कृषि स्नातकों के लिए सुनहरा मौका, आजमगढ़ में केंद्र खोलने के लिए मिल रहा 4.5 लाख का लोन आजमगढ़ में कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार एग्री जंक्शन योजना के तहत आर्थिक मदद दे रही है। इस योजना के जरिए केंद्र स्थापित करने पर 4.5 लाख रुपये तक का बैंक लोन और 60 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है। देश के ग्रामीण इलाकों में कृषि सेवाओं को बेहतर बनाने और पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को खुद के पैरों पर खड़ा करने के उद्देश्य से एक विशेष पहल चलाई जा रही है। आजमगढ़ में कृषि विभाग की ओर से संचालित इस योजना के माध्यम से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री हासिल करने वाले युवाओं को अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का मौका दिया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस मुहिम का मुख्य मकसद उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मुहैया कराना और किसानों को उनके आसपास ही कृषि से जुड़ी सभी जरूरी चीजें एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है। वन स्टॉप शॉप की तर्ज पर काम करेंगे केंद्र इस योजना के तहत चुने गए युवाओं को वन स्टॉप शॉप की तर्ज पर एग्री जंक्शन केंद्र खोलने की मंजूरी दी जाती है। इन केंद्रों के जरिए युवा किसानों को एक ही मंच से अच्छी क्वालिटी के बीज, रासायनिक और जैविक खाद तथा कीटनाशक आसानी से बेच सकेंगे। इससे न केवल पढ़े-लिखे युवाओं की आमदनी का पक्का जरिया बनता है, बल्कि ग्रामीण इलाकों के किसानों को खेती के सामान के लिए दूर-दराज के इलाकों में चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। मिलती है आर्थिक मदद और सब्सिडी नया कारोबार शुरू करने में युवाओं को पैसों की तंगी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वित्तीय सहायता देने का पूरा प्रावधान किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि चुने गए लाभार्थियों को कारोबार बैठाने के लिए बैंकों के जरिए 4.5 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है। इसके साथ ही, दुकान के ढांचे और अंदरूनी साज-सज्जा को तैयार करने के वास्ते सरकार की तरफ से लगभग 60 हजार रुपये की सब्सिडी भी दी जाती है। किसे मिलती है प्राथमिकता और क्या है योग्यता इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, चयन प्रक्रिया के दौरान उम्र सीमा को लेकर खास नियम तय किए गए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि कम उम्र के युवाओं के मुकाबले उन लोगों को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है, जिनकी सरकारी नौकरी पाने की उम्र निकल चुकी है या जो 40 से 42 साल की आयु पार कर चुके हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि इस पड़ाव पर बेरोजगार बैठे कृषि स्नातकों को सम्मान के साथ जीने का जरिया मिल सके। चयन प्रक्रिया और जरूरी कागजात इस योजना के तहत हर ब्लॉक स्तर पर सालाना लक्ष्य तय किए जाते हैं और साल में एक बार आवेदन मंगाए जाते हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास हाईस्कूल का सर्टिफिकेट और बीएससी एग्रीकल्चर की मार्कशीट होना अनिवार्य है। इसके बाद एक अधिकृत कमेटी द्वारा सभी उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाता है और तय मानकों पर खरे उतरने वाले युवाओं का अंतिम रूप से चयन किया जाता है। इसका आप पर असर यह योजना कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं और ग्रामीण किसानों के लिए रोजगार और खेती के सामान की उपलब्धता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। • उत्तर प्रदेश में: आजमगढ़ के स्थानीय कृषि स्नातकों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशासनिक अनुमति मिलती है, जिससे उन्हें नौकरी की तलाश में भटकना नहीं पड़ता। • वित्तीय लाभ: चयनित युवाओं को बैंक के जरिए 4.5 लाख रुपये तक का कर्ज और दुकान के निर्माण के लिए 60 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है, जिससे शुरुआती आर्थिक बोझ कम होता है। • किसानों के लिए आसानी: ग्रामीण इलाकों के किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक खरीदने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता क्योंकि सभी जरूरी कृषि इनपुट एक ही केंद्र पर मिल जाते हैं। • पात्रता और प्राथमिकता: बीएससी एग्रीकल्चर पास कर चुके और अधिक उम्र या सरकारी नौकरी की सीमा पार कर चुके 40 से 42 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को रोजगार पाने में विशेष प्राथमिकता दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि सेवाओं को मजबूत करने और शिक्षित युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी को कम करने के लिए शुरू की गई है। सरकार चाहती है कि कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा नौकरी खोजने वाले बनने के बजाय खुद का व्यवसाय चलाकर दूसरों को भी सुविधा दें। • ग्रामीण बुनियादी ढांचा: गांवों के किसानों को खाद और बीज जैसी बुनियादी चीजें अपने नजदीक ही मिल सकें, इसके लिए सरकार ने वन स्टॉप शॉप मॉडल को बढ़ावा देने का फैसला किया। • उम्र संबंधी प्राथमिकता: कम उम्र के स्नातकों के मुकाबले उन लोगों को प्राथमिकता दी जाती है जिनकी सरकारी नौकरी की उम्र सीमा समाप्त हो चुकी है, ताकि उन्हें जीवन के उस पड़ाव पर सहारा मिल सके। • वार्षिक लक्ष्य: योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए विकास खंड स्तर पर हर साल नए लक्ष्य तय किए जाते हैं और पारदर्शी तरीके से इंटरव्यू के जरिए चयन होता है। सवाल-जवाब 1. एग्री जंक्शन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीएससी एग्रीकल्चर पास युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और ग्रामीण किसानों को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध कराना है। 2. इस योजना के तहत कितना बैंक लोन मिलता है? चयनित लाभार्थियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से 4.5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। 3. दुकान के ढांचे के लिए कितनी सब्सिडी दी जाती है? दुकान के इंफ्रास्ट्रक्चर और आंतरिक साज-सज्जा के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से लगभग 60 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। 4. इस योजना का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है? आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री होना अनिवार्य है। 5. चयन प्रक्रिया में किन उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलती है? सरकारी नौकरी की उम्र सीमा पार कर चुके या 40 से 42 वर्ष की आयु पार कर चुके कृषि स्नातकों को चयन में प्राथमिकता दी जाती है। 6. एग्री जंक्शन केंद्रों पर किसानों को क्या-क्या मिलेगा? इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, रासायनिक व जैविक उर्वरक और कीटनाशक एक ही मंच से उपलब्ध कराए जाते हैं। 7. जिला कृषि अधिकारी कौन हैं जिन्होंने योजना की जानकारी दी? सदानंद चौधरी आजमगढ़ के जिला कृषि अधिकारी हैं जिन्होंने इस योजना की पूरी जानकारी साझा की है। https://trendkia.com/business/krishi-snatakon-ke-liye-sunhara-mauka-azamgarh-mein-4-5-lakh-loan-48097 TrendKia — Har trend, sabse pehle.