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  "type": "article",
  "title": "एलपीजी गैस सिलेंडर ई-केवाईसी की डेडलाइन समाप्त, 12 लाख उपभोक्ताओं का काम बाकी",
  "summary": "एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए ई-केवाईसी कराने की समय सीमा समाप्त हो गई है और करीब 12 लाख उपभोक्ताओं का यह काम अधूरा है। इस डेडलाइन के आगे बढ़ने की कोई संभावना नहीं है।",
  "content": "एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी पूरी करने की आखिरी तारीख समाप्त हो चुकी है और इसके आगे बढ़ने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। देश भर में अब भी लगभग 12 लाख एलपीजी उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका ई-केवाईसी पूरा होना बाकी है। इस डेडलाइन के खत्म होने के बाद अब उन लोगों के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं जिन्होंने समय रहते अपनी बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं की है।\n\nडेडलाइन और अधिकारियों का पक्ष\nइंडियन ऑयल की प्रमुख एलपीजी ब्रांड इंडेन के कलकत्ता स्थित एक अधिकारी के अनुसार, मौजूदा समय में अंतिम तारीख 31 अगस्त है और इसे आगे बढ़ाने को लेकर उनके पास कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। यह पूरी तरह से राष्ट्रीय स्तर पर लिया जाने वाला निर्णय है। कलकत्ता के एक एलपीजी वितरक ने जानकारी दी है कि अकेले उनके जोन में करीब 32,000 घरेलू एलपीजी ग्राहक ऐसे हैं जिनकी ई-केवाईसी अभी लंबित पड़ी है। वहीं एक अन्य वितरक ने बताया कि कुल 50,000 गैर-उज्ज्वला एलपीजी कनेक्शनों में से लगभग 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है।\n\nसप्ताहांत में आई परेशानियां और वितरकों की स्थिति\nबंगाल में इंडेन एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के प्रवक्ता बेहारी बिश्वास ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे का फैसला केंद्रीय मंत्रालय की ओर से लिया जाएगा। सप्ताहांत के दौरान एलपीजी उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी पूरी करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि रविवार के दिन ज्यादातर एजेंसियां बंद थीं। हालांकि कुछ एलपीजी वितरकों ने ग्राहकों की सुविधा के लिए 29 अगस्त और 30 अगस्त दोनों दिन अपने कार्यालय चालू रखे और ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा कराने में मदद की।\n\nसब्सिडी और दरों पर क्या पड़ेगा असर\nजिन उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें अब सब्सिडी वाले दरों पर एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाला डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर भी तब तक रोक दिया जाएगा जब तक वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा नहीं कर लेते हैं। इसके अतिरिक्त, जो गैर-पीएमयूवाई ग्राहक अपनी ई-केवाईसी पूरी करने में असफल रहे हैं, उन्हें अपने घरेलू एलपीजी सिलेंडर अब कॉमर्शियल दरों पर खरीदने पड़ सकते हैं। इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के कनेक्शनों के लिए भी अस्थायी रूप से सेवाएं निलंबित होने की संभावना सामने आ सकती है। जब तक आधार बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन सभी प्रभावों से राहत मिलना संभव नहीं है।\n\nविभिन्न शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें\nमौजूदा स्थिति के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले इंडेन गैस एलपीजी सिलेंडर की बाजार कीमत 942 रुपये, कलकत्ता में 968 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये प्रति सिलेंडर है। यदि आप प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सदस्य हैं, तो आपको 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है, जिससे आपकी कुल देय राशि कम हो जाती है। सब्सिडी लागू होने के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की प्रभावी खरीद कीमत लगभग 642 रुपये, कलकत्ता में 668 रुपये, मुंबई में 641.50 रुपये और चेन्नई में 657.50 रुपये हो जाती है। यह फायदा केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी पूरी कर ली है।\n\nकॉमर्शियल दरों का भारी वित्तीय बोझ\nजो उपभोक्ता गैर-पीएमयूवाई श्रेणी में आते हैं और 31 अगस्त की समय सीमा से चूक गए हैं, उन्हें अब एलपीजी के लिए कॉमर्शियल दरें चुकानी होंगी। अगस्त के महीने में 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की दरें दिल्ली में 2,738 रुपये, मुंबई में 2,691.50 रुपये, कलकत्ता में 2,872.50 रुपये और चेन्नई में 2,906 रुपये थीं। यदि ई-केवाईसी पूरी न होने के कारण आप घरेलू दरों के लिए अयोग्य हो जाते हैं और आप पर कॉमर्शियल दरें लागू होती हैं, तो आपको दिल्ली में घरेलू एलपीजी पर 1,796 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे, जिसकी गणना 2,738 रुपये में से 942 रुपये घटाकर की जा सकती है। इसी तरह का आर्थिक प्रभाव देश के अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है। नवीनतम अपडेट और सटीक जानकारी के लिए उपभोक्ताओं को सीधे अपने एलपीजी वितरक या संबंधित तेल कंपनियों से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।