क्लासरूम और बच्चों की किताबों के जरिए डेटा सेंटर उद्योग की नई ब्रांडिंग रणनीति बिजली की भारी खपत और स्थानीय विरोध का सामना कर रहे डेटा सेंटर ऑपरेटर अब अपनी छवि सुधारने के लिए स्कूलों, फील्ड ट्रिप और बच्चों की किताबों का सहारा ले रहे हैं। तकनीकी दुनिया में बुनियादी ढांचे की रीढ़ माने जाने वाले डेटा सेंटर अब अपने भारी-भरकम बिजली उपयोग और विशाल परिसरों को लेकर जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए एक अप्रत्याशित जगह पर पहुंच गए हैं, और वह जगह स्कूल की कक्षाएं हैं। बड़े डेटा सेंटर निर्माण और ऊर्जा खपत के खिलाफ बढ़ते सार्वजनिक असंतोष को शांत करने के लिए उद्योग से जुड़े संगठन और कंपनियां बच्चों के बीच अपनी सकारात्मक छवि गढ़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसके तहत न केवल बच्चों की कहानियों की किताबें तैयार की जा रही हैं, बल्कि पहली कक्षा के विद्यार्थियों को खास क्राफ्ट किट बांटी जा रही हैं और हाई स्कूल के छात्रों के लिए सर्वर फार्म के टूर आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों की कहानियों और किताबों के जरिए उद्योग का परिचय इस जनसंपर्क अभियान में गैर-लाभकारी संगठन 7x24 एक्सचेंज इंटरनेशनल प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह संस्था डेटा सेंटरों को बेहद आवश्यक और मिशन-क्रिटिकल बुनियादी ढांचा मानती है। अपने प्रचार कार्य के तहत यह समूह बच्चों की एक कहानी 'व्हॉट इज़ अ डेटा सेंटर?' की सिफारिश करता है। इस किताब में हनी नाम का एक हनी बैजर ओलिवर नाम के एक कर्मचारी के साथ डेटा सेंटर का दौरा करता है। कहानी में ओलिवर समझाता है कि डेटा सेंटर के कर्मचारियों का मुख्य काम यह पक्का करना है कि सुविधाएं हर किसी को चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के मिलती रहें। इसके जवाब में हनी पूछता है कि क्या इसका मतलब वह समय भी है जब उसकी मां देर रात ऑनलाइन खरीदारी करती हैं क्योंकि पिता सो रहे होते हैं और उन्हें इसका पता नहीं चलेगा। यह कहानी डेटा सेंटर क्षेत्र में चल रहे एक बड़े चलन का केवल एक हिस्सा है। उद्योग अब तक पैरवी करने, रोजगार सृजन के कार्यक्रमों और टैक्स छूट जैसी पारंपरिक रणनीतियों पर निर्भर रहा है, लेकिन अब कंपनियों और हितधारक समूहों ने युवा पीढ़ी को आकर्षित करने का एक अलग तरीका अपनाया है। स्थानीय समुदायों में अपनी स्वीकृति बनाए रखने के लिए वे उसी रणनीति का सहारा ले रहे हैं जो छवि संकट से जूझ चुके अन्य उद्योगों ने अतीत में अपनाई थी। मेमोरियल डे किट और डेटा सेंटर डे की पहल इस साल मई के महीने में एसोसिएशन फॉर कंप्यूटर ऑपरेशंस मैनेजमेंट यानी एफकॉम के पोटोमैक चैप्टर ने वर्जीनिया के लाउडन काउंटी में स्थित 37 स्कूलों के 3,100 पहली कक्षा के बच्चों को मेमोरियल डे थीम वाले झंडे बनाने की किट बांटी। लाउडन काउंटी को दुनिया भर में 'डेटा सेंटर एली' के नाम से जाना जाता है। इस क्राफ्ट किट के साथ बच्चों को एक सूचना कार्ड भी दिया गया, जिसमें स्थानीय अर्थव्यवस्था पर डेटा सेंटर उद्योग के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाने वाले कई आंकड़े शामिल थे। 7x24 एक्सचेंज इंटरनेशनल केवल बच्चों की किताबें ही प्रमोट नहीं करता, बल्कि उसने 'इंटरनेशनल डेटा सेंटर डे' नाम से एक खास दिवस भी शुरू किया है। संस्था के अनुसार इस दिन का उद्देश्य डेटा सेंटर उद्योग के प्रति जागरूकता पैदा करना और नई पीढ़ी की प्रतिभाओं को प्रेरित करना है। यह गैर-लाभकारी समूह लोगों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करता है कि वे स्कूल प्रशासकों के सामने इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव रखें। भाग लेने वाले हाई स्कूलों के लिए यह संस्था एक उत्सव क्रॉसवर्ड पहेली और डेटा सेंटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी मुहैया कराती है। वहीं प्राथमिक स्कूलों के छात्रों के लिए डेटा सेंटर थीम वाले रंग भरने के पन्ने, वाष्पीकरण पर आधारित विज्ञान प्रयोग के निर्देश और प्रिंटेबल एक्टिविटी दी जाती हैं। इनमें 'क्लाउड का चित्र बनाएं' और 'डेटा सुपरहीरो का चित्र बनाएं' जैसे टास्क शामिल होते हैं। इसके साथ ही कई किताबें भी बच्चों के बीच प्रमोट की जा रही हैं। इनमें से एक किताब में दो बहनें डेटा सेंटर जाती हैं और जेबी नाम के रोबोट से मिलती हैं, जबकि दूसरी कहानी में दो भाई एक जीवंत डिजिटल दुनिया में जाकर इंटरनेट को बचाते हैं। वहीं 'पॉली पैकेट्स प्रेशियस पेलोड' नाम की किताब में एक मां अपनी बेटी को डेटा सेंटर के काम करने के तरीके के बारे में सिखाती है। स्कूलों के फील्ड ट्रिप और सर्वर फार्म का दौरा 7x24 एक्सचेंज ने इस वर्ष देश भर के किंडरगार्टन से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में कम से कम आधा दर्जन आयोजनों में भाग लिया या उन्हें आयोजित किया। मिनेसोटा में संस्था ने फ्रिडली हाई स्कूल के विद्यार्थियों को एक स्थानीय कमिंस डीजल बिजली उत्पादन संयंत्र के फील्ड ट्रिप पर पहुंचाया, ताकि छात्र उन जनरेटरों के बारे में जान सकें जो दुनिया भर के डेटा सेंटरों को बिजली देते हैं। स्कूलों में डेटा सेंटर के अनुकूल गतिविधियों को प्रायोजित करने वाली यह अकेली संस्था नहीं है। सार्वजनिक ब्लॉग और सोशल मीडिया पोस्ट के विवरण से पता चलता है कि 2025 के बाद से कम से कम ग्यारह कंपनियों और उद्योग संगठनों ने स्थानीय डेटा सेंटरों के लिए छात्रों के फील्ड ट्रिप आयोजित किए हैं। अमेरिका में सात डेटा सेंटर संचालित करने वाली कंपनी सबेय ने वाशिंगटन राज्य के हाई स्कूल छात्रों के लिए कई दौरों की मेजबानी की है। इनमें मई में ईस्टमोंट हाई स्कूल, जनवरी में मैनसन स्कूल डिस्ट्रिक्ट और पिछले अक्टूबर में क्विंसी हाई स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किए गए फील्ड ट्रिप शामिल हैं। मैनसन स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने इस दौरे की जानकारी अपने एक ब्लॉग पोस्ट में दी थी, जिसमें एक कॉन्फ्रेंस रूम में वयस्कों और छात्रों को बैठे दिखाया गया था। हालांकि उस तस्वीर को एआई-जनरेटेड सामग्री के रूप में चिह्नित किया गया था और तस्वीर में मौजूद कई लोगों के हाथ-पैर गायब दिखाई दे रहे थे। ब्लॉग में उल्लेख किया गया कि छात्रों ने सूचनाओं के भंडारण, प्रसंस्करण और सुरक्षा में डेटा सेंटर की भूमिका के साथ-साथ इस क्षेत्र में करियर के विभिन्न विकल्पों के बारे में सीखा। क्विंसी स्कूल डिस्ट्रिक्ट की कम्युनिकेशंस कोऑर्डिनेटर जेसिका ब्लैंकस ने बताया कि उनका जिला कई वर्षों से माइक्रोसॉफ्ट, वांटेज, याहू और सबेय जैसी कंपनियों के परिसरों में डेटा सेंटर दौरों का आयोजन कर रहा है। उन्होंने सबेय को जिले का एक पुराना और भरोसेमंद साझेदार बताया, जो नियमित रूप से अतिथि वक्ताओं, मॉक इंटरव्यू और इंटर्नशिप के अवसरों की पेशकश करता रहा है। जेसिका ब्लैंकस ने आगे कहा कि जिले ने सबेय में विशेष रूप से छात्राओं के दौरों के साथ-साथ निर्माण या इंजीनियरिंग जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में जाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए भी दौरों का आयोजन किया है। इसी तरह अमेज़न ने पिछले फरवरी में अर्लिंग्टन, वर्जीनिया में स्थित अपने 'स्किल्स सेंटर' में एक फील्ड ट्रिप का आयोजन किया था। यह केंद्र क्लाउड कंप्यूटिंग और भविष्य के रोजगार के अवसरों के बारे में जानने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के लिए एक मुफ्त सामुदायिक स्थल है। यह कार्यक्रम डीसी मेट्रो क्षेत्र के किसी भी हाई स्कूल के लिए खुला था, हालांकि