# खरीफ सीजन में नकली डीएपी का खतरा: असली खाद पहचानने के 3 अचूक तरीके

> खरीफ बुवाई के दौरान बाजार में बिक रही नकली डीएपी खाद से किसान सावधान रहें। कृषि विभाग ने असली और नकली खाद में फर्क समझने के लिए तीन आसान तरीके बताए हैं।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/kharipha-sijana-men-nakali-dap-ka-khatara-asali-khada-pahachanane-ke-3-achuka-tarike-7006 · **Language:** Hindi
**Tags:** कृषि, खाद, खरीफ, सिरोही, डीपीए, किसान

सिरोही जिले में मानसून के आगमन के साथ ही खरीफ की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। खेतों में खाद की बढ़ती मांग के बीच बाजार में नकली डीएपी खाद की सक्रियता किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है। हाल ही में जिले के पिंडवाड़ा क्षेत्र में नकली खाद की एक बड़ी खेप पकड़ी गई थी। दरअसल, मांग बढ़ने पर मुनाफाखोर असली खाद के दाम पर घटिया या नकली खाद बेचकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में इस तरह के मामले सामने आने के बाद अब प्रशासन भी सतर्क हो गया है।

## असली और नकली डीएपी की पहचान कैसे करें
आबूरोड स्थित सहायक कृषि अधिकारी विभा सक्सेना के मुताबिक, किसान स्वयं भी कुछ सरल तरीकों से असली खाद की जांच कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हमेशा सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेता या सरकारी गोदाम से ही खाद खरीदें। अक्सर गांवों में कुछ लोग वाहनों में खाद लेकर घर तक आते हैं, उनसे बचना चाहिए।

## पहचान के लिए ये 3 तरीके अपनाएं
- **दाने की बनावट:** असली डीएपी के दाने काफी सख्त होते हैं। इनका रंग गहरा भूरा, काला या बादामी होता है और इन्हें नाखून से आसानी से नहीं तोड़ा जा सकता।
- **चूने के साथ परीक्षण:** हथेली पर डीएपी के कुछ दाने लें और उसमें थोड़ा सा चूना मिलाकर रगड़ें। यदि इसमें से बहुत तीखी गंध आने लगे, तो यह असली डीएपी की पहचान है।
- **तवे पर गर्म करना:** खाद के कुछ दानों को एक तवे पर डालकर गर्म करें। असली डीएपी के दाने गर्म होने पर फूलकर आकार में बड़े हो जाते हैं।

## मिट्टी और फसल पर नकली खाद का दुष्प्रभाव
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. हेमराज मीणा का मानना है कि मानकविहीन या नकली खाद का उपयोग करना न केवल फसल के लिए, बल्कि मिट्टी की सेहत के लिए भी घातक है। नकली खाद डालने से पौधों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति निरंतर कम होने लगती है। फसलों को आवश्यक पोषण नहीं मिलने के कारण पैदावार में भारी कमी आती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खाद खरीदते समय उसकी गुणवत्ता के प्रति पूरी सावधानी बरतें और केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही खरीदारी करें।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** किसान रबी और खरीफ के दौरान अधिकृत डीलरों से ही खाद खरीदें ताकि नकली उत्पाद से होने वाले आर्थिक नुकसान और मिट्टी की खराबी से बचा जा सके।

**सिरोही में:** स्थानीय किसानों को अवैध विक्रेताओं से सावधान रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध खाद की सूचना तुरंत कृषि विभाग को देनी चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. असली डीएपी खाद की पहचान कैसे करें?
असली डीएपी के दाने सख्त होते हैं, नाखून से नहीं टूटते, चूने के साथ रगड़ने पर तीखी गंध देते हैं और गर्म करने पर फूल जाते हैं।

### 2. नकली खाद से मिट्टी को क्या नुकसान होता है?
नकली खाद का उपयोग पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचाता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कम कर देता है।

### 3. खाद खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण सावधानी क्या है?
हमेशा सरकारी गोदामों या सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदना चाहिए।

### 4. अनाधिकृत विक्रेताओं से खाद क्यों नहीं लेनी चाहिए?
ये लोग अक्सर नकली खाद को असली बताकर महंगे दामों पर बेचते हैं, जिससे फसल उत्पादन में कमी और आर्थिक नुकसान होता है।

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