जापानी कंपनी कैनन भारत में चिप निर्माण के लिए अपनी लिथोग्राफी तकनीक लाने को तैयार ऑप्टिकल तकनीक कंपनी कैनन भारत के उभरते चिप निर्माण क्षेत्र में अपनी लिथोग्राफी मशीनें और सेवा केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। कंपनी भारतीय सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के साथ बातचीत कर रही है। जापान की प्रसिद्ध इमेजिंग और ऑप्टिकल उपकरण निर्माता कंपनी कैनन भारत के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कदम बढ़ा रही है। देश में चिप बनाने वाले संयंत्रों को उन्नत तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जापानी कंपनी भारत में अपनी अत्याधुनिक लिथोग्राफी तकनीक और विशेष सेवा केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इस रणनीति के तहत कंपनी ने भारत में आकार ले रहीं प्रमुख सेमीकंडक्टर परियोजनाओं से जुड़े विनिर्माताओं के साथ प्राथमिक चर्चा भी शुरू कर दी है। घरेलू चिप निर्माण के विस्तार में दिख रहे कारोबारी अवसर कैनन इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ तोशियाकी नोमुरा के अनुसार, भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण का विस्तार कंपनी के लिए एक बड़ा कारोबारी अवसर बनकर उभर रहा है। वैश्विक स्तर पर कैनन चिप निर्माण की प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाने वाली लिथोग्राफी मशीनों की एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता मानी जाती है। तोशियाकी नोमुरा ने स्पष्ट किया कि भारत में इस समय सेमीकंडक्टर निर्माण उद्योग जगत में चर्चा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा, "हमारे पास इन चिप को बनाने के लिए लिथोग्राफी मशीनें हैं और हम अपनी टेक्नोलॉजी के जरिये भारत में चिप मैन्यूफैक्चरर्स को सहयोग देना चाहते हैं।" परियोजनाओं के साथ बातचीत और भविष्य की योजनाएं तोशियाकी नोमुरा ने यह भी जानकारी दी कि कैनन ने भारत में विकसित किए जा रहे प्रमुख सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स से जुड़े प्रमुख विनिर्माताओं के साथ संवाद स्थापित किया है। हालांकि, मौजूदा चरण में कंपनी ने अभी तक किसी विशिष्ट संयंत्र, विशेष प्रोजेक्ट या व्यक्तिगत ग्राहक के साथ औपचारिक समझौते अथवा डील की सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। दोनों पक्षों के बीच तकनीकी आवश्यकताओं और आपूर्ति तंत्र को लेकर बातचीत जारी है। सर्विस और तकनीकी सहायता नेटवर्क स्थापित करने की तैयारी कैनन इंडिया के नेतृत्व का मानना है कि जैसे-जैसे देश में सेमीकंडक्टर से संबंधित इकाइयां और विनिर्माण परियोजनाएं धरातल पर आगे बढ़ेंगी, वैसे-वैसे कंपनी के लिए अपने समर्पित तकनीकी सहायता नेटवर्क और सर्विस फ्रेमवर्क को मजबूत करने के अवसर भी लगातार बढ़ेंगे। चिप निर्माण से जुड़े ग्राहकों को निरंतर तकनीकी परामर्श और मशीनों के सुचारू संचालन के लिए देश में ही मजबूत सेवा ढांचा उपलब्ध कराना कंपनी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं का समर्थन भारत में चिप निर्माण के इस पूरे परिदृश्य को गति केंद्र सरकार की नीतियों से मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार घरेलू चिप उत्पादन को सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के तहत कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को पहले ही हरी झंडी दिखा चुकी है। इन मंजूरियों में संपूर्ण चिप मैन्यूफैक्चरिंग के साथ-साथ असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग से जुड़े व्यापक बुनियादी ढांचे शामिल हैं। सरकार के इस सक्रिय प्रोत्साहन के बीच कैनन अपनी स्थापित लिथोग्राफी विशेषज्ञता और तकनीकी सेवाओं के माध्यम से भारत के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में अपनी