# मध्य प्रदेश के शिवपुरी में कम बारिश के बावजूद शिमला मिर्च की खेती से किसानों को होगा बंपर फायदा, एक्सपर्ट के खास टिप्स

> शिवपुरी में इस बार बारिश कम रही, लेकिन उद्यानिकी विभाग के उप संचालक निर्मल कुमार गोयल का कहना है कि सही वैरायटी, नई नर्सरी तकनीक और ड्रिप इरिगेशन अपनाकर किसान शिमला मिर्च से बंपर कमाई कर सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/madhya-pradesh-ke-shivpuri-men-kama-barisha-ke-bavajuda-shimala-mircha-ki-kheti-se-kisanon-ko-hoga-bnpara-phayada-eksaparta-ke-kha-8341 · **Language:** Hindi
**Tags:** शिमला मिर्च, शिवपुरी, कृषि, ड्रिप इरिगेशन, मध्य प्रदेश, नर्सरी, कैप्सिकम खेती, उद्यानिकी विभाग

मध्य प्रदेश के शिवपुरी अंचल में इस साल बारिश की कमी जरूर रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसानों की शिमला मिर्च से होने वाली कमाई पर इसका बुरा असर पड़ेगा। उद्यानिकी विभाग के उप संचालक निर्मल कुमार गोयल ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सही तकनीक और सही समय पर रोपाई अपनाकर वे इस सीजन में भी रिकॉर्ड पैदावार ले सकते हैं।

## शिवपुरी की जलवायु के लिए मुफीद हैं ये 4 वैरायटियां
गोयल के मुताबिक, शिवपुरी अंचल की मिट्टी और मौसम को देखते हुए किसान मुख्य रूप से चार खास वैरायटियों की शिमला मिर्च उगाते हैं, जो यहां सबसे ज्यादा कामयाब मानी जाती हैं। पिछले सीजनों की तरह इस बार भी इन्हीं वैरायटियों की बदौलत किसानों को अच्छी कमाई होने की उम्मीद जताई जा रही है।

## पारंपरिक तरीका छोड़ अब नई तकनीक अपना रहे किसान
नर्सरी तैयार करने के मामले में शिवपुरी के किसान अब पुराने तरीकों से आगे निकल चुके हैं। ज्यादातर किसान अब शेड नेट के नीचे नर्सरी लगा रहे हैं, या फिर प्रोट्रे में कोकोपीट भरकर एक-एक बीज अलग से बो रहे हैं। इस तरीके से पौधे मजबूत और बीमारियों से दूर रहते हैं, जिसका सीधा फायदा आगे चलकर पैदावार में दिखता है।

## अगले दो से चार दिन में शुरू होगी रोपाई
एक्सपर्ट ने बताया कि शिवपुरी अंचल में इस समय पौध रोपाई का बिल्कुल सही मौसम चल रहा है। अधिकतर किसानों ने अपनी नर्सरी तैयार कर ली है और अब वे अगले दो से चार दिनों के भीतर खेतों में पौधे लगाना शुरू करने वाले हैं।

## कम बारिश की भरपाई करेगी ड्रिप इरिगेशन
चूंकि शिवपुरी में इस बार बारिश सामान्य से काफी कम रही है, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेत की नमी पर खास नजर रखें। ड्रिप इरिगेशन यानी टपक सिंचाई जैसी तकनीक अपनाने से कम पानी में भी पौधों को पर्याप्त नमी मिल जाती है, जिससे उनकी बढ़वार और सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता। यही वजह है कि विभाग किसानों को इस तकनीक को प्राथमिकता देने की सलाह दे रहा है।

कृषि विभाग का कहना है कि अगर किसान समय पर रोपाई, सही वैरायटी के चुनाव और सिंचाई प्रबंधन का ध्यान रखें, तो कम बारिश जैसी चुनौती के बावजूद शिमला मिर्च की खेती इस बार भी मुनाफे का बड़ा जरिया बन सकती है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** सही तकनीक और सिंचाई प्रबंधन अपनाकर कम बारिश वाले सीजन में भी सब्जी उत्पादन बचाया जा सकता है, जिससे बाजार में शिमला मिर्च की उपलब्धता और कीमतें स्थिर रहने में मदद मिलती है।
- **शिवपुरी में:** स्थानीय किसानों को सही वैरायटी, आधुनिक नर्सरी तकनीक और ड्रिप इरिगेशन अपनाने से कम बारिश के बावजूद बेहतर पैदावार और कमाई का मौका मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. शिवपुरी में शिमला मिर्च की कितनी वैरायटियां प्रमुख हैं?
एक्सपर्ट के मुताबिक शिवपुरी अंचल में मुख्य रूप से चार वैरायटियां सबसे ज्यादा उगाई जाती हैं, जो अच्छी पैदावार देती हैं।

### 2. नर्सरी तैयार करने का सही तरीका क्या बताया गया है?
किसान अब शेड नेट में या प्रोट्रे में कोकोपीट भरकर एक-एक बीज बोकर नर्सरी तैयार कर रहे हैं, जिससे पौधे स्वस्थ और रोगमुक्त बनते हैं।

### 3. खेतों में पौध रोपाई कब शुरू होगी?
अधिकतर किसानों की नर्सरी तैयार हो चुकी है और अगले दो से चार दिनों के भीतर रोपाई शुरू होने की उम्मीद है।

### 4. कम बारिश की भरपाई कैसे की जा सकती है?
एक्सपर्ट ने किसानों को ड्रिप इरिगेशन यानी टपक सिंचाई तकनीक अपनाने की सलाह दी है ताकि कम पानी में भी खेत की नमी बनी रहे।

### 5. यह सलाह किसने दी है?
यह जानकारी उद्यानिकी विभाग के उप संचालक निर्मल कुमार गोयल ने साझा की है।

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