किसानों के लिए रेसोनिया ने शुरू की असम की पहली डेडिकेटेड हेल्पलाइन पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी रेसोनिया ने असम में एनईआरईएस पच्चीस प्रोजेक्ट कॉरिडोर के किसानों के लिए राज्य की पहली समर्पित हेल्पलाइन शुरू की है। काजलगাঁव में पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने वाली प्रमुख कंपनी रेसोनिया लिमिटेड की तरफ से एक नई पहल की शुरुआत की गई है। कंपनी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विस्तार योजना यानी एनईआरईएस पच्चीस प्रोजेक्ट कॉरिडोर के आसपास रहने वाले किसानों के वास्ते असम की पहली समर्पित हेल्पलाइन लॉन्च की है। इस विशेष सुविधा का मुख्य उद्देश्य कृषि समुदायों और स्थानीय भूमि मालिकों को एक सीधा और व्यवस्थित संचार माध्यम उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपनी चिंताओं और सवालों का समाधान आसानी से पा सकें। हेल्पलाइन की लॉन्चिंग और कार्यप्रणाली इस नई सेवा की शुरुआत सोमवार को चिरांग के डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर गोकुल चंद्र ब्रह्मा (एसीएस) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। यह बहुभाषी हेल्पलाइन असमिया, बोडो और हिंदी भाषाओं में उपलब्ध रहेगी। एनईआरईएस पच्चीस (ए) प्रोजेक्ट के पूरा होने तक यह सुविधा चालू रखी जाएगी। कोकराझार, चिरांग, बक्सा और बाजाली जिलों के तहत आने वाले इस कॉरिडोर के विभिन्न गांवों में रहने वाले ग्रामीण और किसान ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण से जुड़े कार्यों पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं, शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारियां हासिल कर सकते हैं। कॉल करने का समय और नियम किसान अपनी हर तरह की पूछताछ के लिए +91 1800-572-7701 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। यह लाइन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 09:30 बजे से शाम 5 बजे के बीच खुली रहती है, और किसानों को कॉल करने के 48 घंटे के भीतर प्रतिक्रिया दी जाती है। इस सेवा के लिए तैनात किए गए कर्मी असमिया और बोडो भाषा में पूरी तरह कुशल हैं, साथ ही उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों की ही अच्छी जानकारी है। असम के पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में अपनी तरह का यह पहला कदम माना जा रहा है, जो आधारभूत परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अधिकारियों और कंपनी का नजरिया जिला आयुक्त ब्रह्मा ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि एक समर्पित संवाद माध्यम मिलने से बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करना आसान होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से जिला और राज्य दोनों में खुशहाली आएगी। उन्होंने कंपनी के इस नए विचार की सराहना की जिसके तहत बातचीत और विचार-विमर्श से टिकाऊ समाधान निकाले जाते हैं। एनईआरईएस पच्चीस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में बिजली ग्रिड को मजबूत करना, बिजली आपूर्ति को भरोसेमंद बनाना और बढ़ती मांग को पूरा करना है। पारदर्शिता और आपसी सहयोग पर जोर कंपनी का मानना है कि नियमित बातचीत होने से गलतफहमियां दूर होती हैं, विश्वास मजबूत होता है और निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ता है। रेसोनिया के एक प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि समुदाय के हर सदस्य और किसान को समय पर सही जानकारी मिले और वे प्रोजेक्ट टीमों तक अपनी बात सीधे पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि विकास कार्य तभी सफल होते हैं जब वे आपसी सहयोग, सम्मान और विश्वास की नींव पर टिके हों। इसका आप पर असर • भारत में: बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में स्थानीय समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए इस प्रकार की पहल अन्य कंपनियों के लिए एक मिसाल बन सकती है। • असम में: कोकराझार, चिरांग, बक्सा और बाजाली जिलों के किसानों और भूमि मालिकों को ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब सीधा मंच मिल गया है। सवाल-जवाब 1. असम में किसानों के लिए यह समर्पित हेल्पलाइन किसने शुरू की है? पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर रेसोनिया लिमिटेड ने असम में किसानों के लिए यह हेल्पलाइन शुरू की है। 2. इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका उद्देश्य स्थानीय किसानों और भूमि मालिकों को ट्रांसमिशन लाइन निर्माण से जुड़े सवालों के समाधान के लिए एक सीधा संवाद माध्यम देना है। 3. हेल्पलाइन का नंबर क्या है और यह किस समय उपलब्ध रहती है? किसान +91 1800-572-7701 पर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 09:30 बजे से शाम 5 बजे के बीच कॉल कर सकते हैं। 4. कॉल करने के कितने समय के भीतर प्रतिक्रिया मिलती है? किसानों को उनकी पूछताछ दर्ज कराने के बाद 48 घंटे के भीतर एक रिस्पांस कॉल प्राप्त होती है। 5. यह हेल्पलाइन किन-किन भाषाओं में सहायता प्रदान करती है? यह बहुभाषी हेल्पलाइन असमिया, बोडो और हिंदी भाषाओं में उपलब्ध है। https://trendkia.com/business/kisanon-ke-lie-resonia-ne-shuru-ki-assam-ki-pahali-dediketeda-helpalaina-17675 TrendKia — Har trend, sabse pehle.