# जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम से पहले अनौपचारिक बाजार में 22 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम पर पहुंचे शेयर

> जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के निर्गम से पहले ग्रे मार्केट में 252 रुपये का प्रीमियम दर्ज किया गया, जबकि एंकर निवेशकों से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बोलियां मिलीं।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/jio-platforms-ke-sarvajanika-nirgama-se-pahale-anaupacharika-bajara-men-22-phisadi-se-jyada-primiyama-para-pahunche-sheyara-49962 · **Language:** Hindi
**Tags:** जियो प्लेटफॉर्म्स, आईपीओ, ग्रे मार्केट प्रीमियम, रिलायंस इंडस्ट्रीज, शेयर बाजार, एंकर निवेशक

भारतीय पूंजी बाजार में इस साल के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। बोली प्रक्रिया की शुरुआत बुधवार 21 अक्टूबर से होने जा रही है, जो 23 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद कंपनी के शेयरों का आवंटन पूरा कर 28 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजारों में इनकी औपचारिक लिस्टिंग की जाएगी। इस निर्गम का कुल आकार 30,213 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसके तहत कंपनी 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने जा रही है। प्रबंधन ने इस निर्गम के लिए प्रति शेयर 1065 रुपये से 1119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है।

 निर्गम से जुटाई जाने वाली कुल पूंजी का एक बड़ा हिस्सा कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूती देने के काम आएगा। योजना के मुताबिक, कुल राशि में से 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रमुख परिचालन अनुषंगी इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के मौजूदा कर्जों के समय से पूर्व भुगतान के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से कंपनी के ब्याज खर्च में भारी कमी आएगी, जिससे परिचालन लाभप्रदता और शुद्ध नकदी प्रवाह दोनों को मजबूती मिलेगी।

 

## ग्रे मार्केट में शेयरों की स्थिति और संभावित मुनाफा
 अनौपचारिक सौदों के बाजार यानी ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर जबर्दस्त प्रीमियम देखा जा रहा है। 19 अक्टूबर को उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम 252 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। यदि इसकी गणना 1119 रुपये के ऊपरी मूल्य दायरे पर की जाए, तो यह लगभग 22.52 प्रतिशत के प्रीमियम का संकेत देता है। इस रुझान के आधार पर ग्रे मार्केट में शेयर की अनुमानित कीमत 1371 रुपये के आसपास आंकी जा रही है।

 खुदरा निवेशकों के लिए कंपनी ने न्यूनतम लॉट साइज 12 शेयरों का निर्धारित किया है। ऊपरी मूल्य दायरे पर यदि कोई निवेशक एक लॉट के लिए आवेदन करता है और उसे शेयर आवंटित होते हैं, तो 252 रुपये के मौजूदा प्रीमियम के अनुसार प्रति लॉट लगभग 3024 रुपये का संभावित लिस्टिंग लाभ मिल सकता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि ग्रे मार्केट केवल एक अनौपचारिक और गैर-विनियमित पैमाना है, जो बाजार की तात्कालिक धारणा को दर्शाता है। इसमें होने वाले उतार-चढ़ाव वास्तविक लिस्टिंग कीमत अथवा मुनाफे की कोई कानूनी गारंटी नहीं देते हैं।

 

## एंकर निवेशकों की तरफ से 30 गुना ज्यादा बोलियां
 सार्वजनिक निर्गम आम निवेशकों के लिए खुलने से पहले सोमवार को संस्थागत एंकर निवेशकों के लिए एक दिन की बोली खिड़की खोली गई थी। इस दौरान वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशकों की ओर से रिकॉर्ड तोड़ प्रतिक्रिया देखने को मिली। एंकर श्रेणी के लिए आरक्षित 8110 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक मूल्य की बोलियां प्राप्त हुईं।

 उपलब्ध कोटा के मुकाबले 30 गुना से अधिक की यह मांग भारतीय प्राथमिक बाजार के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संस्थागत मांग में गिनी जा रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर लगी बोलियों के कारण कई बड़े विदेशी और घरेलू फंडों को उनकी मांग के अनुसार शेयर नहीं मिल सके हैं। यह अतृप्त मांग लिस्टिंग के दिन और उसके बाद द्वितीयक बाजार में अतिरिक्त खरीदारी का आधार बन सकती है।

