कम खर्च और कम समय में मकान बनाना हुआ आसान, जानिए प्रीफैब्रिकेटेड हाउस से जुड़ी खास बातें पारंपरिक तरीकों से मकान बनाने की जद्दोजहद से परेशान लोगों के लिए प्रीफैब्रिकेटेड हाउस एक बेहतरीन और तेजी से लोकप्रिय होता विकल्प बन रहा है। अपना खुद का आशियाना तैयार करना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन इस प्रक्रिया में पैसों के साथ-साथ समय और मानसिक शांति की भी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। निर्माण सामग्री का इंतजाम करने से लेकर कुशल कारीगरों की तलाश करने तक, हर कदम पर बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन्ही तमाम मुश्किलों और चुनौतियों का समाधान ढूंढने के लिए आजकल प्रीफैब्रिकेटेड हाउस का चलन भारत में बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस आधुनिक तकनीक में पारंपरिक तरीके से इस्तेमाल होने वाली ईंट, सीमेंट, रेत और पानी की जरूरत नहीं पड़ती है, बल्कि घर का अधिकांश सामान सीधे कारखाने में ही तैयार किया जाता है। कैसे किया जाता है प्रीफैब हाउस का निर्माण इस आधुनिक निर्माण शैली में पारंपरिक मकानों की तुलना में बिल्कुल अलग सामग्री का उपयोग किया जाता है। घर को मजबूती देने के लिए एरोकॉन पैनल्स, बाइसन बोर्ड, स्टील सेक्शन और आयरन पाइप्स जैसी सामग्रियों का मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है, जिनकी मदद से मकान की दीवारें, छत और फर्श तैयार किए जाते हैं। इन चीजों के इस्तेमाल से न सिर्फ निर्माण कार्य बहुत कम समय में पूरा हो जाता है, बल्कि इसकी कुल लागत भी पारंपरिक शैली में बनने वाले मकानों की तुलना में काफी कम आती है। वर्तमान समय में यह तकनीक देश भर में तेजी से अपनी पैठ बना रही है, और दक्षिण भारत के राज्यों में इसका प्रयोग सबसे ज्यादा मात्रा में किया जा रहा है। एयरोकॉन पैनल्स और उनके फायदे पारंपरिक मकानों की ईंट वाली दीवारों के विपरीत प्रीफैब घरों में दीवारें खड़ी करने के लिए एयरोकॉन पैनल्स का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा छत के निर्माण में भी बाइसन बोर्ड लगाए जाते हैं, और घर के अंदर कमरे के पार्टीशन, फ्लोर तथा फाल्स सीलिंग के लिए भी इन्हीं का उपयोग किया जाता है। एयरोकॉन पैनल मूल रूप से एक प्रकार के सैंडविच पैनल होते हैं, जिन्हें सीमेंट आधारित सामग्री और फाइबर सीमेंट बोर्ड की मदद से तैयार किया जाता है। ये पैनल बेहतरीन साउंड इंसुलेशन प्रदान करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पूरा घर बाहरी शोर-शराबे से मुक्त हो जाता है। इसके साथ ही इन दीवारों में सीलन लगने या आग लगने जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बिल्कुल नहीं रहता है, और भीषण गर्मी के मौसम में भी घर के अंदर का तापमान अपेक्षाकृत कम बना रहता है। बाइसन बोर्ड की खासियत और उपयोग इस तरह के आधुनिक घरों के निर्माण में बाइसन बोर्ड का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। बाइसन बोर्ड दरअसल सीमेंट के पार्टिकल से बनाए जाने वाले मजबूत बोर्ड होते हैं, जिनमें सीमेंट के साथ लकड़ी के कणों को भी शामिल किया जाता है। इन बोर्डों का मुख्य उपयोग घरों के भीतर