केवल जैक्सन-रीड हाई स्कूल के छात्र ही इसमें शामिल हुए। कॉरपोरेट प्रचार पर शिक्षा विशेषज्ञों की चिंता यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर में रिसर्च प्रोफेसर और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी सेंटर के निदेशक एलेक्स मोलनार बताते हैं कि फास्ट फूड, तंबाकू और तेल व गैस जैसे नकारात्मक छवि वाले उद्योग एक सदी से भी अधिक समय से अपने संदेश स्कूलों तक पहुंचाते रहे हैं। एलेक्स मोलनार के अनुसार कॉरपोरेट जगत का स्कूलों में सक्रिय होने का सबसे बड़ा कारण विशुद्ध रूप से कॉरपोरेट प्रचार है, जिसका उद्देश्य कोई उत्पाद बेचना नहीं बल्कि अपनी मनपसंद कहानी समाज के सामने रखना होता है। एलेक्स मोलनार सवाल उठाते हैं कि तीसरी कक्षा के किसी छोटे बच्चे को डेटा सेंटर में क्या दिलचस्पी हो सकती है। वे कहते हैं कि वहां देखने के लिए केवल अत्यधिक उबाऊ चीजें ही होती हैं, जहां सर्वरों की लंबी कतारें भारी मात्रा में गर्मी पैदा कर रही होती हैं। वहां बहुत तेज शोर होता है और निर्माण पूरा होने के बाद वहां काम करने वाले इंसान भी बहुत कम दिखाई देते हैं। एलेक्स मोलनार का मानना है कि इस तरह के कॉरपोरेट प्रभाव को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि बच्चे पूरी तरह से असहाय और प्रभावहीन स्थिति में होते हैं। स्कूल डिस्ट्रिक्ट और स्थानीय समुदायों को बच्चों की सुरक्षा करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक वयस्क के पास वैकल्पिक जानकारी तक पहुंच होती है और उसमें सुनी गई बातों का मूल्यांकन करने व निर्णय लेने की आलोचनात्मक क्षमता होती है, जबकि बच्चों के पास ऐसा विवेक नहीं होता। पर्यावरणीय विरोध और राजनीतिक तनाव गर्मियों के दौरान प्यू रिसर्च द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में 10,000 अमेरिकी वयस्कों से राय ली गई थी। इसमें पाया गया कि लगभग आधे उत्तरदाता डेटा सेंटरों को पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता के लिए मुख्य रूप से हानिकारक मानते हैं। पूरे देश में अलग-अलग वैचारिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों का एक समूह इनके खिलाफ एकजुट होने लगा है। कई इलाकों में स्थानीय स्कूलों के बेहद करीब डेटा सेंटर बनने के कारण विरोध और भी उग्र हो गया है। शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना और फील्ड ट्रिप आयोजित करना उद्योग के लिए समुदाय में काम करने का सामाजिक लाइसेंस बनाए रखने का एक तरीका है। डेटा सेंटर क्षेत्र उसी रणनीति का अनुसरण कर रहा है जो तेल और गैस उद्योग ने अपनाई थी। जीवाश्म ईंधन कंपनियों ने विश्वविद्यालयों के शोध प्रोजेक्ट्स और स्कूलों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी एसटीईएम कार्यक्रमों को वित्तपोषित किया है। टेक उद्योग ने भी कोडिंग कार्यक्रमों की वकालत करते हुए कंप्यूटर साइंस को साइंस क्रेडिट का दर्जा दिलाने के लिए पैरवी की है। इसके अतिरिक्त ओक्लाहोमा और टेक्सास जैसे राज्यों में तेल कंपनियों ने उद्योग के अनुकूल पाठ्य सामग्री तैयार करने पर लाखों डॉलर खर्च किए हैं। डेटा सेंटर को लेकर तनाव अब चुनावी राजनीति तक पहुंच गया है। मेन राज्य के सीनेट चुनाव में रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ट्रॉय जैक्सन के बीच आयोजित बहस के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने मंच पर आकर डेटा सेंटरों के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर नारेबाजी की। सुसान कॉलिन्स ने खुद को डेटा सेंटर विरोधी उम्मीदवार साबित करने की कोशिश की, हालांकि उनके वित्तीय रिकॉर्ड कुछ अलग संकेत देते हैं। परियोजनाओं का रद्द होना, वित्तीय अस्थिरता और एआई सुरक्षा चिंताएं डेटा सेंटर निर्माण के तेज विस्तार को लेकर