स्थायी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। इसका आप पर असर भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए वैश्विक तकनीकी कंपनियों का आगमन घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्र को गति देगा। • इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर: घरेलू स्तर पर चिप निर्माण के लिए उन्नत मशीनरी मिलने से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का स्थानीय उत्पादन सुगम होगा। इससे लंबी अवधि में विदेशी आयात पर निर्भरता कम होने और आपूर्ति श्रृंखला स्थिर रहने की संभावना बनेगी। • तकनीकी रोजगार के अवसर: लिथोग्राफी तकनीक और विशेष सेवा केंद्रों की स्थापना से उच्च कौशल वाले इंजीनियरों के लिए नए कार्यक्षेत्र तैयार होंगे। चिप टेस्टिंग और सर्विसिंग से जुड़े तकनीकी जानकारों की घरेलू स्तर पर मांग बढ़ेगी। • निवेश और विनिर्माण: विदेशी उपकरण निर्माताओं की रुचि से भारत की चिप निर्माण परियोजनाओं में गति आएगी। वैश्विक कंपनियों का समर्थन मिलने से नए फैब्रिकेशन संयंत्रों को आवश्यक तकनीकी सहायता स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। • औद्योगिक इकोसिस्टम: असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग इकाइयों को उपकरणों के रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे संयंत्रों में तकनीकी खराबी के दौरान लगने वाला समय कम हो सकेगा। ऐसा क्यों हुआ भारत सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं और बढ़ते घरेलू बाजार के कारण वैश्विक कंपनियां देश में विनिर्माण को विस्तार दे रही हैं। • सरकारी नीतियों का प्रोत्साहन: भारत सरकार ने चिप निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं को मंजूरी दी है। इन पहलों ने वैश्विक तकनीक आपूर्तिकर्ताओं के लिए भारतीय बाजार में कदम रखने के अनुकूल अवसर बनाए हैं। • लिथोग्राफी उपकरणों की मांग: सिलिकॉन वेफर पर सर्किट तैयार करने के लिए लिथोग्राफी मशीनों की प्राथमिक आवश्यकता होती है। भारत में नई सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित होने से इन विशेष उपकरणों की स्थानीय जरूरत महसूस की जा रही है। • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का विविधीकरण: तकनीकी कंपनियां सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नए उभरते बाजारों के साथ साझेदारी कर अपना कारोबार बढ़ाना चाहती हैं। कैनन इसी रणनीति के तहत भारतीय संयंत्रों को मशीनरी और रखरखाव सेवाएं देने की संभावनाएं तलाश रही है। सवाल-जवाब 1. कैनन भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में क्या करने की योजना बना रही है? कैनन भारत में अपनी लिथोग्राफी तकनीक और विशेष सर्विस केंद्र स्थापित करके चिप निर्माताओं को तकनीकी सहयोग देने की योजना पर काम कर रही है। 2. क्या कैनन ने किसी भारतीय कंपनी के साथ आधिकारिक डील की है? कैनन ने प्रमुख सेमीकंडक्टर परियोजनाओं से जुड़े निर्माताओं से बातचीत की है, लेकिन अभी किसी विशेष प्रोजेक्ट या ग्राहक के साथ औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं की है। 3. चिप निर्माण में लिथोग्राफी मशीनों की क्या भूमिका होती है? लिथोग्राफी मशीनें सेमीकंडक्टर और चिप विनिर्माण प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा होती हैं, जिनका इस्तेमाल चिप पर सूक्ष्म सर्किट बनाने के लिए किया जाता है। 4. भारत सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठा रही है? सरकार प्रोत्साहन योजनाओं के तहत चिप निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे चुकी है। https://trendkia.com/business/japani-knpani-canon-bharata-men-chipa-nirmana-ke-lie-apani-lithographi-takanika-lane-ko-taiyara-42663 TrendKia — Har trend, sabse pehle.