आईफोन की रिकॉर्ड बिक्री से एप्पल की भारत में ऐतिहासिक कमाई, ग्लोबल रेवेन्यू 57.6 अरब डॉलर पहुंचा जुलाई से सितंबर तिमाही में भारत में एप्पल ने अब तक का सर्वाधिक राजस्व हासिल किया है, जबकि दुनिया भर में आईफोन की बिक्री 17 प्रतिशत बढ़कर 57.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एप्पल ने जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान भारतीय बाजार में अब तक का सबसे बड़ा राजस्व दर्ज किया है। इस दौरान देश में कंपनी के पर्सनल कंप्यूटर मैक और डिजिटल सेवा खंड ने भी कमाई के पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। इसके साथ ही नए आईफोन मॉडल पर अपग्रेड करने वाले घरेलू ग्राहकों की तादाद भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। तिमाही वित्तीय नतीजों की घोषणा के दौरान एप्पल के सीईओ जॉन टर्नस ने स्पष्ट किया कि सितंबर में समाप्त हुई इस तिमाही में भारत समेत दुनिया भर के कई प्रमुख क्षेत्रों में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। भारतीय उपभोक्ताओं में नए मॉडल को लेकर जबरदस्त उत्साह वित्तीय नतीजों की जानकारी साझा करते हुए टर्नस ने कहा कि कंपनी ने अमेरिका, यूरोप, चीन और समूचे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरी तिमाही के राजस्व का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके अनुसार विकसित देशों के साथ-साथ विकासशील और उभरते बाजारों में भी कंपनी ने रिकॉर्ड स्तर का प्रदर्शन दिखाया, जिसमें भारत की हिस्सेदारी ऐतिहासिक रही और वहां अब तक की सर्वाधिक कमाई दर्ज हुई। भारत में पुरानी डिवाइस बदलकर नए आईफोन मॉडल खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला। भारतीय खरीदारों के इस मजबूत रुख ने पूरे वित्त वर्ष के दौरान वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने वाले ग्राहकों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या जुटाने में अहम भूमिका निभाई। विदेशी विनिमय और सप्लाई बाधाओं के बीच आईफोन बिक्री में उछाल वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला की अड़चनों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में प्रतिकूल उतार-चढ़ाव की चुनौतियों के बावजूद एप्पल के आईफोन कारोबार ने मजबूती दिखाई। दूसरी तिमाही में कंपनी की दुनिया भर में आईफोन से होने वाली कुल कमाई सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की छलांग लगाकर 57.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। जॉन टर्नस के मुताबिक अमेरिका और ग्रेटर चाइना दोनों ही बड़े बाजारों में कंपनी ने दोहरे अंकों में राजस्व वृद्धि हासिल की। भारत, अमेरिका और चीन सहित वैश्विक बाजारों में नए आईफोन खरीदने वाले उपभोक्ताओं की तादाद सितंबर तिमाही में उच्चतम स्तर पर रही। एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी में पेमेंट सर्विस एप्पल पे की शुरुआत कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी वित्तीय सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया है। एप्पल ने हाल ही में भारत में एक्सिस बैंक के साथ मिलकर अपनी डिजिटल भुगतान सेवा एप्पल पे की आधिकारिक शुरुआत की है। इस रणनीतिक विस्तार के साथ ही एप्पल की यह सुरक्षित भुगतान सेवा अब दुनिया भर के 90 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सक्रिय रूप से उपलब्ध हो गई है, जिससे ग्राहकों को बिना किसी झंझट के डिजिटल लेनदेन की सुविधा मिल रही है। मैक कंप्यूटर और सर्विस बिजनेस ने भी तोड़े कमाई के रिकॉर्ड एप्पल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) केवन पारेख ने वित्तीय ब्योरा देते हुए बताया कि कंपनी के मैक कंप्यूटर खंड का राजस्व 24 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 10.