ग्लोबल क्लीन एनर्जी का नया हब बनेगा जयपुर, 75 देशों की भागीदारी वाले दिल्ली समिट से पहले हुआ पहला रोड-शो दिल्ली में होने वाले भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 से पहले जयपुर के आईटीसी शेरेटन होटल में पहला रोड-शो आयोजित किया गया। इस दौरान देश के सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी कड़ी में निवेश को बढ़ावा देने के लिए जयपुर में एक अहम कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजस्थान की राजधानी के आईटीसी शेरेटन होटल में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का पहला रीजनल रोड-शो संपन्न हुआ। इस बैठक में सरकारी प्रतिनिधियों के अलावा उद्योग जगत के दिग्गज और क्लीन एनर्जी सेक्टर से जुड़े प्रमुख हितधारक शामिल हुए। दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर के बीच होने वाले मुख्य आयोजन से पहले देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे रोड-शो आयोजित किए जा रहे हैं ताकि निवेशकों और कारोबारियों को एक साझा मंच मिल सके। जयपुर को क्यों चुना गया पहला केंद्र इस सिलसिले की शुरुआत के लिए जयपुर को चुने जाने के पीछे एक खास वजह है। राजस्थान देश भर में सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन के मामले में सबसे अग्रणी राज्यों में शुमार होता है। प्रदेश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी की परियोजनाएं पहले से संचालित हो रही हैं और आने वाले वक्त में इस क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। इस आयोजन में नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय यानी MNRE के संयुक्त सचिव राजेश कुलहरि विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने देश में क्लीन एनर्जी की वर्तमान स्थिति और भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने का बड़ा लक्ष्य तय किया है और इस मिशन को पूरा करने में राजस्थान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। 75 देशों के प्रतिनिधि संभालेंगे मोर्चा राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आगामी 2 से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाले भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 को एक बहुत बड़े वैश्विक स्तर के आयोजन के रूप में रूपरेखा दी जा रही है। इस अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में 20 से अधिक राज्यों की सरकारें अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। इसके साथ ही दुनिया भर के 75 देशों से प्रतिनिधि इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। आयोजकों के अनुसार इस बड़े मंच पर 250 से ज्यादा उच्चस्तरीय प्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे, जो क्लीन एनर्जी के भविष्य पर मंथन करेंगे। सत्रों और वक्ताओं का विस्तृत खाका आगामी समिट के दौरान कुल 80 से अधिक विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में लगभग 500 वक्ता अपने विचार साझा करेंगे और विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। बैठकों का मुख्य केंद्र बिंदु अक्षय ऊर्जा, भारी निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और भविष्य की ऊर्जा जरूरतें रहेंगी। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन नेटवर्किंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोलर एनर्जी का सहयोग इस समिट की मुख्य थीम के रूप में तय किए गए हैं। इसका मूल उद्देश्य भारत और अन्य विदेशी राष्ट्रों के बीच क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में आपसी सहयोग और निवेश के नए रास्ते तलाशना है। 300 गीगावाट के आंकड़े को किया पार देश में अक्षय ऊर्जा का कुल उत्पादन अब 300 गीगावाट के आंकड़े को पार कर चुका है। अब सरकार का पूरा ध्यान वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट के निर्धारित लक्ष्य को छूने पर है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए भारी-भरकम निवेश, नई परियोजनाओं की शुरुआत और आधुनिक तकनीक का होना बहुत जरूरी है। यही कारण है कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट को इस पूरे उद्योग के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। जयपुर के रोड-शो के दौरान सरकारी नुमाइंदों और उद्योगपतियों के बीच निवेश की संभावनाओं को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। 400 से ज्यादा एग्जीबिटर्स दिखाएंगे तकनीक मुख्य आयोजन के दौरान 400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपनी प्रदर्शनी लगाएंगे। साथ ही 25 से ज्यादा नॉलेज पार्टनर्स भी इस वृहद आयोजन का हिस्सा बनेंगे। इस प्रदर्शनी में रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े नए उत्पाद, आधुनिक तकनीक और समाधान देखने को मिलेंगे, जिससे निवेशकों और कंपनियों को एक-दूसरे से सीधे जुड़ने का शानदार अवसर मिलेगा। जयपुर में हुआ यह रोड-शो इसी सिलसिले की एक बड़ी शुरुआत है, जो नवंबर में दिल्ली के मुख्य मंच पर जाकर अपने चरम पर पहुंचेगा। इसका आप पर असर भारत में: देश में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और निवेश को बढ़ावा मिलने से क्लीन एनर्जी का दायरा बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जयपुर में: राजस्थान के सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर में निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बनेंगे। सवाल-जवाब 1. भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का मुख्य आयोजन कहां और कब होगा? मुख्य आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर के बीच होगा। 2. पहला रोड-शो किस शहर में आयोजित किया गया था? पहला रोड-शो राजस्थान की राजधानी जयपुर के आईटीसी शेरेटन होटल में आयोजित किया गया। 3. भारत का 2030 तक का अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य क्या है? भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट की नॉन फॉसिल फ्यूल क्षमता विकसित करना है। 4. इस समिट में कितने देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है? समिट में 75 देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। https://trendkia.com/business/jaipur-hosts-first-roadshow-ahead-of-india-renewable-energy-summit-2026-with-75-nations-21396 TrendKia — Har trend, sabse pehle.