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  "title": "लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़ा निवेश, आईएफसी एनडीआर स्मार्ट स्पेस में 225 करोड़ रुपये का करेगी इक्विटी इंफ्यूजन",
  "summary": "आईएफसी ने एनडीआर स्मार्ट स्पेस में 225 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश का ऐलान किया है, जिससे देश के 14 शहरों में 2 करोड़ वर्ग फुट ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग स्पेस और कोल्ड स्टोरेज ढांचा तैयार होगा।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) ने एनडीआर स्मार्ट स्पेस (NDR Smart Spaces) में 225 करोड़ रुपये (लगभग 2.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर) के इक्विटी निवेश की घोषणा की है। इस भारी वित्तीय मदद का मुख्य उद्देश्य देश भर में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करना है। इस फंडिंग के ज़रिये 14 प्रमुख शहरों में कुल 2 करोड़ वर्ग फुट (20 मिलियन स्क्वायर फीट) ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग स्पेस तैयार करने की योजना है। इसमें से करीब 80 लाख वर्ग फुट (8 मिलियन स्क्वायर फीट) वेयरहाउसिंग क्षमता फिलहाल निर्माण के चरण में है।\n\nछोटे शहरों और नए राज्यों में लॉजिस्टिक्स का विस्तार\nएनडीआर स्मार्ट स्पेस प्राइवेट लिमिटेड, एनडीआर ग्रुप (NDR Group) द्वारा स्थापित एक नया डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म है। गौरतलब है कि एनडीआर ग्रुप, एनडीआर इन्विट ट्रस्ट (NDR InvIT Trust) का स्पॉन्सर भी है। यह नया प्लेटफॉर्म महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित कई महत्वपूर्ण राज्यों में अत्याधुनिक ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित करने के काम में जुटा हुआ है।\n\nइस निवेश रणनीति की सबसे बड़ी खासियत इसका टियर-2 और टियर-3 शहरों पर केंद्रित होना है। ऐतिहासिक रूप से देश के छोटे शहर और क्षेत्रीय व्यावसायिक केंद्र आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाले लॉजिस्टिक्स ढांचे की कमी से जूझते रहे हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में संगठित क्षेत्र में औपचारिक रोजगार के अवसर काफी सीमित रहे हैं। एनडीआर स्मार्ट स्पेस का यह नया पोर्टफोलियो ड्राई वेयरहाउसिंग और विशेष कोल्ड स्टोरेज दोनों तरह की सुविधाओं से लैस होगा, जिससे क्षेत्रीय बाजारों को सीधे आधुनिक सप्लाई चेन का लाभ मिल सकेगा।\n\n24 हजार नए रोजगार के अवसर और महिला भागीदारी\nवेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट्स के तेजी से तैयार होने से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। आंकड़ों के अनुसार, प्रति 10 लाख वर्ग फुट वेयरहाउसिंग स्पेस विकसित होने पर करीब 1,200 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होती हैं। इस हिसाब से एनडीआर स्मार्ट स्पेस के पूरे 2 करोड़ वर्ग फुट के प्रोजेक्ट से देश भर में लगभग 24,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।\n\nये रोजगार के अवसर लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस ऑपरेशंस, मेंटेनेंस और मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्रों में मिलेंगे। इसके साथ ही, इस पहल में महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ल्ड बैंक ग्रुप (World Bank Group) का 'कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क फॉर इंडिया' भी निजी क्षेत्र के नेतृत्व में रोजगार सृजन को प्राथमिकता देता है, और यह परियोजना उसी दिशा में एक ठोस कदम है।\n\nकोल्ड स्टोरेज से किसानों को फायदा और फसलों की बर्बादी में कमी\nऔद्योगिक वेयरहाउसिंग के अलावा, यह परियोजना कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में सुधार पर भी बड़ा ध्यान दे रही है। इसके तहत कुल 15 लाख वर्ग फुट (1.5 मिलियन स्क्वायर फीट) क्षमता का कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। भारत में कोल्ड चेन सुविधाओं की कमी के कारण अक्सर कटाई के बाद किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं।\n\nइस अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज क्षमता के विकसित होने से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। साथ ही, शहरों में रहने वाले उपभोक्ताओं तक ताजे और सुरक्षित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।\n\nनेतृत्व का दृष्टिकोण और भविष्य की योजनाएं\nनिवेश के व्यापक प्रभाव पर बात करते हुए आईएफसी (IFC) के दक्षिण एशिया के रीजनल हेड ऑफ ऑपरेशंस एंड क्लाइमेट और अंतरिम रीजनल डिविजन डायरेक्टर शलभ टंडन ने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में ग्रेड-ए वेयरहाउस का निर्माण निर्माताओं को आकर्षित करता है और स्थानीय समुदायों में रोजगार पैदा करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह कदम किसानों को सीधे बाजारों से जोड़कर उनकी आजीविका को सुरक्षा प्रदान करता है।\n\nवहीं, एनडीआर स्मार्ट स्पेस के निदेशक अमृतेश रेड्डी ने इस साझेदारी को कंपनी की विकास यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत जिस तरह विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ा रहा है, उससे एनडीआर स्मार्ट स्पेस को बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाली लॉजिस्टिक्स संपत्ति बनाने में काफी मदद मिलेगी। कंपनी इस साझेदारी के जरिए अपने विकास को गति देने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विस्तार से कृषि फसलों की बर्बादी घटेगी और दैनिक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनेगी।\n• टियर-2 और टियर-3 शहरों में: क्षेत्रीय बाजारों में वेयरहाउसिंग बुनियादी ढांचा विकसित होने से लॉजिस्टिक्स और मैनेजमेंट में करीब 24,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आईएफसी ने एनडीआर स्मार्ट स्पेस में कितना निवेश किया है?\nआईएफसी ने एनडीआर स्मार्ट स्पेस में 225 करोड़ रुपये (लगभग 2.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का इक्विटी निवेश किया है।\n\n2. इस निवेश से कुल कितना वेयरहाउसिंग स्पेस विकसित किया जाएगा?\nइसके तहत 14 शहरों में 2 करोड़ वर्ग फुट का ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग ढांचा विकसित किया जाएगा, जिसमें 80 लाख वर्ग फुट का निर्माण अभी जारी है।\n\n3. इस परियोजना से रोजगार के कितने अवसर पैदा होने का अनुमान है?\nइस परियोजना से लॉजिस्टिक्स, ऑपरेशंस और मैनेजमेंट के क्षेत्रों में करीब 24,000 प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा।\n\n4. इस परियोजना में कितनी कोल्ड स्टोरेज क्षमता जोड़ी जा रही है?\nइसमें 15 लाख वर्ग फुट की कोल्ड स्टोरेज क्षमता जोड़ी जा रही है, जो फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को घटाने में मदद करेगी।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-08-10",
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