# जयपुर के प्रशांत शर्मा ने शुरू किया अनोखा स्टार्टअप, महज 5 रुपये में मिल रहे हैं 50 तरह की सब्जियों के पौधे

> जयपुर के युवा प्रशांत शर्मा ने बास्केट गार्डेन की शुरुआत करके मात्र 5 से 10 रुपये में सब्जियों और पौधों की 50 से अधिक किस्में उपलब्ध कराई हैं।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/jayapura-ke-prashant-sharma-ne-shuru-kiya-anokha-startaapa-mahaja-5-rupaye-men-mila-rahe-hain-50-taraha-ki-sabjiyon-ke-paudhe-48618 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्रशांत शर्मा, जयपुर स्टार्टअप, बास्केट गार्डेन, जैविक खेती, किचन गार्डेनिंग, अजमेरी गेट जयपुर, सब्जी के पौधे

जयपुर के युवाओं के बीच स्टार्टअप संस्कृति तेजी से पैर पसार रही है और छोटे स्तर से शुरू होने वाले कई नए विचार आज बड़ी सफलता की कहानियां लिख रहे हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक सफर तय किया है जयपुर के रहने वाले प्रशांत शर्मा ने, जिन्होंने एक छोटी सी दुकान से बास्केट गार्डेन की नींव रखी थी। आज उनका यह अभिनव प्रयास अपने खास जैविक पौधों, अनूठे गार्डेनिंग आइडियाज और आवश्यक सामग्री के लिए पूरे इलाके में मशहूर हो चुका है। इस छोटे से कारोबार ने न केवल स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, बल्कि शहरी इलाकों में घर-घर बागवानी के शौक को भी एक नया आयाम दिया है।

## बीजों के प्रयोग से हुई थी शुरुआत
इस कारोबार की शुरुआत से पहले प्रशांत शर्मा खाद और बीज का कारोबार किया करते थे। उन्होंने विभिन्न प्रकार के बीजों से पौधे उगाने के लिए कई प्रयोग किए और कम बीजों की मदद से सैकड़ों जैविक पौधे तैयार करने में सफलता हासिल की। मौजूदा समय में शहरों के भीतर छतों, बालकनियों और रसोई घरों में बागवानी करने का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। इसी बढ़ती मांग और रुझान को भांपते हुए उन्होंने अपने इस स्टार्टअप को एक ठोस दिशा दी। अपने काम में और अधिक निखार लाने के लिए उन्होंने जयपुर के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद से पौधों की उपज और गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करते हुए एक विशेष डिप्लोमा भी पूरा किया। इसके बाद उन्होंने अपने घर से ही पौधों को उगाने का काम शुरू किया और धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों की गहरी जानकारी हासिल कर ली।

## महज 5 से 10 रुपये में मिल रहे हैं पौधे
प्रशांत शर्मा अपनी नर्सरी के जरिए टमाटर, मिर्च और बैंगन जैसी लोकप्रिय सब्जियों के सैकड़ों पौधे बेहद किफायती दामों पर उपलब्ध कराते हैं। इन पौधों की कीमत उन्होंने मात्र 5 से 10 रुपये के बीच रखी है ताकि हर आम आदमी आसानी से इन्हें खरीद सके। इतनी कम कीमत में उच्च गुणवत्ता वाले पौधे मिलने के कारण दूर-दूर से लोग उनकी तरफ आकर्षित होने लगे और देखते ही देखते उनके पौधों की मांग में भारी इजाफा दर्ज किया गया। सोशल मीडिया पर उनके इस अनूठे कॉन्सेप्ट को लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला, जिसके चलते आज दूरदराज के इलाकों से लोग फल, फूल और सब्जियों के पौधे खरीदने के लिए उनकी दुकान तक पहुंचते हैं। उनका मानना है कि इस न्यूनतम कीमत से उन्हें बहुत बड़ा मुनाफा भले ही न होता हो, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य लोगों में बागवानी के प्रति रुचि जगाना और उन्हें रसायनमुक्त जैविक भोजन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में वे अपनी नर्सरी के भीतर लगभग 50 अलग-अलग किस्मों के पौधे तैयार करते हैं जो कुछ ही महीनों के भीतर फल और सब्जियां देना शुरू कर देते हैं।

## बड़े रेस्तरां और होटलों से मिलते हैं ऑर्डर
भले ही प्रशांत शर्मा एक छोटी सी दुकान से अपना कारोबार संचालित करते हैं, लेकिन उनकी पहुंच और ख्याति डिजिटल माध्यमों के जरिए काफी दूर तक फैल चुकी है। उन्हें सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आवासीय परिसरों के अलावा बड़े-बड़े होटलों और रेस्तरां से भी बागवानी के काम के लिए बड़े ऑर्डर मिलते हैं। उनकी दुकान पर केवल पौधे ही नहीं बल्कि बागवानी से जुड़ी हुई तमाम जरूरी सामग्रियां भी मिलती हैं जिनकी ग्राहकों के बीच हमेशा भारी डिमांड बनी रहती है। इसके अलावा लोग पौधों की सही देखभाल से जुड़ी सलाह लेने के लिए भी उनके पास आते हैं। पौधे में किस तरह की खाद का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और यदि पौधे की सेहत में कोई बदलाव नजर आए तो कौन सी दवा या उपचार करना चाहिए, इन सभी बातों की जानकारी लेने के लिए ग्राहकों का तांता लगा रहता है। प्रशांत शर्मा की यह दुकान जयपुर के अजमेरी गेट के पास एक तंग गली में स्थित है, जहां पौधे और गार्डेनिंग का सामान खरीदने के लिए हमेशा खरीदारों की भीड़ जुटी रहती है।

