# मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये से ऊपर डिजिटल भुगतान पर रोक की तैयारी

> नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होने के विरोध में मध्य प्रदेश के ईंधन विक्रेताओं ने आगामी 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के डिजिटल लेनदेन बंद करने का निर्णय लिया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/madhya-pradesh-ke-petrola-pnpon-para-2000-rupaye-se-upara-dijitala-bhugatana-para-roka-ki-taiyari-36054 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूपीआई, पेट्रोल पंप, मध्य प्रदेश, एमडीआर, डिजिटल लेनदेन, कैट

ईंधन खुदरा बिक्री से जुड़े कारोबारियों ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर लगने वाले प्रस्तावित नए शुल्कों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मध्य प्रदेश भर में संचालित पेट्रोल और डीजल आउटलेट संचालकों ने एलान किया है कि वे आगामी 16 अक्टूबर की तारीख से 2,000 रुपये से ऊपर के किसी भी यूपीआई लेनदेन को स्वीकार नहीं करेंगे। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक मूल्य के व्यापारिक लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाया जाना तय किया गया है। यद्यपि नियमों के अनुसार यह भार सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर नहीं डाला जाएगा बल्कि व्यापारियों द्वारा वहन किया जाएगा, फिर भी ईंधन श्रेणी में 2,000 रुपये से अधिक की ईंधन व सीएनजी बिक्री पर 5 रुपये का तय शुल्क लागू करने की बात सामने आई है। इस वित्तीय बोझ के विरोध में देश के कई क्षेत्रों में असंतोष उभर रहा है।

## मुनाफे में सेंध और मासिक वित्तीय नुकसान की दलील
मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि हुकूमत ने इस शुल्क व्यवस्था को वापस नहीं लिया, तो उनके संगठन के सदस्य तय तारीख से बड़ा डिजिटल भुगतान लेना रोक देंगे। उन्होंने व्यवसाय पर पड़ने वाले वित्तीय असर का विवरण देते हुए कहा, "नई व्यवस्था के तहत एक पेट्रोल पंप को हर महीने करीब 17,700 रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।" सिंह ने आगे समझाया कि पूरे राज्य के भीतर कुल 4,700 आउटलेट कार्यरत हैं। उन्होंने जोर दिया कि ईंधन खुदरा व्यापार का कमीशन दायरा पहले से ही बेहद सीमित है, जिसके चलते विक्रेता इस तरह के अतिरिक्त खर्चे को अपनी जेब से उठाने की स्थिति में नहीं हैं।

## व्यापारी महासंघ ने जताई चिंता
खुदरा कारोबारियों की प्रमुख संस्था कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने इस कदम को डिजिटल लेन-देन के व्यापक विस्तार के लिए गंभीर चुनौती करार दिया है। संस्था की भोपाल इकाई के प्रमुख एवं राज्य के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने शुक्रवार को रेखांकित किया कि डीलरों के इस फैसले से सूबे के लगभग 4,700 बिक्री केंद्र सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। उन्होंने मामले को डिजिटल कॉमर्स पर थोपे जा रहे प्रस्तावित एमडीआर से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

## डिजिटल अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों पर असर की आशंका
धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि वर्षों से यूपीआई तकनीक को बिना नकदी वाली अर्थव्यवस्था, पारदर्शी व्यापार मॉडल और डिजिटल इंडिया की रीढ़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद अब प्रस्तावित एमडीआर ढांचे ने खुदरा क्षेत्र के मन में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने शुल्क के गणित को स्पष्ट करते हुए रेखांकित किया कि आम व्यापारिक लेनदेन में 10,000 रुपये के भुगतान पर 40 रुपये की चपत लगेगी। वहीं ईंधन भरवाने के संबंध में 2,000 रुपये से अधिक के हर भुगतान पर 5 रुपये का तय एमडीआर प्रभावी होना प्रस्तावित है, जिससे आउटलेट संचालकों की कार्यशील पूंजी पर लगातार दबाव बढ़ेगा।

## इसका आप पर असर
इस फैसले का सीधा असर मध्य प्रदेश में वाहन चालकों की भुगतान आदतों और पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा।

