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  "title": "ईपीएफओ ने खोला अपना पोर्टल: दो हफ्ते के मेंटेनेंस के बाद अब पासबुक और बैलेंस चेक करना हुआ आसान",
  "summary": "करीब दो सप्ताह तक बंद रहने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की वेबसाइट फिर से सक्रिय हो गई है, जिससे खाताधारक अब अपना बैलेंस और पासबुक देख सकते हैं। साथ ही, ब्याज भुगतान और नई यूएएन प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।",
  "content": "नई दिल्ली। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी वेबसाइट और पोर्टल को दोबारा सक्रिय कर दिया है। तकनीकी अपग्रेड और मेंटेनेंस कार्यों के चलते ईपीएफओ का यह पोर्टल लगभग दो सप्ताह से बंद पड़ा था, जिसकी वजह से करोड़ों खाताधारकों को अपने बैलेंस की जांच करने या क्लेम सेटलमेंट जैसी सेवाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब संगठन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर लॉग इन की सुविधा बहाल कर दी गई है और सदस्य अपनी पासबुक के साथ-साथ अकाउंट स्टेटमेंट भी देख सकते हैं।\n\nपोर्टल पर आंशिक सेवाएं बहाल\nईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, पोर्टल पर फिलहाल केवल चालू वित्त वर्ष के दौरान किए गए लेनदेन का विवरण ही उपलब्ध कराया गया है। पूर्व के वर्षों के लेनदेन का ब्योरा अभी पासबुक में नहीं दिख रहा है क्योंकि ईपीएफओ अभी भी पुरानी जानकारी को नए सिस्टम में माइग्रेट करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। संगठन ने बताया है कि 3 जुलाई से डेटा माइग्रेशन का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है और आने वाले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न हो जाएगी। इसके लिए खाताधारकों को किसी भी प्रकार का आवेदन या रिक्वेस्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि यह एक स्वचालित प्रक्रिया है।\n\nब्याज भुगतान और नई घोषणाएं\nईपीएफओ ने बीते वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी ब्याज दर देने की घोषणा पहले ही कर दी थी, और अब सेवाएं बहाल होते ही ब्याज वितरण की तैयारी तेज हो गई है। संगठन की योजना के तहत, 15 जुलाई के बाद से प्रोविडेंट फंड खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि जमा की जानी शुरू हो जाएगी। कुल 8 करोड़ खाताधारकों को 8.25 फीसदी की दर से मिलने वाला यह लाभ सीधे उनके खातों में रिफ्लेक्ट होगा। माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सदस्य अपनी पासबुक को चेक कर ब्याज की गणना और प्राप्त राशि का विवरण देख सकेंगे।\n\nवेबसाइट की लंबी बंदी की पृष्ठभूमि\nमेंटेनेंस के नाम पर बंद हुए इस पोर्टल को लेकर काफी समय तक असमंजस की स्थिति रही। शुरुआत में ईपीएफओ ने इसे 29 जून से फिर से शुरू करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी जटिलताओं के कारण इसे चालू करने में निर्धारित समय से लगभग 11 दिन अधिक का समय लग गया। इस देरी ने आम उपयोगकर्ताओं के बीच काफी चिंता पैदा कर दी थी, लेकिन अब सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।\n\nUAN एक्टिवेशन में आया बड़ा बदलाव\nईपीएफओ ने अपने पोर्टल पर सुरक्षा और प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। अब सदस्य अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के माध्यम से नया UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) एक्टिवेट नहीं कर पाएंगे। इस नई व्यवस्था के तहत, UAN जनरेट करने के लिए अब केवल उमंग मोबाइल ऐप का ही उपयोग करना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उमंग ऐप पर आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बारे में विस्तृत जानकारी ईपीएफओ के अपडेटेड पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: ईपीएफओ सदस्य अब अपनी बचत और ब्याज की जानकारी ऑनलाइन जांच सकते हैं, जो निवेश की योजना बनाने में मदद करेगा।\n\nसेवा पर प्रभाव: यदि आप नया यूएएन सक्रिय करना चाहते हैं, तो अब आपको उमंग ऐप का ही उपयोग करना होगा, क्योंकि वेबसाइट पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ईपीएफओ पोर्टल कितने दिनों तक बंद था?\nईपीएफओ पोर्टल तकनीकी अपग्रेड और मेंटेनेंस कार्यों के चलते करीब दो सप्ताह तक बंद रहा था।\n\n2. क्या अभी पुराना ट्रांजैक्शन विवरण दिख रहा है?\nअभी पोर्टल पर केवल इस वर्ष के ट्रांजैक्शन की जानकारी उपलब्ध है, पुराने डेटा को माइग्रेट करने का काम चल रहा है जो कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा।\n\n3. ईपीएफओ ब्याज का भुगतान कब शुरू करेगा?\nईपीएफओ 15 जुलाई के बाद खाताधारकों के खातों में 8.25 फीसदी की दर से ब्याज का भुगतान शुरू कर देगा।\n\n4. नया यूएएन एक्टिवेट करने के लिए अब किस ऐप का उपयोग करना होगा?\nयूएएन नंबर को एक्टिवेट करने के लिए अब उमंग मोबाइल ऐप का उपयोग करना अनिवार्य है, जिसके लिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन का सहारा लिया जाएगा।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-10",
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