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  "title": "कमीशन की दरों पर तकरार: बेंगलुरु के 1000 से अधिक रेस्तरां का 15 अगस्त से स्विगी और जोमैटो के बहिष्कार का अल्टीमेटम",
  "summary": "बेंगलुरु के 1000 से अधिक रेस्तरां संगठनों ने स्विगी और जोमैटो के भारी कमीशन तथा कटौती नीतियों के खिलाफ 15 अगस्त से ऑर्डर बंद करने की चेतावनी दी है।",
  "content": "बेंगलुरु में ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं 15 अगस्त से बड़े संकट में पड़ सकती हैं, क्योंकि शहर के 1,000 से अधिक होटल और रेस्तरां ने ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर स्विगी और जोमैटो के जरिए ऑर्डर लेना बंद करने का ऐलान किया है। रेस्तरां मालिकों का कहना है कि फूड डिलीवरी कंपनियों के भारी कमीशन, बिना पूर्व सूचना के होने वाली कटौतियों और अनिवार्य डिस्काउंट नीतियों के कारण उनका कारोबार आर्थिक रूप से अव्यवहारिक होता जा रहा है।\n\nकमीशन का भारी बोझ और घटता मुनाफा\nरेस्तरां संगठनों के अनुसार, वर्तमान में स्विगी और जोमैटो द्वारा 8% से लेकर 28% तक का कमीशन वसूला जा रहा है, जो रेस्तरां के आकार और सेवा श्रेणी पर निर्भर करता है। इसके अलावा, ऐप पर दृश्यता बनाए रखने के लिए रेस्तरां को विज्ञापन, प्रमोशनल अभियानों और पेमेंट गेटवे शुल्क पर अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ती है।\n\nबृहत् बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन (BBHA) के अध्यक्ष एस सुब्रमण्य होल्ला ने स्पष्ट किया कि इन संचयी कटौतियों की वजह से रेस्तरां का प्रॉफिट मार्जिन बहुत कम बचा है, जिसके चलते कई प्रतिष्ठानों को अपने मेनू के दाम बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, बेंगलुरु होटल एसोसिएशन के मानद अध्यक्ष पीसी राव ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि यदि कोई रेस्तरां इन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से 1 लाख रुपये की बिक्री करता है, तो कमीशन, डिस्काउंट और विभिन्न कटौतियों के बाद उसके पास केवल 40,000 रुपये के आसपास ही बचते हैं। इस आंदोलन की अगुवाई Bruhat Bengaluru Hotels Association (BBHA), Bengaluru Hotel Association, Karnataka Hotel Association और National Restaurant and Bar Association (NRBA) द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।\n\nरेस्तरां संगठनों की मुख्य मांगें\nकारोबार में पारदर्शिता और उचित व्यावसायिक प्रथाएं सुनिश्चित करने के लिए रेस्तरां निकायों ने स्विगी और जोमैटो के सामने अपनी मांगों का एक मसौदा पेश किया है\n\n• ग्राहकों की शिकायतों के तुरंत बाद बिना किसी सत्यापन के स्वचालित भुगतान कटौती बंद की जाए।\n• यदि खाना तैयार होने के बाद ग्राहक ऑर्डर रद्द करता है, तो उस वित्तीय नुकसान की भरपाई रेस्तरां पर न डाली जाए।\n• रेस्तरां की स्पष्ट लिखित सहमति के बिना किसी भी डिस्काउंट, विज्ञापन या प्रमोशनल अभियान को लागू न किया जाए।\n• फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स द्वारा हर महीने विस्तृत और मद-वार सेटलमेंट रिपोर्ट दी जाए, जिसमें प्रत्येक कटौती का स्पष्ट उल्लेख हो।\n• भुगतान विवादों और परिचालन संबंधी मुद्दों का तेजी से निपटारा करने के लिए प्रत्येक रेस्तरां को एक समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर आवंटित किया जाए।