 

## प्रति ग्राहक औसत आय और डिजिटल सेवाओं पर ब्रोकरेज की राय
 कंपनी के भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन और मूल्यांकन पर विभिन्न ब्रोकरेज हाउसों ने विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किए हैं। ब्रोकरेज फर्म फिलिपकैपिटल ने अपने विश्लेषण में रेखांकित किया है कि वर्ष 2016 में वाणिज्यिक सेवाओं की शुरुआत के बाद से जियो ने डेटा की किफायती दरों और नवाचार आधारित सेवाओं के जरिए पूरे भारतीय दूरसंचार परिदृश्य को नए सिरे से परिभाषित किया है। फर्म के अनुसार, भविष्य की आय वृद्धि मुख्य रूप से प्रति यूजर औसत रेवेन्यू यानी एआरपीयू में वृद्धि, ग्राहकों द्वारा ऊंचे प्लान अपनाने और डिजिटल सेवाओं के व्यापक मुद्रीकरण पर निर्भर करेगी। यदि शुल्क दरों में नियमित बढ़ोतरी होती है, तो कंपनी की लाभप्रदता में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

 वहीं एसबीआईकैप्स ने अपने आकलन में कहा है कि इस आईपीओ का मूल्यांकन कंपनी के विशाल उपभोक्ता आधार, तकनीकी नवाचार, परिचालन क्षमता और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण की क्षमता को सही ढंग से दर्शाता है। इसके अलावा 27,500 करोड़ रुपये के कर्ज चुकाने के निर्णय को वित्तीय रूप से अत्यंत लाभकारी माना गया है, क्योंकि इससे ब्याज लागत घटेगी और भविष्य के रणनीतिक निवेशों के लिए आंतरिक नकदी का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

 

## पूंजीगत खर्च में गिरावट और नकदी प्रवाह में मजबूती
 ब्रोकरेज फर्म एमके के वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक, जियो की नकदी सृजन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का परिचालन नकदी प्रवाह लगभग 77,556 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू यह रहा है कि कंपनी का पूंजीगत व्यय यानी कैपेक्स, जो वित्त वर्ष 2024 में कुल राजस्व का 48.8 प्रतिशत था, वह वित्त वर्ष 2026 में घटकर महज 23.3 प्रतिशत के स्तर पर आ गया।

 नेटवर्क विस्तार का भारी चरण पूरा होने के बाद कैपेक्स में आई इस कमी से कंपनी को वित्तीय लचीलापन मिलेगा। इससे जियो अपनी अतिरिक्त नकदी का उपयोग 5G सेवाओं के विस्तार, डेटा सेंटर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मजबूत करने में कर सकेगी।

 मूल्यांकन के मोर्चे पर सेंट्रम ब्रोकिंग ने जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी का कुल मूल्य लगभग 11.5 लाख करोड़ रुपये आंका है। ब्रोकरेज ने इसके लिए दूरसंचार व्यवसाय और अन्य डिजिटल व्यवसायों का अलग-अलग मूल्यांकन किया है। सेंट्रम ब्रोकिंग का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के दौरान कंपनी के राजस्व में करीब 14 प्रतिशत, ब्याज व कर से पूर्व परिचालन लाभ यानी एबिटा में 16 प्रतिशत और कर पश्चात शुद्ध लाभ यानी पैट में 16 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर से वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

## इसका आप पर असर
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस विशाल आईपीओ और मजबूत लिस्टिंग संकेतों का असर प्राथमिक बाजार में आवेदन करने वाले खुदरा निवेशकों और शेयर बाजार के रुख पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

