बिना ई-केवाईसी नहीं मिलेगा रसोई गैस सिलेंडर, तेल कंपनियों ने रिफिल बुकिंग पर लगाई रोक पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश के बाद तेल विपणन कंपनियों ने बिना बायोमेट्रिक आधार सत्यापन वाले 3.16 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं के गैस रिफिल रोकने के आदेश दिए हैं। घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया को लेकर कड़े प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। देश भर में तेल विपणन कंपनियों ने उन उपभोक्ताओं की नई सिलेंडर बुकिंग और रिफिल डिलीवरी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जिन्होंने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा निर्देशों के तहत सरकारी तेल कंपनियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बिना बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण वाले किसी भी उपभोक्ता को रियायती दर पर या सामान्य रूप से भी रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति न की जाए। जो उपभोक्ता समयसीमा के भीतर यह सत्यापन कराने से चूक गए हैं, वे प्रक्रिया पूरी होते ही अपनी गैस आपूर्ति दोबारा बहाल करवा सकते हैं। 3.16 करोड़ उपभोक्ताओं का सत्यापन अभी भी अधूरा पेट्रोलियम मंत्रालय ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को भेजे एक औपचारिक पत्र में इस बात पर गंभीर चिंता जताई है कि देश में कम से कम 3.16 करोड़ घरेलू एलपीजी ग्राहकों ने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं की है। मंत्रालय के अनुसार, बायोमेट्रिक आधार सत्यापन न कराने वाले गैर-सत्यापित उपभोक्ताओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी और लक्षित सब्सिडी रिफिल के लाभ 1 जुलाई 2026 से ही रोक दिए गए थे। इसके बावजूद यह सामने आया कि ऐसे कई उपभोक्ता लगातार विनियमित खुदरा कीमतों और सब्सिडी लाभों के साथ एलपीजी सिलेंडर हासिल कर रहे थे। इस स्थिति से सरकारी खजाने पर अनावश्यक वित्तीय बोझ बढ़ रहा था, जिसे रोकने के लिए अब कड़ा कदम उठाया गया है। सार्वजनिक धन के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए दो बड़े नियम मंत्रालय ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि सरकारी सब्सिडी और सार्वजनिक धन के विवेकपूर्ण और पारदर्शी इस्तेमाल के लिए शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अनुपालन अनिवार्य है। इसी पृष्ठभूमि में पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को दो प्रमुख नियमों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। सबसे पहले, जिन उपभोक्ताओं ने अपनी बायोमेट्रिक आधार सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके लिए आगे के सभी एलपीजी रिफिल तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिए गए हैं। दूसरा नियम यह तय करता है कि जैसे ही उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर लेता है, उसका गैस कनेक्शन दोबारा सक्रिय कर दिया जाएगा और वह विनियमित कीमतों तथा लागू सब्सिडी के साथ सिलेंडर पाने का पात्र बन जाएगा। दो महीने में पांच बार बढ़ाई गई समयसीमा सरकार ने इस बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं को पर्याप्त अवसर दिए हैं। महज दो महीने के भीतर एलपीजी ई-केवाईसी की अंतिम तारीख को पांच बार आगे बढ़ाया गया। शुरुआत में अगस्त महीने के दौरान तीन अलग-अलग समयसीमाएं तय की गई थीं, जिनमें 16 अगस्त, 23 अगस्त और 31 अगस्त शामिल थीं। इसके बाद सितंबर महीने में पहले 7 सितंबर की अंतिम तारीख रखी गई थी, जिसे बाद में एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देते हुए 14 सितंबर तय किया गया था। यह दो महीने के भीतर दी गई पांचवीं छूट थी। मंत्रालय की नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, सत्यापन के लिए ई-केवाईसी विंडो अभी भी खुली हुई है ताकि शेष उपभोक्ता अपनी औपचारिकताएं पूरी कर सकें। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने 14 सितंबर की समयसीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं की, उन्हें प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी रियायती दर पर सिलेंडर नहीं मिलेगा और उनके रिफिल पूरी तरह से बंद रहेंगे। सरकार की ओर से फिलहाल किसी नई समयसीमा की घोषणा या इसे आगे बढ़ाने की कोई योजना सामने नहीं आई है, जिसके चलते 14 सितंबर की व्यवस्था ही प्रभावी मानी जा रही है। घर बैठे इंडियन ऑयल वन ऐप से इंडेन गैस की ई-केवाईसी कैसे करें इंडेन गैस के ग्राहक घर बैठे अपने स्मार्टफोन की मदद से पूरी बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया संपन्न कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल फोन में दो ऐप्लिकेशन डाउनलोड करने होंगे, जिनमें इंडियनऑयल वन ऐप और आधार फेस आरडी ऐप शामिल हैं। ऐप डाउनलोड करने के बाद इंडियनऑयल वन ऐप को खोलें और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर तथा ईमेल पते के साथ साइन अप करें। इसके बाद अपना 16 अंकों का एलपीजी आईडी दर्ज करके उसे लिंक करें, जो आपके गैस कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर आसानी से मिल जाता है। आईडी लिंक होते ही आपकी उपभोक्ता जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी। इसके बाद ऐप की होम स्क्रीन पर जाकर 'माई प्रोफाइल' विकल्प पर टैप करें। माई प्रोफाइल सेक्शन में अपने एलपीजी विवरण की भली-भांति जांच करें और फिर 'री-केवाईसी' बटन पर क्लिक करें। इसके तुरंत बाद स्क्रीन पर कुछ महत्वपूर्ण निर्देश और नियम व शर्तें दिखाई देंगी। उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपनी सहमति दें। अगले चरण में फेस ऑथेंटिकेशन एडवाइजरी पेज पर दिए गए टिक बॉक्स पर क्लिक करें। इसके बाद 'फेस स्कैन' बटन दबाएं और कैमरा चालू होने पर अपना चेहरा स्कैन करवाकर बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा करें। हैलो बीपीसीएल ऐप से भारत गैस कनेक्शन का प्रमाणीकरण भारत गैस के उपभोक्ता भी बिना किसी एजेंसी के चक्कर काटे अपने मोबाइल फोन से डिजिटल माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। भारत गैस ग्राहकों को सबसे पहले अपने फोन में हैलो बीपीसीएल ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप डाउनलोड होने के बाद उसे खोलें और अपना पंजीकरण पूरा करें। सफल पंजीकरण के बाद ऐप के मुख्य होमपेज पर ई-केवाईसी का विकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ई-केवाईसी विकल्प पर टैप करते ही आपको ओटीपी सत्यापन पेज पर भेजा जाएगा। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर छह अंकों का एक वन-टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा, जिसे स्क्रीन पर दिए गए बॉक्स में दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापित होते ही स्क्रीन पर सेवा से जुड़े नियम और शर्तें आएंगी। इन शर्तों को सावधानीपूर्वक पढ़ें, अपनी सहमति प्रदान करें और फिर 'प्रोसीड' विकल्प पर क्लिक करके प्रक्रिया को अंतिम रूप दें। एचपी पे ऐप के जरिए एचपी गैस की ई-केवाईसी का आसान तरीका हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी और अन्य एलपीजी सेवाओं के प्रबंधन के लिए एचपी पे ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में आधार फेस आरडी ऐप का भी उपयोग किया जाता है। सबसे पहले एचपी पे ऐप खोलें, रजिस्टर विकल्प पर टैप करें और अपने एचपी गैस खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करके अपना नंबर सत्यापित करें। इसके बाद भविष्य में ऐप को सुरक्षित और आसानी से खोलने के लिए चार अंकों का एक एमपिन सेट करें। एमपिन दर्ज करके ऐप में लॉग इन करें और आवश्यक लोकेशन अनुमति प्रदान करें। इसके बाद ऐप के भीतर 'माई एचपी' सेक्शन में जाएं और एलपीजी विकल्प पर टैप करें। वहां आपको ई-केवाईसी का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करने से नियम एवं शर्तों का पेज खुलेगा, जिसे पढ़कर अपनी सहमति दर्ज करें। इसके बाद 'कैप्चर फेस' विकल्प पर क्लिक करें, जिससे आधार फेस आरडी ऐप अपने आप खुल जाएगा। कैमरे के सामने चेहरे को स्थिर रखें, स्क्रीन पर दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करें और अपना ई-केवाईसी प्रमाणीकरण सफलता से पूरा करें। इसका आप पर असर बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण न कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। • भारत में प्रभाव: देश भर में 3.16 करोड़ ऐसे घरेलू गैस उपभोक्ताओं के रिफिल रुक गए हैं, जिन्होंने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक पहचान सत्यापित नहीं की है। जब तक उपभोक्ता मोबाइल ऐप या एजेंसी के जरिए अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं करेंगे, तब तक उन्हें न तो सब्सिडी मिलेगी और न ही नया गैस सिलेंडर मिल सकेगा। • कनेक्शन बहाली: सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही गैस रिफिल की सुविधा और सब्सिडी लाभ दोबारा शुरू हो जाएंगे। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन पर आधिकारिक ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करके कुछ ही मिनटों में घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। • सब्सिडी का नुकसान: 1 जुलाई 2026 से ही गैर-सत्यापित खातों के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और लक्षित सब्सिडी लाभ रोके जा चुके हैं। समय पर औपचारिकता पूरी न करने वाले ग्राहकों को आगे भी सरकारी वित्तीय छूट से वंचित रहना पड़ेगा। • समयसीमा की स्थिति: सरकार ने 14 सितंबर तक पांच बार समयसीमा बढ़ाई थी और फिलहाल कोई नई छूट घोषित नहीं की गई है। उपभोक्ताओं को अपनी बुकिंग चालू रखने के लिए जल्द से जल्द उपलब्ध डिजिटल विंडो का उपयोग करना होगा। ऐसा क्यों हुआ सरकार ने रसोई गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। 3.16 करोड़ से अधिक उपभोक्ता सत्यापन के बिना लगातार विनियमित कीमतों पर गैस ले रहे थे, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। • सीधा कारण: 1 जुलाई 2026 से सब्सिडी रोके जाने के बावजूद लाखों गैर-सत्यापित उपभोक्ता विनियमित दरों पर रिफिल ले रहे थे। तेल मंत्रालय ने सरकारी खजाने पर पड़ रहे इस अनावश्यक वित्तीय दबाव को रोकने के लिए आपूर्ति रोकने के आदेश दिए हैं। • फर्जी कनेक्शनों पर लगाम: बायोमेट्रिक आधार सत्यापन का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली से फर्जी और दोहरे कनेक्शनों को पूरी तरह समाप्त करना है। शत-प्रतिशत सत्यापन से केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक ही रियायती रसोई गैस पहुंच सकेगी। • बार-बार बढ़ाई गई मियाद: सरकार ने पिछले दो महीनों में पांच बार समयसीमा बढ़ाकर 16 अगस्त, 23 अगस्त, 31 अगस्त, 7 सितंबर और अंततः 14 सितंबर तय की थी। पर्याप्त अवसर दिए जाने के बाद भी करोड़ों खातों के असत्यापित रहने के कारण सख्त नियम लागू करना जरूरी हो गया। सवाल-जवाब 1. किन उपभोक्ताओं के एलपीजी रिफिल पर रोक लगाई गई है? जिन घरेलू उपभोक्ताओं ने अपनी बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके गैस रिफिल पर तेल कंपनियों ने रोक लगा दी है। 2. देश में कितने उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी बाकी है? पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में कम से कम 3.16 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं किया है। 3. क्या ई-केवाईसी कराने के बाद गैस रिफिल दोबारा शुरू हो जाएगा? हां, ई-केवाईसी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होते ही गैस कनेक्शन दोबारा चालू हो जाएगा और उपभोक्ता रियायती दर पर रिफिल प्राप्त कर सकेंगे। 4. ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख क्या थी? सरकार ने दो महीने में पांच बार तारीख बढ़ाकर अंतिम समयसीमा 14 सितंबर तय की थी, जिसके बाद रिफिल रोकने की कार्रवाई शुरू की गई। 5. इंडेन गैस उपभोक्ता घर बैठे ई-केवाईसी कैसे कर सकते हैं? इंडेन उपभोक्ता इंडियनऑयल वन ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करके अपने 16 अंकों के एलपीजी आईडी के जरिए फेस स्कैन करके सत्यापन कर सकते हैं। 6. भारत गैस के लिए किस मोबाइल ऐप से सत्यापन करना होगा? भारत गैस के ग्राहक हैलो बीपीसीएल ऐप डाउनलोड करके ओटीपी और नियम-शर्तों की सहमति के जरिए अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। 7. एचपी गैस के उपभोक्ता किस ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन कर सकते हैं? एचपी गैस के ग्राहक एचपी पे ऐप और आधार फेस आरडी ऐप की सहायता से फेस कैप्चर विकल्प चुनकर अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। https://trendkia.com/business/lpg-refills-blocked-for-unverified-customers-as-oil-companies-enforce-mandatory-aadhaar-biometric-kyc-33770 TrendKia — Har trend, sabse pehle.