खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर स्विगी इंस्टामार्ट, जेप्टो और तीन अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर कानूनी शिकंजा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने भ्रामक दावों, गैर-अनुपालन और जहरीले धतूरे की बिक्री को लेकर पांच प्रमुख ऑनलाइन ग्रॉसरी मंचों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कदम उठाए हैं। ऑनलाइन किराना और खाद्य सामग्री पहुंचाने वाली डिजिटल कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने सख्त कानूनी रुख अख्तियार कर लिया है। नियामक ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए देश के पांच जाने-माने ई-कॉमर्स मंचों के विरुद्ध दंडात्मक कानूनी कार्रवाई आरंभ की है। इस जांच के घेरे में अमेजन सेलर सर्विसेज, फ्लिपकार्ट इंडिया, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट और जेप्टो शामिल हैं, जहां नियमों के विपरीत खाद्य पदार्थों के प्रदर्शन, भ्रामक दावों और प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री के मामले पकड़े गए हैं। विभिन्न खाद्य श्रेणियों में पकड़ी गईं गंभीर खामियां नियामक संस्था द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, यह कानूनी कदम अलग-अलग उत्पादों से संबंधित अनुपालन न करने और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली जानकारियों के आधार पर उठाया गया है। जांच में मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के उत्पादों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं • हप्पिलो डेट बाइट्स पर भ्रामक प्रचार: अमेजन, फ्लिपकार्ट इंडिया, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट और जेप्टो, इन सभी पांचों कंपनियों पर 'हप्पिलो प्रीमियम डेट बाइट्स - जेस्टी ऑरेंज' नाम के उत्पाद के संदर्भ में भ्रामक और गलत विवरण पेश करने के चलते कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। • मिल्की मिस्ट डेयरी उत्पादों में गैर-अनुपालन: स्विगी इंस्टामार्ट तथा बिगबास्केट पर 'मिल्की मिस्ट' ब्रांड से जुड़े विशिष्ट डेयरी उत्पादों, जिनमें लो फैट क्रीम, फार्म फ्रेश दही और ग्रीक योगर्ट शामिल हैं, के बारे में नियामकीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने तथा भ्रामक सूचनाएं दर्शाने का आरोप दर्ज किया गया है। • प्रतिबंधित व विषैले धतूरे की ऑनलाइन उपलब्धता: सबसे खतरनाक उल्लंघन अमेजन सेलर सर्विसेज, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट पर सामने आया, जहां जहरीले 'धतूरा' के फल एवं बीजों का प्रदर्शन और वाणिज्यिक विक्रय किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के तहत ऐसे नुकसानदेह और विषैले पदार्थों की खाद्य मंचों पर बिक्री पूरी तरह से गैर-कानूनी और गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। नियामकीय निगरानी और उपभोक्ता हितों की हिफाजत बीते छह महीनों के दौरान एफएसएसएआई ने डिजिटल कॉमर्स मंचों और खाद्य कारोबार ऑपरेटरों यानी एफबीओ के कामकाज की बारीकी से पड़ताल की है और दंडात्मक कदमों की रफ्तार बढ़ाई है। नियामक की इस सख्ती का केंद्रीय उद्देश्य आम नागरिकों को गुमराह करने वाले प्रचार से बचाना और हानिकारक सामग्रियों के उपभोग से होने वाले खतरों को रोकना है। संस्था अब इन कार्यवाहियों के निष्कर्षों को सोशल मीडिया मंचों पर भी साझा कर रही है, जिससे ग्राहकों को सीधे तौर पर सतर्क किया जा सके। इस पूरे प्रकरण और शुरू हुई कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर संबंधित ई-कॉमर्स मंचों की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक वक्तव्य जारी नहीं किया गया