# जुलाई में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, IMD की ताजा भविष्यवाणी से किसानों को मिली बड़ी राहत

> भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह से मानसून के सक्रिय होने का अनुमान जताया है। जून के अंत तक बारिश की कमी के बावजूद आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा की उम्मीद है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-06-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/july-men-manasuna-pakarega-raphtara-imd-ki-taja-bhavishyavani-se-kisanon-ko-mili-bari-rahata-3240 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसून, मौसम विभाग, खरीफ की फसल, बारिश, कृषि, IMD

देश में सूखे जैसे हालात और मानसून की सुस्त चाल के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नई उम्मीद जगाई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही अभी बारिश की कमी बनी हुई है, लेकिन 1 जुलाई के बाद से मानसून की सक्रियता में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। जुलाई का पहला सप्ताह देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कहीं बेहतर बारिश लेकर आने वाला है, जो कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की खबर है।

## जुलाई में बदलेगा मौसम का मिजाज
आंकड़ों के अनुसार, 25 जून से 1 जुलाई के दौरान अधिकांश राज्यों में बारिश की गतिविधियां सामान्य से कम रहेंगी। हालांकि, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 2 से 8 जुलाई के बीच का समय देश भर के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि इस दौरान मानसून के जोर पकड़ने और सामान्य से अधिक वर्षा होने की प्रबल संभावना है।

## मानसून के आंकड़ों में भारी गिरावट
वर्तमान में मानसून की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों पर गौर करें तो 24 जून तक के पिछले एक सप्ताह में देश भर में सामान्य से 47 फीसदी कम बारिश हुई है। यदि 1 जून से लेकर अब तक के कुल आंकड़ों को देखा जाए, तो बारिश में 42 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। मध्य भारत पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है, जहां बारिश का घाटा 59 फीसदी तक पहुंच चुका है।

## मानसूनी हवाओं में तेजी का इंतजार
मौसम वैज्ञानिक सुषमा नायर ने स्पष्ट किया है कि 26 से 29 जून तक मानसूनी हवाओं की रफ्तार कमजोर रहेगी, क्योंकि वर्तमान में कोई भी शक्तिशाली मौसमी सिस्टम मानसून को आगे धकेलने में सहायक नहीं है। लेकिन जून महीने के आखिरी दिनों से मानसूनी प्रवाह में मजबूती आएगी। अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में अपनी पहुंच बनाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अब अनुकूल होती जा रही हैं, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी, जिससे कृषि उत्पादन और अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।
- **किसानों के लिए:** बारिश शुरू होने की खबर से बुवाई में हो रही देरी की चिंता कम होगी और फसल का चक्र सुधरेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. मानसून फिर कब जोर पकड़ेगा?
मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई के बाद से मानसून के जोर पकड़ने और बारिश तेज होने की संभावना है।

### 2. अभी मानसून की स्थिति कैसी है?
24 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में मानसून की बारिश सामान्य से 42 फीसदी कम दर्ज की गई है।

### 3. मध्य भारत में बारिश की कमी कितनी है?
मध्य भारत में बारिश का घाटा सबसे ज्यादा है, जो 59 फीसदी तक पहुंच गया है।

### 4. मानसून के किन क्षेत्रों में आगे बढ़ने की उम्मीद है?
अगले 3-4 दिनों में मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।

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