने वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) की पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने अपने कई प्रमुख वित्तीय पैमानों पर शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन इसके साथ ही कुछ बड़े रणनीतिक बदलावों की भी घोषणा की गई है। इस तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) में सालाना आधार पर अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह 7,769 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू गया है। हालांकि, मुनाफे में इस शानदार ग्रोथ के बावजूद इन्फोसिस ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान (गाइडेंस) में कटौती की है। तिमाही नतीजों के अलावा, कंपनी ने लीडरशिप में एक बहुत बड़े बदलाव की भी पुष्टि की है। आशीष कुमार दास को कंपनी का नया CEO नियुक्त किया गया है, जो अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में मौजूदा लीडर सलील पारेख की जगह लेंगे।

## मुनाफे और रेवेन्यू के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण
पहली तिमाही (Q1 FY27) की वित्तीय रिपोर्ट टेक दिग्गज के लिए मिले-जुले लेकिन सकारात्मक संकेत दे रही है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 7,769 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही (Q1 FY26) के 6,921 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट की तुलना में 12.2 प्रतिशत की मजबूत सालाना (YoY) ग्रोथ को दर्शाता है। सालाना आधार पर इस प्रभावशाली उछाल के बावजूद, तिमाही दर तिमाही (QoQ) आधार पर कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। ठीक पिछली तिमाही (Q4 FY26) में रिपोर्ट किए गए 8,501 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट के मुकाबले इस बार मुनाफे में 8.6 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं अगर रेवेन्यू की बात करें, तो टॉप-लाइन के आंकड़ों में जबरदस्त विस्तार देखने को मिला है। Q1 FY27 के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये के शानदार स्तर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा Q1 FY26 में जेनरेट किए गए 42,279 करोड़ रुपये की तुलना में 14 प्रतिशत की जोरदार सालाना (YoY) ग्रोथ को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, तिमाही दर तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में 3.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में 46,402 करोड़ रुपये था।

## कॉन्स्टेंट करेंसी की स्थिति और ग्लोबल डील मोमेंटम
ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर में किसी भी कंपनी की वास्तविक ग्रोथ को मापने के लिए करेंसी के उतार-चढ़ाव को समझना बहुत जरूरी होता है। कॉन्स्टेंट करेंसी (Constant Currency) के लिहाज से, जो एक्सचेंज रेट के प्रभाव को हटाकर वास्तविक ग्रोथ दिखाता है, इन्फोसिस ने स्थिर और संतुलित रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। सालाना आधार पर कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू में 2.4 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है, जबकि तिमाही आधार पर इसमें 1.0 प्रतिशत का मामूली इजाफा हुआ है। अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में, पहली तिमाही के लिए कंपनी का रेवेन्यू 5,082 मिलियन डॉलर रहा, जो कॉन्स्टेंट करेंसी में वही 2.4 प्रतिशत की सालाना और 1.0 प्रतिशत की क्रमिक (QoQ) ग्रोथ को दर्शाता है। इन रेवेन्यू आंकड़ों के साथ ही, भारतीय रुपये के संदर्भ में कंपनी ने अपने अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में सालाना आधार पर 14.9 प्रतिशत की ठोस ग्रोथ दर्ज की है। भविष्य के रेवेन्यू का एक बहुत बड़ा संकेत लार्ज डील विन्स की टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) से मिलता है। इस तिमाही के दौरान, कंपनी ने 3.6 बिलियन डॉलर की TCV वाली बड़ी डील्स सफलतापूर्वक हासिल की हैं। इसमें सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि इस टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का 61 प्रतिशत हिस्सा बिल्कुल नई डील्स (net new) का है, जो बाजार में कंपनी की मजबूत पकड़ और नए क्लाइंट्स को जोड़ने की क्षमता को साबित करता है।