है। इसका आप पर असर ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म्स पर खाद्य सुरक्षा नियामक के इस कदम से डिजिटल खरीदारी करने वाले ग्राहकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और उत्पादों की सही लेबलिंग को मजबूती मिलेगी। • गुणवत्ता की जांच: अब ऑनलाइन मंचों पर लिस्टेड पैकेज्ड फूड और स्नैक्स के पोषण संबंधी दावों की सत्यता अधिक विश्वसनीय होगी। इससे उपभोक्ता बिना गुमराह हुए सही सामग्री चुन सकेंगे। • हानिकारक पदार्थों पर रोक: जहरीले और असुरक्षित पौधों या बीजों की खुलेआम बिक्री पर पूर्ण रोक लगेगी। आम परिवारों के घरों में गलत या नुकसानदेह उत्पाद पहुंचने का जोखिम खत्म होगा। • डेयरी उत्पादों की शुद्धता: दही, क्रीम और योगर्ट जैसे रोजमर्रा के उत्पादों की शेल्फ लाइफ और फैट संबंधी विवरण स्पष्ट रहेंगे। खरीदारों को वही उत्पाद मिलेगा जो पैकेजिंग पर कानूनी तौर पर प्रमाणित है। • मंचों की सख्त जवाबदेही: ई-कॉमर्स कंपनियों को किसी भी उत्पाद को डिस्प्ले करने से पहले एफएसएसएआई लाइसेंस और दावों की जांच अनिवार्य करनी होगी। लापरवाही बरतने वाले सेलर और प्लेटफॉर्म दोनों पर त्वरित दंडात्मक कार्रवाई होगी। ऐसा क्यों हुआ यह सख्त कानूनी कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर गैर-कानूनी तरीके से बेची जा रही जोखिम भरी सामग्रियों और अनधिकृत दावों को रोकने के लिए की गई है। पिछले छह महीनों से खाद्य नियामक डिजिटल फूड बिजनेस ऑपरेटर्स की गतिविधियों की सघन निगरानी कर रहा था। • प्रतिबंधित वस्तुओं की अनियंत्रित बिक्री: अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट पर विषैले 'धतूरा' के बीज और फल खुलेआम बेचे जा रहे थे। यह खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 का स्पष्ट और खुला उल्लंघन था, जिसने नियामक को तुरंत कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य किया। • गलत व भ्रामक विज्ञापन: 'हप्पिलो प्रीमियम डेट बाइट्स' और 'मिल्की मिस्ट' के कई डेयरी उत्पादों पर बिना प्रमाणित आधार के भ्रामक दावे लिखे गए थे। ग्राहकों को गुमराह करने वाली ऐसी सूचनाओं को कानूनन अस्वीकार्य पाया गया। • लगातार तेज होती नियामकीय जांच: पिछले छह महीनों में एफएसएसएआई ने ई-कॉमर्स मंचों पर लिस्टेड खाद्य पदार्थों की नियमित जांच तेज कर दी है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने और कंपनियों में अनुपालन की संस्कृति स्थापित करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। सवाल-जवाब 1. एफएसएसएआई ने किन पांच ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है? नियामक ने अमेजन सेलर सर्विसेज, फ्लिपकार्ट इंडिया, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट और जेप्टो के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कदम उठाए हैं। 2. किन विशेष उत्पादों को लेकर यह कार्रवाई की गई है? यह कार्रवाई हप्पिलो प्रीमियम डेट बाइट्स, मिल्की मिस्ट के डेयरी उत्पादों और विषैले धतूरा के फल और बीजों की बिक्री के कारण शुरू हुई है। 3. धतूरे की बिक्री किन-किन ऑनलाइन मंचों पर पाई गई? धतूरे के फल और बीजों की बिक्री अमेजन सेलर सर्विसेज, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट पर पाई गई है। 4. क्या इन कंपनियों की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आया है? फिलहाल किसी भी संबंधित ई-कॉमर्स कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। https://trendkia.com/business/khadya-suraksha-niyamon-ke-ullnghana-para-swiggy-instamart-zepto-aura-tina-anya-i-komarsa-pletaphormon-para-kanuni-shiknja-37310 TrendKia — Har trend, sabse pehle.