\n\n15 अगस्त की समयसीमा और सख्त रुख\nरेस्तरां संघों ने दोनों फूड डिलीवरी एग्रीगेटर्स से 15 अगस्त से पहले औपचारिक लिखित जवाब देने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस तिथि तक उनकी मांगों का उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो शहर भर के प्रतिभागी रेस्तरां दोनों प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सेवाएं निलंबित कर देंगे।\n\nकुछ रेस्तरां मालिक व्यक्तिगत रूप से भी कदम उठाने को तैयार हैं। रेस्तरां मालिक अजीत शेट्टी किराडी ने कहा कि यदि समस्याएं हल नहीं हुईं तो वे स्विगी से ऑर्डर स्वीकार करना बंद कर देंगे। वहीं एसोसिएशन प्रतिनिधि वसंत गिलियार ने संकेत दिए कि यदि बातचीत बेनतीजा रहती है तो कानूनी रास्ते भी तलाशे जा सकते हैं।\n\nबाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भविष्य का परिदृश्य\nयह गतिरोध ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय फूड डिलीवरी बाजार में नए प्लेटफॉर्म्स दस्तक दे रहे हैं। इनमें रैपिडो का \"Ownly\", फ्लिपकार्ट का आगामी डिलीवरी प्लेटफॉर्म और ओएनडीसी (ONDC) पर आधारित सेवाएं शामिल हैं।\n\nबेंगलुरु के प्रसिद्ध विद्यार्थी भवन के अरुण अडिगा का मानना है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से रेस्तरां की मोलभाव करने की क्षमता मजबूत होगी और कमीशन की दरें कम हो सकती हैं। हालांकि, BBHA के अध्यक्ष एस सुब्रमण्य होल्ला ने कहा कि इस प्रस्तावित बहिष्कार का उद्देश्य किसी नए प्रतिद्वंद्वी का समर्थन करना नहीं, बल्कि मौजूदा बाजार में निष्पक्ष नियम और पारदर्शिता स्थापित करना है। 29 जुलाई तक स्विगी या जोमैटो की तरफ से इन मांगों पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।\n\nइसका आप पर असर\nआपके लिए इसका क्या मतलब है:\n\n• बेंगलुरु में: यदि 15 अगस्त तक विवाद नहीं सुलझता है, तो स्विगी और जोमैटो पर 1,000 से अधिक स्थानीय रेस्तरां से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने की सुविधा प्रभावित हो सकती है।\n• पूरे भारत में: डिलीवरी कमीशन को लेकर बढ़ रहे इस विवाद का असर अन्य शहरों के रेस्तरां के ऑनलाइन मेनू दामों और डिलीवरी सेवाओं पर भी पड़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बेंगलुरु के रेस्तरां स्विगी और जोमैटो के बहिष्कार की चेतावनी क्यों दे रहे हैं?\nरेस्तरां मालिक 8% से 28% तक के उच्च कमीशन, शिकायत पर बिना जांच स्वचालित कटौती और जबरन विज्ञापनों के खर्च के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे उनका मुनाफा काफी कम हो गया है।\n\n2. प्रस्तावित बहिष्कार कब से शुरू होने वाला है?\nयदि 15 अगस्त तक स्विगी और जोमैटो द्वारा उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता है, तो भाग लेने वाले रेस्तरां प्लेटफॉर्म पर सेवाएं निलंबित कर देंगे।\n\n3. इस बहिष्कार आंदोलन को कितने रेस्तरां का समर्थन प्राप्त है?\nबेंगलुरु के 1,000 से अधिक होटलों और रेस्तरां ने प्रमुख एसोसिएशनों द्वारा शुरू किए गए इस कदम का समर्थन किया है।\n\n4. रेस्तरां संगठनों द्वारा सौंपी गई मुख्य मांगें क्या हैं?\nमुख्य मांगों में शिकायत कटौती से पहले सत्यापन, ऑर्डर रद्द होने पर नुकसान से सुरक्षा, विज्ञापनों के लिए लिखित सहमति, विस्तृत मासिक सेटलमेंट रिपोर्ट और समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर शामिल हैं।\n\n5. क्या स्विगी या जोमैटो ने इन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?\n29 जुलाई तक स्विगी या जोमैटो की ओर से रेस्तरां संगठनों की मांगों पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-29",
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