मछली पालन पर सरकार की 70% सब्सिडी, किसानों को मिलेंगे 4.04 लाख रुपये तक का लाभ बिहार के जहानाबाद में सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 'तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना' शुरू की है। इसके जरिए पात्र किसानों को तालाब खुदवाने और जरूरी उपकरणों के लिए 70 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा है। जहानाबाद जिले में मछली पालन के व्यवसाय का विस्तार तेजी से हो रहा है, जहाँ हर नए सीजन में मत्स्य पालकों की तादाद बढ़ती जा रही है। जिले के कई इलाके ऐसे हैं जहाँ मछली पालन लोगों के लिए आय का प्रमुख जरिया बन गया है। भारथू, भगवानगंज और नंदना जैसे गाँवों में दूर-दूर तक केवल मछलियों के तालाब ही नजर आते हैं। किसानों के बढ़ते रुझान को देखते हुए, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के उद्देश्य से कई विशेष योजनाएँ लागू की हैं। तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना की पात्रता और अनुदान पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 'तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना' को धरातल पर उतारा गया है। यह स्कीम खासतौर पर समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए है, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के किसान पात्र माने गए हैं। इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में जिले के कुल 6 लोगों को इस योजना से जोड़ा गया है, जिसमें 3 लाभार्थी अनुसूचित जाति और 3 लाभार्थी अति पिछड़ा वर्ग से चुने गए हैं। मिलने वाली आर्थिक सहायता और उपयोग का विवरण जिला मत्स्य कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 40 डिसमिल जमीन पर नया तालाब तैयार करना होगा। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5.72 लाख रुपये तय की गई है। सरकार इस लागत पर 70 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है, जो कि अधिकतम 4.04 लाख रुपये तक हो सकती है। इस धनराशि का उपयोग तालाब की खुदाई, बोरिंग पंप सेट लगवाने, एरिएटर मशीन खरीदने, मछली पालन के लिए आवश्यक इनपुट और शेड का निर्माण करने जैसे कार्यों में किया जाएगा। आवेदन करने की प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसानों को पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान यदि किसी किसान को कोई तकनीकी दिक्कत या दुविधा होती है, तो वे जिले के मत्स्य कार्यालय में जाकर कार्यालय समय के दौरान संपर्क कर सकते हैं। समय पर आवेदन करना इस सब्सिडी को पाने की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि परंपरागत खेती के साथ-साथ मछली पालन जैसे अतिरिक्त रोजगार अपनाने से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। पिछले कुछ सालों में जहानाबाद जिले में मछली पालन के प्रति बढ़ती दिलचस्पी और सफलता की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इससे कितना बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। इसका आप पर असर भारत में: केंद्र और राज्य सरकारें मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार सब्सिडी दे रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। जहानाबाद में: जिले के पात्र अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के किसान अब 4.04 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता से अपना मछली पालन का तालाब शुरू कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मछली पालन योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है? इस योजना के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के किसान आवेदन करने के पात्र हैं। 2. इस योजना में कितनी सब्सिडी मिल रही है? पात्र लाभार्थियों को तालाब खुदवाने और संबंधित उपकरणों के लिए 70 प्रतिशत तक या अधिकतम 4.04 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। 3. आवेदन कैसे करना होगा? इच्छुक किसान पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 4. योजना के तहत कुल कितने लाभार्थी चुने गए हैं? इस वर्ष जिले में कुल 6 लाभार्थियों को चुना गया है, जिसमें 3 अनुसूचित जाति से और 3 अति पिछड़ा वर्ग से हैं। https://trendkia.com/business/machhali-palana-para-sarakara-ki-70-sabsidi-kisanon-ko-milenge-4-04-lakha-rupaye-taka-ka-labha-6912 TrendKia — Har trend, sabse pehle.