एलपीजी सिलेंडर के लिए आधार बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने की समयसीमा 30 सितंबर को खत्म, जानिए कैसे करें सत्यापन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा अनिवार्य की गई एलपीजी आधार बायोमेट्रिक ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तय है। सत्यापन पूरा न करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी बंद होने और व्यावसायिक दरों पर सिलेंडर खरीदने की नौबत आ सकती है। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए आधार बायोमेट्रिक ई-केवाईसी सत्यापन कराने की समयसीमा बुधवार, 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रही है। इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के ग्राहकों के लिए यह सत्यापन पूरा करना अनिवार्य है। तय समय तक प्रक्रिया पूरी न करने पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) और गैर-पीएमयूवाई दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं की एलपीजी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के तहत 1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है। अनिवार्य ई-केवाईसी का उद्देश्य और समयसीमा का सफर सरकार द्वारा ई-केवाईसी अनिवार्य करने के पीछे मुख्य उद्देश्य केवल वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं तक रियायती एलपीजी सब्सिडी का लाभ पहुंचाना है। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों में होने वाले अवैध उपयोग एवं डायवर्जन को रोकना भी इस कदम की प्रमुख वजह है। मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 की अंतिम तारीख तय करने से पहले उपभोक्ताओं को कई मौके दिए। शुरुआत में ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तय की गई थी। इसके बाद उपभोक्ताओं को पर्याप्त समय देने के लिए समयसीमा बार-बार आगे बढ़ाई गई। 30 सितंबर से पहले यह समयसीमा 14 सितंबर 2026 तय थी। इससे पूर्व भी 7 सितंबर, 31 अगस्त, 23 अगस्त, 15 अगस्त, 7 अगस्त और 31 जुलाई की तारीखें निर्धारित की गई थीं। तेल विपणन कंपनियों का राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान अक्टूबर 2023 से तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने देशभर में बड़े पैमाने पर संपर्क अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत उपभोक्ताओं को 12 करोड़ से अधिक एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेजे गए हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है, उनसे गैस वितरकों और डिलीवरी कर्मियों ने व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया है। इसके अलावा गैस एजेंसियों, अधिक भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं। रिफिल बुकिंग के दौरान आईवीआरएस संदेश, मोबाइल नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से भी जागरूकता फैलाई गई है। सत्यापन न कराने पर क्या होगा असर? यदि उपभोक्ता 30 सितंबर तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें अपने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए व्यावसायिक दरें चुकानी पड़ सकती हैं। साथ ही 1 अक्टूबर 2026 से इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल उन ग्राहकों की एलपीजी सब्सिडी पर रोक लगा सकती हैं जिन्होंने बायोमेट्रिक आधार सत्यापन (बीएए) पूरा नहीं किया है। यह रोक ई-केवाईसी प्रक्रिया संपन्न होने तक जारी रहेगी। नए नियमों के अनुसार, बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद ही सब्सिडी वाले खुदरा बिक्री मूल्य पर दोबारा रिफिल बुकिंग की सुविधा बहाल होगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) से जुड़े जो लाभार्थी ई-केवाईसी कराने से चूक जाएंगे, वे सत्यापन पूरा होने तक किसी भी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग नहीं कर सकेंगे। घरेलू एलपीजी बाजार लागत से काफी कम कीमत पर बेची जाती है। सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर अंतर्निहित सब्सिडी करीब 210 रुपये प्रति सिलेंडर रही है, जबकि जून 2026 में यह राशि 721 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई थी। मेट्रो और प्रमुख शहरों में घरेलू बनाम व्यावसायिक एलपीजी दरें वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये में मिलता है, जबकि 19 किलोग्राम का व्यावसायिक सिलेंडर 2,747.50 रुपये का है। ऐसे में यदि दिल्ली के घरेलू उपभोक्ता की सब्सिडी रुकती है या उन्हें व्यावसायिक दरों का सामना करना पड़ता है, तो अंतर 1,805.50 रुपये (2,747.50 रुपये घटा 942 रुपये) तक पहुंच सकता है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 2,701 रुपये है। कोलकाता में घरेलू दर 968 रुपये और व्यावसायिक दर 2,884 रुपये है। चेन्नई में घरेलू सिलेंडर 957.50 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 2,916.50 रुपये में उपलब्ध है। अन्य शहरों की बात करें तो गुड़गांव में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर 950.50 रुपये और 19 किलोग्राम व्यावसायिक सिलेंडर 2,764.50 रुपये है। नोएडा में घरेलू सिलेंडर 939.50 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 2,747.50 रुपये का है। बेंगलुरु में घरेलू दर 944.50 रुपये और व्यावसायिक दर 2,831.00 रुपये है। भुवनेश्वर में घरेलू सिलेंडर 968.00 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 2,919.00 रुपये है। चंडीगढ़ में घरेलू दर 951.50 रुपये और व्यावसायिक दर 2,769.50 रुपये है। हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर 994.00 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 2,996.00 रुपये है। जयपुर में घरेलू दर 945.50 रुपये और व्यावसायिक दर 2,776.00 रुपये दर्ज है। लखनऊ में घरेलू सिलेंडर 979.50 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 2,870.00 रुपये है। पटना में घरेलू दर 1,031.50 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 3,029.00 रुपये है। तिरुवनंतपुरम में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर 951.00 रुपये और 19 किलोग्राम व्यावसायिक सिलेंडर 2,784.00 रुपये में उपलब्ध है। ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करने के तीन आसान तरीके उपभोक्ता अपने गैस कनेक्शन का आधार बायोमेट्रिक सत्यापन तीन प्रमुख माध्यमों से पूरा कर सकते हैं • सिलेंडर डिलीवरी के दौरान: जब डिलीवरी कर्मी गैस सिलेंडर लेकर घर पहुंचे, तो वह तेल कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कर सकता है। • गैस एजेंसी के शोरूम पर: उपभोक्ता सीधे अपने एलपीजी वितरक के कार्यालय या शोरूम जाकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं। • मोबाइल ऐप से घर बैठे: उपभोक्ता तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल करके खुद अपने घर से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा पीएमयूवाई पोर्टल पर खुद ई-केवाईसी करने से संबंधित वीडियो ट्यूटोरियल भी उपलब्ध हैं। इंडेन गैस के ग्राहक कैसे करें प्रक्रिया? इंडेन गैस के उपभोक्ता इंडियन ऑयल वन ऐप के जरिए सत्यापन कर सकते हैं • अपने स्मार्टफोन में इंडियन ऑयल वन ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करें। • इंडियन ऑयल वन ऐप खोलें और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर तथा ईमेल पते का उपयोग करके साइन अप करें। • अपने कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर दर्ज 16 अंकों की एलपीजी आईडी को लिंक करें, जिसके बाद आपकी उपभोक्ता जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। • होम स्क्रीन पर जाएं और माय प्रोफाइल विकल्प पर टैप करें। • माय प्रोफाइल के तहत एलपीजी विवरण की जांच करें और री-केवाईसी विकल्प चुनें। • निर्देशों व शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़कर अपनी सहमति दें। • फेस ऑथेंटिकेशन एडवाइजरी पेज पर दिए गए बॉक्स को चेक करें, इसके बाद फेस स्कैन पर क्लिक करके आधार बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करें। भारत गैस के ग्राहकों के लिए चरणबद्ध तरीका भारत गैस के उपभोक्ता हैलो बीपीसीएल ऐप का सहारा ले सकते हैं • गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से हैलो बीपीसीएल ऐप डाउनलोड करें। • ऐप खोलकर अपना पंजीकरण पूरा करें। • होमपेज पर दिए गए ई-केवाईसी विकल्प पर टैप करें। • अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आया 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करें। • नियम और शर्तें पढ़कर अपनी सहमति दें। • प्रोसीड पर क्लिक करके ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करें। एचपी गैस के ग्राहकों के लिए सत्यापन प्रक्रिया एचपी गैस के उपभोक्ता एचपी पे ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर सकते हैं • एचपी पे ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करें। • एचपी पे ऐप खोलें, रजिस्टर पर टैप करें और अपने एचपी गैस खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें। • सत्यापन के लिए मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें। • भविष्य