## ऑपरेशनल एफिशिएंसी और EBITDA मार्जिन में विस्तार
मुनाफे के मार्जिन को बनाए रखना IT कंपनियों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, और Q1 FY27 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने अपनी लागत को बहुत ही अनुशासित तरीके से मैनेज किया है। तिमाही के लिए कंपनी का EBITDA 10,163 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 15.4 प्रतिशत की मजबूत सालाना बढ़ोतरी और 4.3 प्रतिशत की तिमाही दर तिमाही छलांग को दर्शाता है। इसके अनुरूप ही, EBITDA मार्जिन 21.1 प्रतिशत के स्तर पर मजबूती से टिका रहा। यह मार्जिन प्रदर्शन Q1 FY26 में दर्ज किए गए 20.8 प्रतिशत और Q4 FY26 में देखे गए 21.0 प्रतिशत के मार्जिन से थोड़ा बेहतर है। कंपनी के CFO जयेश संघराजका ने इन ऑपरेशनल आंकड़ों पर सीधे तौर पर बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि 21.1 प्रतिशत का यह मजबूत मार्जिन और लगातार कैश का जेनरेट होना, इन्फोसिस के बिजनेस मॉडल की अंतर्निहित ताकत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। संघराजका ने आगे बताया कि इस चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल में अनुशासित एग्जीक्यूशन और ऑपरेशनल एक्सीलेंस पर निरंतर फोकस बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी भविष्य की ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए टैलेंट, प्लेटफॉर्म्स और AI में अपने इन्वेस्टमेंट्स को तेजी से बढ़ा रही है। साथ ही, कंपनी प्रोडक्टिविटी में सुधार करने, ऑपरेटिंग लीवरेज का विस्तार करने और उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपनी वित्तीय लचीलापन बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

## आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तरफ रणनीतिक कदम और टोपाज़ की भूमिका
टेक्नोलॉजी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब ग्रोथ का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है, और इन्फोसिस की लीडरशिप इस मोमेंटम का फायदा उठाने पर पूरी तरह से फोकस कर रही है। मौजूदा CEO और MD सलील पारेख ने इस बात पर विस्तार से टिप्पणी की कि कैसे AI कंपनी के वर्तमान और भविष्य के रेवेन्यू को आकार दे रहा है। उन्होंने बताया कि AI को लेकर जो मोमेंटम बना है, वह अब बहुत तेजी से वास्तविक रेवेन्यू में तब्दील हो रहा है। पारेख के अनुसार, यह रुझान इस बात को साबित करता है कि इन्फोसिस का विशेष एंटरप्राइज AI वैल्यू प्रपोजिशन मार्केट शेयर में लगातार बढ़त दिला रहा है। लार्ज डील विन्स की यह मजबूत पाइपलाइन काफी हद तक Infosys Topaz द्वारा संचालित है, जो कंपनी का AI-फर्स्ट सर्विसेज और सॉल्यूशंस का प्लेटफॉर्म है। AI का यह इंटीग्रेशन क्लाइंट्स के उस भरोसे को और मजबूत कर रहा है कि इन्फोसिस उनकी AI ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा में सबसे बेहतरीन रणनीतिक भागीदार है। इसके अलावा, पारेख ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कंपनी ने सभी प्रमुख AI कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारियां स्थापित की हैं। इन गठबंधनों का उद्देश्य क्लाइंट्स को इनोवेशन इकोसिस्टम की पूरी ताकत प्रदान करना है, जिससे वे अपनी ऑपरेशनल प्रोडक्टिविटी को तेज कर सकें और ग्रोथ के नए अवसर तलाश सकें। कंपनी हर स्तर पर अपने कर्मचारियों की रीस्किलिंग के लिए भी गहराई से प्रतिबद्ध है। इस निरंतर फोकस ने इन्फोसिस को एक ऐसी अग्रणी संस्था के रूप में स्थापित किया है जिसके पास दुनिया की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों की AI जर्नी को तेज करने के लिए गहरी विशेषज्ञता मौजूद है।

## वित्तीय वर्ष 2027 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस में संशोधन
पहली तिमाही के शानदार प्रदर्शन और AI को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण के बावजूद, कंपनी ने पूरे साल के अनुमानों को लेकर थोड़ा सतर्क रुख अपनाया है। FY27 गाइडेंस के लिए, मैनेजमेंट ने अपने अनुमानों के ऊपरी स्तर में कटौती करने का फैसला किया है। कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस की ऊपरी सीमा को पहले के 3.5 प्रतिशत से घटाकर अधिकतम 3 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस का निचला स्तर 1.5 प्रतिशत पर बिल्कुल अपरिवर्तित रखा गया है। इस बदलाव के बाद, पूरे वित्तीय वर्ष के लिए ग्रोथ का अनुमानित दायरा कॉन्स्टेंट करेंसी के लिहाज से 1.5 प्रतिशत से 3.0 प्रतिशत के बीच सिमट गया है। रेवेन्यू के अनुमान में इस कटौती के विपरीत, मुनाफे का आउटलुक पूरी तरह स्थिर है। पूरे वित्तीय वर्ष 2027 के लिए EBITDA मार्जिन गाइडेंस को 20 प्रतिशत से 22 प्रतिशत के बैंड के भीतर ही बरकरार रखा गया है, जो इस बात का संकेत है कि रेवेन्यू ग्रोथ में मामूली नरमी की उम्मीद के बावजूद कंपनी को अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण पर पूरा भरोसा है।