वित्तीय बाजारों और स्थानीय परिषदों में भी अनिश्चितता बढ़ रही है। कोरवीव कंपनी को इस सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। अपने डेटा सेंटरों के वित्तपोषण के लिए कंपनी द्वारा बेचे जाने वाले बॉन्ड में भारी बिकवाली हुई, जिससे उसके शेयरों में भी तेज गिरावट आई। सप्ताह के अंत में कुछ सुधार जरूर दिखा, लेकिन यह स्थिति डेटा सेंटर विस्तार को लेकर निवेशकों की घबराहट को साफ दर्शाती है। इसके साथ ही ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के सार्वजनिक होने के बाद से कोरवीव के संस्थापकों ने 3.3 अरब डॉलर के शेयर बेचे हैं। दूसरी ओर मैसाचुसेट्स के वेस्टफील्ड में नगर योजना बोर्ड ने 3 अरब डॉलर की एक बड़ी डेटा सेंटर परियोजना को पूरी तरह रद्द कर दिया। बोस्टन डॉट कॉम के अनुसार बोर्ड ने डेवलपर सर्वस्टार पर समय सीमा का पालन न करने और परियोजना को आगे बढ़ाने में अत्यधिक सुस्ती बरतने का आरोप लगाया। डेटा सेंटर परिसरों में लगे सर्वर रैक पर चलने वाले उत्पादों की प्रकृति भी सवालों के घेरे में है। मेटा द्वारा लॉन्च किए गए म्यूज को शुरुआत में आम लोगों के लिए एक सामान्य एआई सहायक के रूप में पेश किया गया था। लेकिन जब पत्रकार रीस रोजर्स ने म्यूज से पूछा कि क्या वह सेक्सटिंग कर सकता है, तो एआई एजेंट ने आगे बढ़ने के लिए सहमति दी और बातचीत में काफी उत्साह दिखाया। इस चैट विवरण के सामने आने के बाद उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं ने इसके व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई। मेटा के प्रवक्ता डैनियल रॉबर्ट्स ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि म्यूज 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्कों के लिए बनाया गया ऐप है, जो उपयोगकर्ताओं को एक निजी और सुरक्षित वर्चुअल मशीन के भीतर वयस्क बातचीत में शामिल होने की अनुमति देता है। इसका आप पर असर डेटा सेंटरों द्वारा स्कूलों में जनसंपर्क अभियान चलाने और तेजी से बुनियादी ढांचा खड़ा करने का सीधा असर स्थानीय संसाधनों, बिजली बिलों और बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है। • बिजली दरों पर असर: बड़े डेटा सेंटर ग्रिड से भारी मात्रा में बिजली खींचते हैं। इसके चलते स्थानीय बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ता है और भविष्य में आम उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में बढ़ोतरी का जोखिम पैदा होता है। • स्कूली शिक्षा की निष्पक्षता: कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा बांटी जा रही सामग्री से बच्चों के पाठ्यक्रम की निष्पक्षता प्रभावित होती है। माता-पिता और अभिभावकों को यह जांचना होगा कि स्कूलों में दी जा रही सामग्री शैक्षणिक है या सिर्फ एकतरफा कॉरपोरेट प्रचार। • पर्यावरण और जीवन स्तर: डेटा सेंटरों के भारी शोर और अत्यधिक गर्मी से नजदीकी बस्तियों का माहौल प्रभावित होता है। स्थानीय निवासियों को अपने इलाकों में बनने वाले विशाल सर्वर फार्म के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर स्थानीय नगर परिषदों में आवाज उठानी होगी। • रोजगार के सीमित अवसर: निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन विशाल परिसरों में स्थानीय लोगों के लिए बेहद कम नौकरियां बचती हैं। समुदाय के युवाओं को केवल तकनीकी वादों पर निर्भर रहने के बजाय वास्तविक रोजगार के अवसरों का आकलन करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ डेटा सेंटर उद्योग द्वारा स्कूलों और बच्चों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने का मुख्य कारण उनके विशाल परिसरों और अत्यधिक बिजली-पानी की खपत को लेकर जनता के बीच बढ़ता विरोध है। कंपनियों को स्थानीय स्तर पर अपनी परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने के लिए सामुदायिक सद्भाव की सख्त जरूरत है। • बढ़ता पर्यावरणीय और सामाजिक विरोध: प्यू रिसर्च के सर्वेक्षण में आधे वयस्कों ने डेटा सेंटरों को पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता के लिए हानिकारक माना है। कई जगहों पर स्कूलों के पास सर्वर फार्म बनने से स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने निर्माण के खिलाफ कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। • संचालन के सामाजिक लाइसेंस की जरूरत: भारी ऊर्जा खपत वाले उद्योगों को नए इलाकों में अपनी जमीन सुरक्षित करने के लिए स्थानीय स्वीकृति यानी सोशल लाइसेंस की आवश्यकता होती है। जब समुदायों में विरोध बढ़ता है, तो कंपनियां विरोध को कुंद करने के लिए बच्चों और परिवारों से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की पुरानी कॉरपोरेट रणनीति अपनाती हैं। • ऐतिहासिक मिसालें: तंबाकू, फास्ट फूड और तेल कंपनियों ने अतीत में अपनी नकारात्मक छवि सुधारने के लिए स्कूलों में एसटीईएम और पाठ्य सामग्री को प्रायोजित किया था। डेटा सेंटर उद्योग भी इसी ऐतिहासिक तरीके को अपनाकर युवा पीढ़ी में अपनी अनुकूल छवि बना रहा है। • परियोजनाओं का रद्द होना और वित्तीय दबाव: मैसाचुसेट्स के वेस्टफील्ड में 3 अरब डॉलर का प्रोजेक्ट रद्द होने और कोरवीव जैसी कंपनियों के बॉन्ड में बिकवाली ने उद्योग पर दबाव बढ़ा दिया है। इस अनिश्चितता के बीच कंपनियां लंबे समय के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही हैं। सवाल-जवाब 1. डेटा सेंटर कंपनियां स्कूलों में बच्चों के लिए कार्यक्रम क्यों चला रही हैं? डेटा सेंटरों की अत्यधिक बिजली खपत और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर बढ़ रहे स्थानीय विरोध को शांत करने और अपनी सकारात्मक छवि बनाने के लिए कंपनियां स्कूलों में कार्यक्रम चला रही हैं। 2. 7x24 एक्सचेंज इंटरनेशनल कौन सी किताबें प्रमोट कर रहा है? यह संस्था 'व्हॉट इज़ अ डेटा सेंटर?', 'पॉली पैकेट्स प्रेशियस पेलोड' और रोबोट जेबी से जुड़ी बच्चों की कहानियों की किताबें प्रमोट कर रही है। 3. लाउडन काउंटी में पहली कक्षा के बच्चों को क्या बांटा गया? एफकॉम ने लाउडन काउंटी के 37 स्कूलों में 3,100 बच्चों को मेमोरियल डे झंडा बनाने की किट और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर डेटा सेंटर के सकारात्मक प्रभाव वाले सूचना कार्ड बांटे। 4. प्यू रिसर्च के सर्वेक्षण में डेटा सेंटरों को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आया? सर्वेक्षण में शामिल 10,000 अमेरिकी वयस्कों में से लगभग आधे लोगों ने डेटा सेंटरों को पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता के लिए मुख्य रूप से हानिकारक माना। 5. शिक्षा विशेषज्ञ एलेक्स मोलनार ने इन पहलों पर क्या चिंता जताई? उन्होंने कहा कि यह विशुद्ध कॉरपोरेट प्रचार है और बच्चे बहुत असहाय स्थिति में होते हैं, इसलिए स्कूल प्रशासन को उन्हें ऐसे व्यावसायिक प्रभाव से बचाना चाहिए। 6. वेस्टफील्ड, मैसाचुसेट्स में किस परियोजना को रद्द किया गया? वेस्टफील्ड के योजना बोर्ड ने डेवलपर सर्वस्टार द्वारा समय सीमा चूकने और सुस्त काम के कारण 3 अरब डॉलर की डेटा सेंटर परियोजना को रद्द कर दिया। 7. मेटा के एआई एजेंट म्यूज को लेकर क्या विवाद सामने आया? म्यूज द्वारा बातचीत में सेक्सटिंग और वयस्क वार्तालाप में भाग लेने की बात सामने आई, जिसके बाद मेटा ने स्पष्ट किया कि यह ऐप केवल 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्कों के लिए है। https://trendkia.com/business/klasaruma-aura-bachchon-ki-kitabon-ke-jarie-data-center-udyoga-ki-nai-brandinga-rananiti-49296 TrendKia — Har trend, sabse pehle.