अलग-अलग कमरे या हिस्से बनाने यानी पार्टीशन की दीवारें खड़ी करने में किया जाता है। इसके अलावा छत की सीलिंग और फर्श के निर्माण में भी इनका भरपूर उपयोग होता है। ये बोर्ड पानी और आग दोनों से पूरी तरह सुरक्षित होते हैं, जिसके कारण प्रीफैब घरों में नमी या सीलन आने की कोई गुंजाइश नहीं बचती है और उनमें आग लगने का डर भी पूरी तरह समाप्त हो जाता है। इसका आप पर असर प्रीफैब्रिकेटेड निर्माण तकनीक अपनाने से मकान बनवाने वाले आम लोगों को समय और लागत दोनों मोर्चों पर बड़ी राहत मिलती है। • लागत में कमी: पारंपरिक ईंट और सीमेंट के मुकाबले प्रीफैब सामग्री का इस्तेमाल करने से कुल निर्माण खर्च काफी कम हो जाता है। इससे मध्यम वर्ग के लिए घर बनाना अधिक सुलभ हो जाता है। • समय की बचत: फैक्ट्री में पहले से तैयार सामान मिलने और साइट पर तुरंत असेंबल होने से मकान निर्माण का समय महीनों से घटकर कुछ हफ्तों पर आ जाता है। • बेहतर सुरक्षा: इन घरों में इस्तेमाल होने वाले एयरोकॉन पैनल और बाइसन बोर्ड आग तथा पानी से पूरी तरह सुरक्षित होते हैं, जिससे रखरखाव का खर्च बचता है। • आरामदायक तापमान: ये सामग्रियां गर्मियों में घर के अंदर का तापमान कम रखने में मदद करती हैं, जिससे बिजली के बिलों में भी राहत मिलती है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक मकान निर्माण में आने वाली भारी लागत, समय की बर्बादी और सामग्री जुटाने की कठिनाइयों के कारण प्रीफैब्रिकेटेड तकनीक का विकल्प तेजी से उभरा है। • बढ़ती चुनौतियां: पारंपरिक निर्माण में कुशल कारीगरों की कमी और निर्माण सामग्री के बढ़ते दामों के कारण वैकल्पिक तकनीकों की जरूरत महसूस हुई। • फैक्ट्री आधारित उत्पादन: सभी घटकों को कारखाने में मानकीकृत तरीके से तैयार करने से गुणवत्ता नियंत्रित रहती है और साइट पर बर्बादी रुकती है। • भौगोलिक लोकप्रियता: दक्षिण भारत में इस तकनीक को तेजी से अपनाने के पीछे कम समय में मजबूत और मौसम अनुकूल आवास तैयार करने की मांग मुख्य कारण रही है। सवाल-जवाब 1. प्रीफैब्रिकेटेड हाउस क्या होते हैं? प्रीफैब हाउस ऐसे मकान होते हैं जिनका अधिकांश सामान फैक्ट्री में तैयार किया जाता है और बाद में निर्माण स्थल पर लाकर जोड़ा जाता है। 2. प्रीफैब मकान बनाने में किन मुख्य सामग्रियों का इस्तेमाल होता है? इन मकानों को बनाने के लिए एरोकॉन पैनल, बाइसन बोर्ड, स्टील सेक्शन और आयरन पाइप्स का उपयोग किया जाता है। 3. एयरोकॉन पैनल क्या कार्य करते हैं? एयरोकॉन पैनल सैंडविच पैनल होते हैं जो दीवारों और छत में साउंड इंसुलेशन प्रदान करते हैं और सीलन तथा आग से बचाते हैं। 4. बाइसन बोर्ड का उपयोग कहां होता है? बाइसन बोर्ड का इस्तेमाल घरों के पार्टीशन, सीलिंग और फ्लोरिंग बनाने के लिए किया जाता है। 5. भारत में प्रीफैब तकनीक का सबसे अधिक इस्तेमाल कहां हो रहा है? वर्तमान में प्रीफैब्रिकेटेड तकनीक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल दक्षिण भारत में किया जा रहा है। https://trendkia.com/business/kama-kharcha-aura-kama-samaya-men-makana-banana-hua-asana-janie-priphaibriketeda-hausa-se-juri-khasa-baten-50031 TrendKia — Har trend, sabse pehle.