खेत में उगेगा 'लाल सोना'! परंपरागत खेती छोड़कर तीखी हाईब्रिड मिर्च की ओर बढ़े युवा किसान सुनीश कुमार छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट निवासी किसान सुनीश कुमार ने पहली बार व्यावसायिक स्तर पर 4000 ग्राफ्टेड हाईब्रिड मिर्च के पौधे लगाकर आधुनिक तकनीक से खेती शुरू की है। एक पौधे से 20 से 25 किलो उत्पादन की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के किसान अब परंपरागत तौर-तरीकों से आगे निकलकर आधुनिक तकनीक के सहारे मिर्च की खेती कर रहे हैं, और इस काम में उनकी मेहनत तथा लगन साफ झलकती है। यही वजह है कि एक किसान ने 4000 ग्राफ्टेड मिर्च के पौधे रोपकर पहली बार मिर्च की फसल लगाई है। इससे पहले यह किसान आलू और टाऊ समेत कई तरह की फसलें उगा चुके हैं। सवाल यह है कि आखिर ये किसान ऐसी कौन-सी तरकीब अपनाते हैं कि जिस भी फसल पर हाथ रखते हैं, वह सोना बन जाती है। पेश है यह पूरी रिपोर्ट… आधुनिक तकनीक से तैयार हुई हाईब्रिड मिर्च की फसल मैनपाट के किसान सुनीश कुमार ने पहली बार व्यावसायिक स्तर पर हाईब्रिड मिर्च की खेती की है। उन्होंने अंबिकापुर के करजी फार्म हाउस से वीएनआर कंपनी के ग्राफ्टेड पौधे मंगवाकर करीब 4 हजार पौधे लगाए हैं। खेती की शुरुआत से पहले खेत की चार से पांच बार जुताई कराई गई। इसके बाद मेढ़ तैयार कर ड्रिप सिंचाई प्रणाली और मल्चिंग शीट बिछाई गई। ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से सुधर रही फसल की गुणवत्ता किसान ने बताया कि पूरी फसल की सिंचाई ड्रिप सिस्टम के जरिए की जा रही है। इससे जहां पानी की बचत हो रही है, वहीं पौधों को जरूरत के मुताबिक नमी भी मिल रही है। फसल में गोबर खाद, इफको उर्वरक, पोटाश और दूसरे पोषक तत्वों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ रहे हैं और उनमें फलन भी शुरू हो चुका है। एक पौधे से 20 से 25 किलो उत्पादन की आस सुनीश कुमार के मुताबिक, मिर्च के पौधों में फल लगना शुरू हो गया है और शुरुआती दौर में फूलों की तुड़ाई कर पौधों को मजबूत बनाया जा रहा है। उनका दावा है कि एक पौधे से औसतन 20 से 25 किलो तक मिर्च मिलने की संभावना है। मिर्च की यह किस्म काफी तीखी और लंबी है, जिसकी बाजार में अच्छी-खासी मांग बनी रहती है। किसान ने बताया कि अब तक इस खेती में करीब 60 से 70 हजार रुपये की लागत आ चुकी है। अगर मौसम साथ देता रहा तो जुलाई के पहले सप्ताह से मिर्च की तुड़ाई शुरू कर दी जाएगी और 5 से 10 जुलाई के बीच फसल बाजार तक पहुंचने लगेगी। बेहतर उत्पादन और अच्छे दाम मिलने पर उन्हें अच्छे मुनाफे की उम्मीद है। 22 साल के अनुभव के बल पर किया नया प्रयोग सुनीश कुमार बीते दो दशकों से खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। वह हर साल बड़े पैमाने पर आलू और दूसरी फसलें उगाते हैं। उनका कहना है कि मिर्च की खेती की प्रेरणा उन्हें किसी से नहीं मिली, बल्कि अपने लंबे कृषि अनुभव और बाजार की मांग को देखते हुए उन्होंने यह नया प्रयोग किया है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान मिर्च, टमाटर और बैंगन की फसलों पर है, जिनसे उन्हें बेहतर आमदनी की उम्मीद है। मिर्च की खेती कर दूसरे किसानों के लिए मिसाल बने सुनीश मैनपाट के किसान सुनीश कुमार की यह पहल बताती है कि आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और सही प्रबंधन के जरिए किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर ज्यादा फायदेमंद फसलों की ओर रुख कर सकते हैं। अगर यह प्रयोग कामयाब रहा तो यह इलाके के बाकी किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। https://trendkia.com/business/kheta-men-ugega-lala-sona-parnparagata-kheti-chhorakara-tikhi-haibrida-mircha-ki-151 TrendKia — Har trend, sabse pehle.