# मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, अब मनमानी बिलिंग पर लगेगी लगाम

> मध्य प्रदेश में वर्ष 2026-27 के लिए नए बिजली टैरिफ को मंजूरी दी गई है, जिसमें प्रो-राटा बिलिंग अनिवार्य कर उपभोक्ताओं को अनुचित वित्तीय बोझ से बचाया गया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/madhya-pradesh-men-bijali-upabhoktaon-ke-lie-bari-rahata-aba-manamani-bilinga-para-lagegi-lagama-5936 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिजली टैरिफ, मध्य प्रदेश, प्रो-राटा बिलिंग, बिजली विभाग, उपभोक्ता अधिकार

मध्य प्रदेश में बिजली का उपयोग करने वाले लाखों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाला बदलाव सामने आया है। राज्य सरकार और विद्युत नियामक आयोग ने संयुक्त रूप से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई रिटेल सप्लाई टैरिफ व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस नए आदेश की सबसे बड़ी विशेषता प्रो-राटा (Pro-rata) बिलिंग व्यवस्था को अनिवार्य बनाना है। इससे बिजली वितरण कंपनियों द्वारा की जाने वाली मनमानी पर पूर्ण विराम लग जाएगा और मीटर रीडिंग में अनावश्यक देरी के कारण उपभोक्ताओं को होने वाला अतिरिक्त आर्थिक नुकसान अब बंद हो जाएगा।

## प्रो-राटा बिलिंग से उपभोक्ताओं को लाभ
विगत समय में यह एक सामान्य समस्या थी कि बिजली कंपनियां निर्धारित 30 दिनों के बजाय 35 या 40 दिनों के अंतराल पर मीटर रीडिंग करती थीं। इस देरी के कारण उपभोक्ताओं की कुल खपत यूनिट्स बढ़ जाती थीं, जिससे वे अनजाने में ही अधिक टैरिफ वाले महंगे स्लैब के दायरे में आ जाते थे। अब नए नियमों के तहत स्लैब को दिनों के अनुपात में व्यवस्थित किया जाएगा। यदि मीटर रीडिंग में 30 दिनों से अधिक का समय लगता है, तो स्लैब की सीमा को उसी अनुपात में बढ़ा दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि मीटर रीडिंग में 6 दिनों की देरी होती है, तो स्लैब का लाभ 36 दिनों के आधार पर गणना करके दिया जाएगा। इससे किसी भी उपभोक्ता को अतिरिक्त यूनिट्स के कारण महंगे बिल का सामना नहीं करना पड़ेगा।

## छोटे उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत
सरकार ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी विशेष रियायतें दी हैं। LV-1.1 श्रेणी के अंतर्गत आने वाले वे उपभोक्ता जिनका स्वीकृत लोड मात्र 100 वाट है और जिनकी मासिक खपत 30 यूनिट से कम है, उनके लिए अब फिक्स्ड चार्ज को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब किसी भी प्रकार के फिक्स्ड चार्ज का भुगतान नहीं करना होगा।

## अस्थाई बिजली कनेक्शन के लिए नए नियम
नया टैरिफ आदेश अस्थाई बिजली कनेक्शनों की दरों को भी स्पष्ट करता है:

- सामान्य अस्थाई बिजली कनेक्शन लेने पर अब उपभोक्ताओं को घरेलू दर की तुलना में 1.25 गुना ऊर्जा शुल्क (Energy Charge) का भुगतान करना होगा।
- शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों या धार्मिक आयोजनों के लिए लिए जाने वाले अस्थाई कनेक्शन हेतु ऊर्जा शुल्क 8.94 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। इन आयोजनों के लिए फिक्स्ड चार्ज का भुगतान भी अलग से देय होगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह नियम देश भर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक मॉडल बन सकता है, जिससे बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी।

**मध्य प्रदेश में:** राज्य के निवासियों को अब देरी से मीटर रीडिंग होने पर भी महंगे स्लैब का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा, जिससे मासिक बिल में बचत होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रो-राटा बिलिंग का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि मीटर रीडिंग में होने वाली देरी के अनुसार बिलिंग स्लैब को बढ़ा दिया जाएगा, ताकि उपभोक्ता महंगे स्लैब में न आएं।

### 2. LV-1.1 कैटेगरी के किन लोगों का फिक्स्ड चार्ज माफ हुआ है?
जिनका स्वीकृत लोड 100 वाट तक है और मासिक खपत 30 यूनिट से कम है, उन उपभोक्ताओं का फिक्स्ड चार्ज माफ कर दिया गया है।

### 3. शादी या धार्मिक आयोजनों के लिए बिजली की दर क्या है?
इन आयोजनों के लिए अस्थाई कनेक्शन पर 8.94 रुपये प्रति यूनिट ऊर्जा शुल्क देना होगा।

### 4. सामान्य अस्थाई बिजली कनेक्शन पर शुल्क कितना है?
सामान्य अस्थाई कनेक्शन पर अब घरेलू दर का 1.25 गुना ऊर्जा शुल्क देना होगा।

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