में लॉगिन को आसान बनाने के लिए 4 अंकों का एमपिन सेट करें। • अपने एमपिन का उपयोग करके लॉग इन करें और लोकेशन एक्सेस की अनुमति दें। • माय एचपी सेक्शन में जाएं और एलपीजी विकल्प पर टैप करें। • ई-केवाईसी पर टैप करें, जिससे नियम व शर्तों का पेज खुलेगा। • शर्तें पढ़कर सहमति दें और कैप्चर फेस पर क्लिक करें। • आधार फेस आरडी ऐप खुलने पर कैमरे को चेहरा स्कैन करने दें और स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन करते हुए सत्यापन समाप्त करें। इसका आप पर असर आधार बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा न करने पर घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की सब्सिडी रुक सकती है और उन्हें सिलेंडर के लिए व्यावसायिक दरें चुकानी पड़ सकती हैं। • सब्सिडी पर रोक: 1 अक्टूबर 2026 से गैर-सत्यापित खातों में सरकारी सब्सिडी आना बंद हो जाएगी। उपभोक्ताओं को रिफिल सिलेंडर के लिए पूरी राशि खुद वहन करनी होगी जब तक ई-केवाईसी पूरा नहीं होता। • अतिरिक्त खर्च का बोझ: सत्यापन न होने पर घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर पर काफी अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। दिल्ली जैसे शहर में यह अंतर 1,805.50 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच सकता है। • उज्ज्वला लाभार्थियों पर असर: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े ग्राहक सत्यापन के बिना नया सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। बुकिंग बहाल करने के लिए उन्हें पहले आधार फेस या बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। • सत्यापन की मुफ्त सुविधा: उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल से आधिकारिक ऐप डाउनलोड करके बिना किसी शुल्क के घर बैठे सत्यापन कर सकते हैं। इसके अलावा सिलेंडर लेते समय डिलीवरी कर्मी की मदद से भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ पेट्रोलियम मंत्रालय ने रियायती घरेलू रसोई गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और लीकेज रोकने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया है। • सब्सिडी का सही वितरण: सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि करदाताओं के पैसे से दी जाने वाली सब्सिडी केवल वास्तविक और पात्र घरेलू उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे। सितंबर 2026 में प्रति सिलेंडर अंतर्निहित सब्सिडी करीब 210 रुपये रही है, जिसे सही हाथों तक पहुंचाना आवश्यक है। • कमर्शियल डायवर्जन पर रोक: रियायती घरेलू सिलेंडरों को अवैध रूप से होटल, रेस्टोरेंट और औद्योगिक इकाइयों में डायवर्ट किए जाने के मामलों को रोकने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक जांच लागू की गई है। • बार-बार दी गई छूट का समापन: अधिकारियों ने जून 2026 से लेकर सितंबर अंत तक सात से अधिक बार समयसीमा बढ़ाकर उपभोक्ताओं को जागरूक करने का पूरा अवसर दिया। 12 करोड़ से ज्यादा संदेशों और विशेष शिविरों के बाद अब 1 अक्टूबर से इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. एलपीजी सिलेंडर के लिए ई-केवाईसी पूरी करने की अंतिम तारीख क्या है? एलपीजी आधार बायोमेट्रिक ई-केवाईसी सत्यापन कराने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। 2. अगर 30 सितंबर तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो क्या होगा? उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी बंद हो सकती है और उन्हें घरेलू सिलेंडर के लिए व्यावसायिक दरें चुकानी पड़ सकती हैं। 3. क्या उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों के लिए भी यह अनिवार्य है? हां, पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए यह अनिवार्य है और सत्यापन न होने पर वे नया रिफिल सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे। 4. घर बैठे खुद ई-केवाईसी कैसे पूरी की जा सकती है? उपभोक्ता अपनी गैस कंपनी के ऐप (इंडियन ऑयल वन, हैलो बीपीसीएल या एचपी पे) और आधार फेस आरडी ऐप का उपयोग करके घर से ही चेहरा स्कैन करके सत्यापन कर सकते हैं। 5. क्या गैस सिलेंडर डिलीवरी के समय भी बायोमेट्रिक कराया जा सकता है? हां, गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी के मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। https://trendkia.com/business/lpg-silendara-ke-lie-aadhaar-bayometrika-e-kyc-karane-ki-samayasima-30-sitnbara-ko-khatma-janie-kaise-karen-satyapana-40625 TrendKia — Har trend, sabse pehle.