- **खुदरा निवेशकों के लिए:** न्यूनतम 12 शेयरों के एक लॉट पर वर्तमान में 3024 रुपये का संभावित लिस्टिंग मुनाफा दिखाई दे रहा है। 21 से 23 अक्टूबर के बीच आवेदन करने वाले खुदरा निवेशकों को 1119 रुपये के ऊपरी मूल्य पर कम से कम 13,428 रुपये का निवेश आरक्षित रखना होगा।
- **दूरसंचार ग्राहकों के लिए:** कंपनी का पूरा ध्यान एआरपीयू बढ़ाने और प्रीमियम डिजिटल सेवाओं पर केंद्रित हो रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में 5G और अन्य सेवाओं के लिए मोबाइल रिचार्ज प्लान धीरे-धीरे महंगे हो सकते हैं।
- **शेयर बाजार के निवेशकों के लिए:** 27,500 करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान से रिलायंस समूह की बैलेंस शीट काफी हल्की होगी। मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मूल्यांकन में इससे बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
- **संस्थागत आवंटन के बाद असर:** एंकर श्रेणी में 30 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन के कारण जिन बड़े फंडों को शेयर नहीं मिले हैं, वे लिस्टिंग के बाद खरीदारी कर सकते हैं। इससे 28 अक्टूबर को लिस्टिंग के दिन बाजार में तेज हलचल और लिक्विडिटी देखने को मिल सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में मजबूत मांग और ऊंचा ग्रे मार्केट प्रीमियम कंपनी के वित्तीय पुनर्गठन, पूंजीगत खर्च में भारी कमी और कर्ज मुक्ति के रोडमैप के कारण देखने को मिल रहा है।

- **भारी कर्ज में कटौती की योजना:** जुटाई जाने वाली पूंजी में से 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग मुख्य परिचालन अनुषंगी के कर्जों को समय से पहले चुकाने में होगा। इससे ब्याज लागत में भारी कटौती होगी और कंपनी की शुद्ध लाभप्रदता तेजी से बढ़ेगी।
- **पूंजीगत खर्च में गिरावट:** नेटवर्क निर्माण का बड़ा चरण पूरा होने से कैपेक्स राजस्व के 48.8 प्रतिशत से गिरकर वित्त वर्ष 2026 में 23.3 प्रतिशत पर आ गया है। इस गिरावट ने कंपनी के पास नई तकनीकों और नकदी भंडार के लिए भारी वित्तीय लचीलापन पैदा किया है।
- **संस्थागत निवेशकों का प्रचंड भरोसा:** एंकर श्रेणी में 8110 करोड़ रुपये के शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये की ऐतिहासिक बोलियां दर्ज की गईं। संस्थागत निवेशकों की इस 30 गुना मांग ने अनौपचारिक बाजार में प्रीमियम को 252 रुपये तक उछाल दिया।
- **एआरपीयू और डिजिटल राजस्व में वृद्धि की उम्मीद:** ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि संभावित टैरिफ बढ़ोतरी और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से वित्त वर्ष 2026 से 2029 के दौरान कंपनी के एबिटा और लाभ में 16 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हो सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का प्राइस बैंड और इश्यू साइज क्या है?
इस आईपीओ का कुल आकार 30,213 करोड़ रुपये है, जिसमें 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसका प्राइस बैंड 1065 रुपये से 1119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।

### 2. यह आईपीओ कब खुलेगा और इसकी लिस्टिंग किस तारीख को होगी?
यह सार्वजनिक निर्गम बोली के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में होगी।

### 3. जियो प्लेटफॉर्म्स का वर्तमान ग्रे मार्केट प्रीमियम कितना चल रहा है?
19 अक्टूबर के आंकड़ों के अनुसार इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 252 रुपये प्रति शेयर है, जो 1119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 22.52 प्रतिशत का प्रीमियम दर्शाता है।

### 4. खुदरा निवेशकों के लिए लॉट साइज और संभावित मुनाफा क्या है?
आईपीओ का लॉट साइज 12 शेयरों का है। 252 रुपये के मौजूदा प्रीमियम के आधार पर प्रति लॉट 3024 रुपये का संभावित लिस्टिंग मुनाफा आंका जा रहा है।

### 5. कंपनी आईपीओ से जुटाई गई रकम का क्या करेगी?
कंपनी जुटाई जाने वाली कुल राशि में से 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग अपनी मुख्य अनुषंगी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के मौजूदा कर्ज को समय से पहले चुकाने के लिए करेगी।

### 6. एंकर निवेशकों की ओर से कितनी बोलियां प्राप्त हुईं?
एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित 8110 करोड़ रुपये के शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां मिलीं, जो 30 गुना से अधिक की मांग दर्शाती हैं।

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