# कर्ज के दलदल से एमटीएनएल को उबारने के लिए 9000 करोड़ रुपये की संपत्तियां बेचेगी सरकार

> भारी भरकम कर्ज संकट से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल की 40 विवादमुक्त संपत्तियों को वित्त वर्ष 2027-28 में बेचकर कर्ज चुकाने की तैयारी की जा रही है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/karja-ke-daladala-se-mtnl-ko-ubarane-ke-lie-9000-karora-rupaye-ki-snpattiyan-bechegi-sarakara-57446 · **Language:** Hindi
**Tags:** एमटीएनएल, बीएसएनएल, टेलीकॉम, संपत्ति बिक्री, सरकारी कर्ज, विनिवेश, व्यापार समाचार

सार्वजनिक क्षेत्र की घाटे में चल रही टेलीकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के वित्तीय संकट को दूर करने के लिए बड़े कदम की तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2027-28 के दौरान कंपनी की लगभग 9000 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि और अचल संपत्तियों का मौद्रिकरण करने की योजना बना रही है। इस बिक्री से हासिल होने वाली समूची रकम का इस्तेमाल कंपनी पर लदे विशाल कर्ज के बोझ को कम करने में किया जाएगा। पचास हजार करोड़ रुपये से अधिक की कुल देनदारियों के तले दबी इस टेलीकॉम कंपनी के पुनरुद्धार के लिए परिसंपत्तियों का मौद्रिकरण बेहद अहम माना जा रहा है।

## विवादमुक्त 40 चुनिंदा संपत्तियों की होगी नीलामी
बिक्री की इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए संपत्तियों के मालिकाना हक से जुड़े तमाम कानूनी और प्रशासनिक पचड़ों को पूरी तरह सुलझा लिया गया है। अब बाजार में बिक्री के लिए 40 ऐसी संपत्तियां रखी जाएंगी जो पूरी तरह से साफ सुथरी और कानूनी विवादों से मुक्त हैं। इन संपत्तियों के मूल्यांकन और बाजार में उतारने की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है, ताकि खुली और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अधिकतम मूल्य हासिल किया जा सके।

## पचास हजार करोड़ रुपये की भारी भरकम देनदारी
टेलीकॉम कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। कंपनी पर इस समय करीब 50,000 करोड़ रुपये की कुल देनदारियां हैं। इस भारी भरकम कर्ज में सरकारी गारंटी वाले बॉन्ड यानी सोवरेन गारंटी बॉन्ड का हिस्सा लगभग 30,000 करोड़ रुपये है। हालांकि, इन वित्तीय दायित्वों को पूरा करने और कर्ज को चुकाने के लिए कंपनी का कुल संपत्ति आधार पर्याप्त सुरक्षा कवच प्रदान करता है। नकदी के गंभीर संकट के चलते कंपनी इस समय अपने कर्मचारियों के नियमित वेतन का भुगतान भी मुख्य रूप से अपनी अचल संपत्तियों से आने वाले किराए की आय के जरिए कर पा रही है।

## बीएसएनएल के हाथों में है परिचालन की कमान
महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड देश की प्रमुख सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड की एक अनुषंगी इकाई है। ऐतिहासिक रूप से यह कंपनी देश के दो सबसे बड़े वाणिज्यिक केंद्रों दिल्ली और मुंबई में लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं मुहैया कराती आई है। पिछले कुछ वर्षों में निजी टेलीकॉम कंपनियों की कड़ी प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों की घटती संख्या और बढ़ते वित्तीय घाटे के चलते इसका स्वतंत्र परिचालन मुश्किल हो गया था। इसी स्थिति को देखते हुए अब बीएसएनएल ने एमटीएनएल के समूचे व्यावसायिक कामकाज और नेटवर्क संचालन की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले रखी है।

## रणनीतिक विनिवेश की दिशा में सरकार का जोर
सरकारी संपत्तियों और उपक्रमों में हिस्सेदारी बेचकर वित्तीय संसाधन जुटाने की कड़ी में यह एक बड़ा कदम है। हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के सौदे को अपनी अंतिम मंजूरी दी थी। इस सौदे के तहत कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड ने 52,878.08 करोड़ रुपये में आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का प्रस्ताव दिया है। एयर इंडिया के निजीकरण के बाद देश का यह सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश माना जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और जीवन बीमा निगम अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसी वित्तीय प्रबंधन की नीति के तहत अब टेलीकॉम क्षेत्र की संकटग्रस्त परिसंपत्तियों को भुनाने की रूपरेखा पर काम तेज किया गया है।