\n\nऑनलाइन ई-केवाईसी पूरी करने की प्रक्रिया\nअपने एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए आप अपने स्मार्टफोन पर संबंधित ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इंडेन गैस के लिए इंडियनऑल वन या आधारफेसआरडी ऐप, भारत गैस के लिए हेलो बीपीसीएल, और एचपी गैस के लिए एचपी पे या आधारफेसआरडी ऐप का उपयोग किया जा सकता है। इसके बाद अपने एलपीजी खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्टर या लॉगिन करें। अपने पंजीकृत नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके अपने मोबाइल नंबर का सत्यापन करें। अपने एलपीजी खाते को लिंक करें, जिसमें इंडेन गैस के लिए आपको अपना 16-डिजिकोड वाला एलपीजी आईडी दर्ज करना होगा, जबकि बीपीसीएल और एचपीसीएल ऐप में ई-केवाईसी का विकल्प सीधे उपलब्ध रहता है।\n\nइसके बाद ऐप में ई-केवाईसी विकल्प खोलें। इंडेन गैस के लिए यह विकल्प माय प्रोफाइल सेक्शन के तहत मिलता है, भारत गैस के लिए होमपेज पर उपलब्ध है, और एचपी पे ऐप में यह एलपीजी सेक्शन के भीतर होता है। नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें और आधार आधारित फेस आथेंटिकेशन के साथ आगे बढ़ने की सहमति दें। अंत में फेस स्कैन प्रक्रिया को पूरा करें, जिसमें फेस स्कैन या कैप्चर फेस पर टैप करके आधारफेसआरडी ऐप को अपना चेहरा स्कैन करने की अनुमति दी जाती है, और स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करके ई-केवाईसी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया जाता है।\n\nइसका आप पर असर\nएलपीजी ई-केवाईसी की समय सीमा समाप्त होने का सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जिन्होंने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक पुष्टि नहीं कराई है।\n\n• भारत में: देश भर के लगभग 12 लाख उपभोक्ताओं को अब सब्सिडी का लाभ मिलने में रुकावट आ सकती है। जिन लोगों की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है, उन्हें घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए बाजार में अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।\n• वित्तीय बोझ: जो उपभोक्ता पीएमUY योजना के दायरे में नहीं आते हैं और अपनी केवाईसी पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें घरेलू सिलेंडर के स्थान पर कॉमर्शियल दरों का भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे उनके मासिक बजट पर भारी असर पड़ेगा।\n• सब्सिडी रोक: जिन पात्र उपभोक्ताओं ने समय सीमा का पालन नहीं किया है, उनके बैंक खातों में आने वाली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सब्सिडी तब तक रोक दी जाएगी जब तक वे अपना आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं कर लेते।\n• गैस कनेक्शन निलंबन: इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस जैसी प्रमुख कंपनियों के कनेक्शनों की सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित होने की संभावना बन सकती है।\n• समाधान: उपभोक्ता अपने संबंधित गैस वितरक से संपर्क करके या आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से तुरंत अपनी फेस स्कैन और आधार ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं ताकि सब्सिडी का लाभ दोबारा शुरू हो सके।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एलपीजी ई-केवाईसी पूरी करने की अंतिम तिथि क्या थी?\nएलपीजी ई-केवाईसी पूरी करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी।\n\n2. कितने उपयोगकर्ताओं का ई-केवाईसी होना अभी बाकी है?\nदेश भर में लगभग 12 लाख एलपीजी उपयोगकर्ताओं का ई-केवाईसी पूरा होना बाकी है।\n\n3. क्या ई-केवाईसी की डेडलाइन बढ़ाई जाएगी?\nअधिकारियों के अनुसार, इस डेडलाइन को आगे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है।\n\n4. ईो-केवाईसी पूरी न होने पर सब्सिडी पर क्या असर पड़ेगा?\nसमय पर ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले दरों पर सिलेंडर नहीं मिलेंगे और उनका डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर रोक दिया जाएगा।\n\n5. पीएमयूवाई सदस्यों को कितनी सब्सिडी मिलती है?\nप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के सदस्यों को 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है।\n\n6. मोबाइल ऐप के जरिए ई-केवाईसी कैसे पूरी करें?\nउपभोक्ता अपने संबंधित गैसprovider के आधिकारिक ऐप जैसे इंडियनऑल वन, हेलो बीपीसीएल या एचपी पे पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी सत्यापित कर फेस स्कैन के जरिए ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-08-31",
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    "एलपीजी ई-केवाईसी",
    "गैस सिलेंडर सब्सिडी",
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