## इसका आप पर असर
यह पहल घर पर बागवानी करने के शौकीन लोगों और शहरी परिवारों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।

- **जयपुर में:** स्थानीय निवासी और आसपास के क्षेत्रों के लोग अजमेरी गेट स्थित दुकान से बेहद कम कीमत पर 50 से अधिक किस्मों के पौधे सीधे खरीद सकते हैं।
- **लागत बचत:** मात्र 5 से 10 रुपये प्रति पौधे की शुरुआती कीमत होने के कारण आम नागरिक बिना किसी बड़े वित्तीय बोझ के अपने घरों की छतों और बालकनियों में जैविक सब्जियां उगा सकते हैं।
- **खानपान पर असर:** खरीदार अपने ही घर पर ताजी और रसायनमुक्त सब्जियां प्राप्त कर सकते हैं, जिससे परिवार के दैनिक स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार होता है।
- **व्यावसायिक सेवाएं:** बड़े रेस्तरां, होटल और घर मालिक अपनी संपत्ति पर लैंडस्केपिंग और बागवानी के लिए इस स्टार्टअप की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
- **विशेषज्ञ सलाह:** पौधे की उचित देखभाल, सही खाद के चुनाव और पौधों की बीमारियों के समाधान के लिए लोग पेशेवर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह स्टार्टअप शहरी इलाकों में बढ़ते स्वास्थ्य के प्रति रुझान और घर पर सब्जियां उगाने की बढ़ती आवश्यकता के कारण अस्तित्व में आया। शहरों में रहने वाले लोग रासायनिक खादों से दूर रहना चाहते थे और बालकनी या छतों पर बागवानी करना पसंद कर रहे थे।

- **शहरी प्रवृत्तियों का प्रभाव:** छतों और रसोई घरों में खुद सब्जियां उगाने के चलन में तेजी आने से इस प्रकार के सुलभ गार्डेनिंग कॉन्सेप्ट की मांग पैदा हुई।
- **कृषि शिक्षा का आधार:** संस्थापक द्वारा राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद से पौधे उगाने और उनकी गुणवत्ता से जुड़ा डिप्लोमा प्राप्त करने से इस काम को वैज्ञानिक और व्यावहारिक आधार मिला।
- **कम लागत का दृष्टिकोण:** संस्थापक का मुख्य उद्देश्य अधिकतम मुनाफा कमाने के बजाय अधिक से अधिक लोगों तक किफायती पौधे पहुंचाना और बागवानी को बढ़ावा देना था।
- **डिजिटल माध्यमों का विस्तार:** सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के उपयोग से इस छोटे से स्थानीय व्यवसाय को होटलों, रेस्तरां और दूरदराज के ग्राहकों तक पहुंचने का बड़ा अवसर मिला।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रशांत शर्मा का स्टार्टअप कहां स्थित है?
उनकी दुकान जयपुर के अजमेरी गेट के नजदीक एक गली में स्थित है।

### 2. पौधों की कीमत कितनी रखी गई है?
नर्सरी में मिलने वाले पौधों की कीमत मात्र 5 से 10 रुपये के बीच है।

### 3. इस स्टार्टअप की शुरुआत कितने साल पहले हुई थी?
इस स्टार्टअप की शुरुआत 5 साल पहले हुई थी।

### 4. प्रशांत शर्मा ने पौधों की उपज की शिक्षा कहां से ली थी?
उन्होंने जयपुर के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद से पौधों की उपज और गुणवत्ता का डिप्लोमा किया था।

### 5. नर्सरी में मुख्य रूप से किस तरह के पौधे तैयार किए जाते हैं?
नर्सरी में टमाटर, मिर्च और बैंगन जैसी सब्जियों के साथ-साथ फल और फूल के कुल 50 वैरायटी के पौधे तैयार किए जाते हैं।

## प्रेरणा और सबक
प्रशांत शर्मा की यह सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है जो सीमित संसाधनों के साथ अपना कुछ नया शुरू करना चाहते हैं।

- **सीमित शुरुआत से सफलता:** एक छोटी सी दुकान और खाद-बीज के साधारण काम से शुरुआत करके भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
- **कौशल और शिक्षा का महत्व:** किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए औपचारिक शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण (जैसे कृषि डिप्लोमा) आपके काम को और बेहतर बना सकता है।
- **जनता की जरूरत को समझें:** ऐसा उत्पाद या सेवा तैयार करें जो आम आदमी की पहुंच में हो, जिससे ग्राहक स्वतः ही आपकी ओर आकर्षित होते हैं।
- **डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग:** छोटी भौतिक उपस्थिति के बावजूद सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए अपने कारोबार को दूर-दूर तक फैलाया जा सकता है।
- **मुख्य उद्देश्य पर पकड़:** केवल भारी मुनाफे के पीछे भागने के बजाय लोगों की जरूरत और सामाजिक रुचि को प्राथमिकता देना लंबी सफलता की गारंटी बनता है।

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