## इसका आप पर असर
एमटीएनएल की संपत्तियों की बिक्री से सरकारी खजाने पर दबाव कम होगा और टेलीकॉम उपभोक्ताओं के नेटवर्क पर असर पड़ सकता है।

- **करदाताओं पर असर:** घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रम का कर्ज संपत्तियां बेचकर चुकाने से सरकारी खजाने पर राहत मिलेगी। इससे करदाताओं के पैसे का उपयोग कंपनी के कर्ज चुकाने में होने से बचेगा।
- **टेलीकॉम उपभोक्ताओं के लिए:** दिल्ली और मुंबई में एमटीएनएल का परिचालन पूरी तरह बीएसएनएल के हाथ में जाने से नेटवर्क सेवाओं में सुधार हो सकता है। मौजूदा लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद बनेगी।
- **कंपनी कर्मचारियों के लिए:** संपत्तियों की बिक्री से नकदी संकट हल होने पर कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों में स्थिरता आ सकती है। वर्तमान में वेतन का बड़ा हिस्सा किराये की आय पर निर्भर है।
- **शेयर बाजार निवेशकों के लिए:** भारी कर्ज कम होने की योजना से एमटीएनएल के सूचीबद्ध शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कंपनी की देनदारियां घटने से इसके वित्तीय बहीखाते में सुधार की संभावना बनेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
एमटीएनएल पर पचास हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी देनदारियां जमा हो चुकी हैं, जिसे चुकाने के लिए परिसंपत्तियों का मौद्रिकरण ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता बचा है।

- **भारी कर्ज का दबाव:** कंपनी के ऊपर कुल 50,000 करोड़ रुपये की देनदारी है, जिसमें 30,000 करोड़ रुपये के सरकारी गारंटी बॉन्ड शामिल हैं। नकदी की गंभीर कमी के चलते कंपनी सामान्य राजस्व से इस कर्ज की अदायगी करने में पूरी तरह असमर्थ हो चुकी थी।
- **सुलझाए गए संपत्ति विवाद:** कंपनी की अचल संपत्तियों पर मालिकाना हक को लेकर कई कानूनी विवाद थे जिन्हें हाल ही में पूरी तरह सुलझा लिया गया है। इससे 40 प्रमुख और विवादमुक्त संपत्तियों को खुले बाजार में बेचने का रास्ता साफ हुआ।
- **किराये पर निर्भरता:** सामान्य कारोबार में भारी नुकसान के कारण कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी संपत्तियों के किराये पर निर्भर हो चुकी है। इस स्थिति से निकलने के लिए परिसंपत्ति मौद्रिकरण के जरिए पूंजी जुटाना जरूरी हो गया।

## सवाल-जवाब

### 1. एमटीएनएल की कितनी संपत्ति बेचने की योजना बनाई गई है?
सरकार अगले वित्त वर्ष 2027-28 के दौरान एमटीएनएल की लगभग 9000 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि और संपत्तियों को बेचने की योजना बना रही है।

### 2. बिक्री के लिए कुल कितनी संपत्तियां चुनी गई हैं?
मालिकाना हक से जुड़े विवादों को सुलझाने के बाद पूरी तरह विवादमुक्त 40 चुनिंदा संपत्तियों को नीलामी के लिए रखा जाएगा।

### 3. एमटीएनएल पर इस समय कुल कितना कर्ज बकाया है?
सरकारी गारंटी वाले बॉन्ड सहित एमटीएनएल पर कुल देनदारियां लगभग 50,000 करोड़ रुपये हैं, जिसमें बॉन्ड का हिस्सा 30,000 करोड़ रुपये है।

### 4. एमटीएनएल के कर्मचारियों का वेतन इस समय कैसे दिया जा रहा है?
गंभीर वित्तीय संकट के कारण कंपनी इस समय अपने कर्मचारियों का वेतन मुख्य रूप से अपनी संपत्तियों से मिलने वाले किराए से चुका रही है।

### 5. एमटीएनएल का कामकाज वर्तमान में कौन संभाल रहा है?
भारी नुकसान और कर्ज को देखते हुए एमटीएनएल की मूल सरकारी कंपनी बीएसएनएल ही अब इसके समूचे व्यावसायिक कामकाज का संचालन कर रही है।

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