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में मैक कंप्यूटर कारोबार ने अब तक की सबसे ऊंची कमाई का नया मील का पत्थर हासिल किया। इसके अतिरिक्त, एप्पल के सर्विस कारोबार ने भी भारतीय बाजार में अपना सर्वकालिक उच्च राजस्व दर्ज किया। वैश्विक स्तर पर सर्विस बिजनेस की कुल कमाई 10 प्रतिशत बढ़कर 31.6 अरब डॉलर दर्ज की गई। पारेख के अनुसार भारत और लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों में सर्विस सेगमेंट ने अपने प्रदर्शन के नए शिखर को छुआ है। इसका आप पर असर एप्पल की रिकॉर्ड बिक्री और सेवाओं के विस्तार से भारतीय ग्राहकों और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। • भारत में उपभोक्ताओं पर: देश में पुराने फोन के बदले नए आईफोन अपग्रेड करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक्सिस बैंक के ग्राहकों के लिए एप्पल पे शुरू होने से अब फोन के जरिए सीधे सुरक्षित कॉन्टैक्टलेस भुगतान करना संभव हो गया है। • घरेलू टेक बाजार पर: मैक कंप्यूटर और एप्पल सर्विस बिजनेस का रेवेन्यू रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि भारतीय पेशेवर और छात्र अब एप्पल के महंगे हार्डवेयर और डिजिटल सब्सक्रिप्शन पर पहले से ज्यादा खर्च कर रहे हैं। • वैश्विक वित्तीय परिदृश्य पर: मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति बाधाओं के बावजूद 17 प्रतिशत की वैश्विक वृद्धि दर्ज हुई है। इससे साबित होता है कि आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स की वैश्विक मांग स्थिर बनी हुई है। • बैंकिंग और फिनटेक पर: एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी से भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एप्पल की मौजूदगी मजबूत हुई है। आने वाले समय में अन्य घरेलू बैंकों के साथ भी इसी तरह की पेमेंट सुविधाएं जुड़ने की राह खुली है। ऐसा क्यों हुआ एप्पल द्वारा भारत समेत वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन हासिल करने के पीछे कई ठोस कारण और कारोबारी रणनीतियां रही हैं। • उपभोक्ताओं का अपग्रेड चक्र: भारत, अमेरिका और चीन में पुराने फोन के बदले नया आईफोन लेने वाले ग्राहकों की तादाद अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस बड़े अपग्रेड चक्र ने वैश्विक वित्तीय वर्ष के आंकड़ों को मजबूत सहारा दिया। • उत्पाद श्रेणियों में विविधता: केवल स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि मैक कंप्यूटर की बिक्री में सालाना 24 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज हुई। इसके अलावा लैटिन अमेरिका और भारत जैसे उभरते बाजारों में डिजिटल सर्विस सब्सक्रिप्शन ने कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए। • स्थानीय वित्तीय सेवाओं का विस्तार: भारत में एक्सिस बैंक के साथ मिलकर एप्पल पे की शुरुआत की गई, जिससे 90 से अधिक वैश्विक बाजारों वाला पेमेंट नेटवर्क भारत में भी सक्रिय हुआ और ब्रांड की पकड़ मजबूत हुई। सवाल-जवाब 1. जुलाई-सितंबर तिमाही में एप्पल ने भारत में कैसा वित्तीय प्रदर्शन किया? एप्पल ने भारत में अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसमें मैक और सर्विस बिजनेस ने भी रिकॉर्ड कमाई की। 2. वैश्विक स्तर पर आईफोन की कुल बिक्री कितनी रही? दूसरी तिमाही में दुनिया भर में आईफोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 57.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया। 3. भारत में डिजिटल पेमेंट के लिए एप्पल ने क्या कदम उठाया है? एप्पल ने एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी करके भारत में अपनी पेमेंट सर्विस एप्पल पे की शुरुआत की है। 4. मैक कंप्यूटर सेगमेंट का रेवेन्यू कितना बढ़ा? मैक बिजनेस का वैश्विक रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़कर 10.8 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में रिकॉर्ड आंकड़े दर्ज हुए। 5. एप्पल के सर्विस बिजनेस की कमाई कितनी दर्ज की गई? वैश्विक स्तर पर सर्विस बिजनेस की कमाई 10 प्रतिशत बढ़कर 31.6 अरब डॉलर रही और इसने भारत में अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया। https://trendkia.com/business/iphone-ki-rikorda-bikri-se-apple-ki-bharata-men-aitihasika-kamai-globala-revenyu-57-6-araba-dolara-pahuncha-55890 TrendKia — Har trend, sabse pehle.