- **मध्य प्रदेश में:** यदि आप राज्य में 2,000 रुपये से अधिक का पेट्रोल या डीजल खरीदते हैं, तो 16 अक्टूबर से यूपीआई काम नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में आपको नकदी रखनी होगी या 2,000 रुपये से कम के हिस्सों में भुगतान करना पड़ सकता है।
- **भारत में:** देश भर के व्यापारी 0.4 प्रतिशत एमडीआर के विरोध में लामबंद हो रहे हैं। यदि यह असंतोष अन्य राज्यों में फैला, तो देशव्यापी स्तर पर बड़े डिजिटल भुगतानों पर रोक लग सकती है।
- **लेनदेन लागत:** 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ऊपर के सामान्य व्यापारिक लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत और ईंधन पर 5 रुपये का शुल्क कारोबारियों पर लगेगा। यद्यपि ग्राहकों से यह शुल्क सीधे नहीं लिया जाना है, लेकिन व्यापारी इसे स्वीकार करने से बच सकते हैं।
- **दुकानदारों का रुख:** 10,000 रुपये की बिक्री पर दुकानदारों को 40 रुपये की कटौती झेलनी पड़ेगी। इससे छोटे और कम मार्जिन वाले विक्रेता बड़े डिजिटल भुगतानों के बजाय नकद लेन-देन को प्राथमिकता दे सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
पेट्रोल पंप डीलरों का यह कदम 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किए जाने के विरोध में उठाया गया है।

- **एमडीआर शुल्क का प्रस्ताव:** सरकार द्वारा 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ऊपर के व्यापारिक लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत और ईंधन पर 5 रुपये तय शुल्क लगाने की घोषणा की गई है। इस नई लागत का भुगतान सीधे कारोबारियों को करना अनिवार्य किया गया है।
- **मुनाफे में भारी कमी:** डीलरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर उनका कमीशन पहले से सीमित है और नई व्यवस्था से प्रति पंप हर महीने लगभग 17,700 रुपये का घाटा होगा। 4,700 पंपों के मालिक इस अतिरिक्त वित्तीय भार को उठाने में असमर्थता जता रहे हैं।
- **व्यापारिक संगठनों का विरोध:** खुदरा व्यापार संगठन कैट ने इसे कैशलेस अर्थव्यवस्था के विस्तार के विपरीत बताया है। डीलरों ने मांग पूरी न होने तक 16 अक्टूबर से उच्च मूल्य के डिजिटल लेनदेन का बहिष्कार करने का फैसला किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये से ज्यादा का यूपीआई भुगतान कब से बंद होगा?
पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार यदि एमडीआर वापस नहीं लिया गया तो 16 अक्टूबर से यह रोक प्रभावी होगी।

### 2. यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित नया एमडीआर शुल्क क्या है?
15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारिक लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत और ईंधन खरीद पर 5 रुपये का फिक्स शुल्क प्रस्तावित है।

### 3. क्या इस नए शुल्क का भुगतान आम उपभोक्ताओं को अपनी जेब से करना होगा?
नहीं, नियमों के अनुसार यह शुल्क ग्राहकों को नहीं देना है बल्कि कारोबारियों को वहन करना होगा।

### 4. डीलरों के अनुसार एक पेट्रोल पंप को इस व्यवस्था से कितना नुकसान होगा?
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार प्रत्येक पेट्रोल पंप को प्रतिमाह करीब 17,700 रुपये का वित्तीय नुकसान होगा।

### 5. मध्य प्रदेश में कुल कितने पेट्रोल पंप इस फैसले से प्रभावित होंगे?
इस फैसले से मध्य प्रदेश के लगभग 4,700 पेट्रोल पंप प्रभावित होंगे।

### 6. 10,000 रुपये के व्यापारिक यूपीआई लेन-देन पर कितना अतिरिक्त खर्च आएगा?
0.4 प्रतिशत एमडीआर की दर से 10,000 रुपये के भुगतान पर 40 रुपये का अतिरिक्त खर्च कारोबारियों पर पड़ेगा।

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