## लीडरशिप में बदलाव और आगे की तैयारी
इन्फोसिस के भविष्य की दिशा तय करने वाले एक बहुत बड़े कॉर्पोरेट डेवलपमेंट के तहत, लीडरशिप में एक महत्वपूर्ण बदलाव की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष सलील पारेख के लिए CEO के रूप में उनका आखिरी कार्यकाल होगा। पारेख 1 अप्रैल 2027 से अपने नेतृत्व की भूमिका से औपचारिक रूप से बाहर हो जाएंगे। उनकी जगह लेने के लिए आशीष कुमार दास को नए CEO के रूप में नियुक्त किया गया है। लीडरशिप में यह सावधानीपूर्वक प्लान किया गया बदलाव यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जिम्मेदारियों का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके। पारेख का यह आखिरी साल संभवतः कंपनी की AI रणनीतियों को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा कि आने वाले CEO आशीष कुमार दास भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT कंपनी को ग्लोबल ग्रोथ और तकनीकी इनोवेशन के अगले चरण में ले जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हों।

## शेयर बाजार में प्रदर्शन और नतीजों का असर
वित्तीय बाजार इन सभी घटनाक्रमों पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है। गुरुवार को, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर की कीमत 1051.80 रुपये पर बंद हुई। दिन भर के कारोबार के दौरान शेयरों का यह प्रदर्शन काफी हद तक सपाट रहा, जिससे टेक्नोलॉजी दिग्गज का मार्केट कैप 4,26,776.14 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया। निवेशक और विश्लेषक दोनों ही इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि बाजार पहली तिमाही के इस मजबूत प्रॉफिट, पूरे साल के रेवेन्यू गाइडेंस में की गई कटौती और नए CEO के ऐलान के मिले-जुले असर को किस तरह से लेता है। इन Q1 नतीजों और रणनीतिक अपडेट्स पर शेयर बाजार का वास्तविक रिएक्शन 24 जुलाई के ट्रेडिंग सेशन के दौरान पूरी तरह से देखने को मिलेगा, क्योंकि शेयरधारक पहली तिमाही के वित्तीय लाभ की तुलना बाकी वित्तीय वर्ष की उम्मीदों के साथ करेंगे।

## इसका आप पर असर
- **निवेशकों के लिए:** FY27 रेवेन्यू गाइडेंस की ऊपरी सीमा को 3.5% से घटाकर 3% किए जाने का अप्रत्याशित फैसला बाजार में सतर्कता ला सकता है, जिसका असर टेक शेयरों के पोर्टफोलियो की वैल्यू पर पड़ सकता है।
- **IT प्रोफेशनल्स के लिए:** नए CEO की नियुक्ति और कर्मचारियों की AI रीस्किलिंग पर कंपनी का आक्रामक फोकस यह स्पष्ट करता है कि टेक जॉब मार्केट में टिके रहने के लिए कर्मचारियों को अपनी स्किल्स जल्द से जल्द अपग्रेड करनी होंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. Q1 FY27 में इन्फोसिस का नेट प्रॉफिट कितना रहा?
Q1 FY27 में इन्फोसिस ने 7,769 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 12.2% की ग्रोथ को दर्शाता है।

### 2. शेयर बाजार इस समय इन्फोसिस पर कड़ी नजर क्यों रखे हुए है?
बाजार कंपनी द्वारा FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस की ऊपरी सीमा को घटाकर 3% करने और नए CEO की नियुक्ति की घोषणा पर प्रतिक्रिया देने के लिए नजर बनाए हुए है।

### 3. इन्फोसिस का नया CEO किसे बनाया गया है?
आशीष कुमार दास को इन्फोसिस का नया CEO नियुक्त किया गया है, जो 1 अप्रैल 2027 से सलील पारेख की जगह लेंगे।

### 4. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कंपनी की ग्रोथ पर क्या असर पड़ रहा है?
CEO सलील पारेख ने कहा कि AI का मोमेंटम तेजी से रेवेन्यू में बदल रहा है, और इन्फोसिस टोपाज़ 3.6 बिलियन डॉलर की बड़ी डील्स जीतने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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