महाराष्ट्र में अडाणी समूह की विशाल योजना, 6 लाख करोड़ के कुल निवेश में से 2.6 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं सक्रिय अडाणी समूह ने महाराष्ट्र में ऊर्जा, उड्डयन, शहरी पुनर्निर्माण और डेटा केंद्रों में छह लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने का संकल्प लिया है, जिसमें से 2.6 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या निर्माण के चरण में हैं। महाराष्ट्र के औद्योगिक और ढांचागत परिदृश्य को गति देने के लिए अडाणी समूह ने राज्य के भीतर छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के व्यापक पूंजी निवेश की रूपरेखा प्रस्तुत की है। इस विशाल योजना में से 2.6 लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य या तो धरातल पर सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं अथवा वर्तमान में तीव्र गति से जारी हैं। अडाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अडाणी ने राज्य की निवेश संवर्धन शाखा 'इन्वेस्ट महाराष्ट्र' के शुभारंभ के अवसर पर इस विस्तृत योजना का ब्योरा साझा किया। यह समूचा निवेश प्रारूप दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सम्मेलनों में व्यक्त की गई प्रतिबद्धताओं तथा राज्य प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय पर आधारित है। प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में पूंजी निवेश का खाका अडाणी समूह का यह निवेश राज्य के कई रणनीतिक क्षेत्रों में केंद्रित है। इसमें स्वच्छ व पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन, नागरिक उड्डयन और एरो-डिस्ट्रिक्ट्स का विकास, बड़े पैमाने पर शहरी पुनर्निर्माण, आधुनिक डेटा सेंटर और अत्याधुनिक कोल गैसीफिकेशन परियोजनाएं शामिल हैं। प्रणव अडाणी ने बताया कि विश्व आर्थिक मंच और राज्य सरकार के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत तय की गई प्राथमिकताओं के अनुसार बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। समूह का मुख्य उद्देश्य न केवल आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाना है, बल्कि महाराष्ट्र में दीर्घकालिक रोजगार और औद्योगिक विकास की नींव को भी मजबूत करना है। राज्य के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के सफर में सहभागिता यह विशाल निवेश ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर किया जा रहा है जब महाराष्ट्र वर्ष 2030 तक 1000 अरब डॉलर यानी एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर अग्रसर है। प्रणव अडाणी के अनुसार, इस आर्थिक लक्ष्य को वास्तविकता में बदलने में मुंबई महानगर क्षेत्र की भूमिका सबसे केंद्रीय और निर्णायक रहने वाली है। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य के साथ समूह की साझेदारी कई दशकों पुरानी है, लेकिन हालिया प्रतिबद्धताओं का पैमाना, व्यापकता और दृढ़ संकल्प एक नए ऐतिहासिक स्तर को छूते हैं। बुनियादी ढांचे पर यह भारी खर्च राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को नई गति देने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मददगार साबित होगा। हवाई अड्डों और शहरी विद्युत वितरण में मजबूत उपस्थिति राज्य के परिवहन और ऊर्जा ढांचे में अडाणी समूह की भूमिका पहले से ही काफी व्यापक है। समूह मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन संभाल रहा है और इसके साथ ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विशाल प्रोजेक्ट का निर्माण कर रहा है। भविष्य में नवी मुंबई हवाई अड्डे की क्षमता प्रति वर्ष नौ करोड़ से अधिक यात्रियों के आवागमन को सुगमता से संभालने की होगी, जिससे पश्चिमी भारत के विमानन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र के संदर्भ में, समूह की कंपनी अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड के माध्यम से महानगर के 30 लाख से अधिक घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्बाध बिजली की आपूर्ति की जा रही है। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इस कुल विद्युत वितरण का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सीधे तौर पर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त किया जा रहा है, जिससे मुंबई के शहरी तंत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने में सीधी सहायता मिल रही है। इसका आप पर असर अडाणी समूह के इस विशाल निवेश से महाराष्ट्र के शहरी बुनियादी ढांचे, ऊर्जा आपूर्ति और हवाई यात्रा सुविधाओं में बड़े व्यावहारिक बदलाव देखने को मिलेंगे। • भारत में: नवी मुंबई हवाई अड्डे और बड़े डेटा केंद्रों के तैयार होने से देश भर के यात्रियों और वैश्विक व्यवसायों के लिए कनेक्टिविटी काफी तेज और सुगम हो जाएगी। आधुनिक लॉजिस्टिक्स और बड़े औद्योगिक निवेश से राष्ट्रीय आर्थिक संवृद्धि दर को भी सीधा सहारा मिलेगा। • महाराष्ट्र में: छह लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के विस्तार से राज्य के भीतर इंजीनियरिंग, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वर्ष 2030 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 1000 अरब डॉलर के स्तर तक ले जाने के आधिकारिक लक्ष्य को इससे बड़ा संबल मिलेगा। • मुंबई के बिजली उपभोक्ताओं के लिए: अडाणी इलेक्ट्रिसिटी द्वारा 60 प्रतिशत से अधिक हरित ऊर्जा का वितरण किए जाने से शहर के 30 लाख से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों को स्थिर व पर्यावरण-अनुकूल बिजली मिल रही है। स्वच्छ ऊर्जा का बढ़ता अनुपात महानगर में दीर्घकालिक बिजली सुरक्षा सुनिश्चित करता है। • विमान यात्रियों के लिए: नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पूरी तरह तैयार होने के बाद सालाना नौ करोड़ से अधिक यात्रियों के संचालन की अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे मुंबई के मौजूदा हवाई अड्डे पर उड़ानों का दबाव घटेगा और हवाई यात्रा करने वालों को समय की बचत व बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। ऐसा क्यों हुआ अडाणी समूह ने महाराष्ट्र में अपनी निवेश प्रतिबद्धताओं को वैश्विक आर्थिक मंचों और राज्य के दीर्घकालिक औद्योगिक लक्ष्यों के आधार पर गति दी है। • वैश्विक मंच पर तय हुआ प्रारूप: समूह का निवेश ब्लूप्रिंट स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान राज्य सरकार के साथ किए गए समझौतों और रणनीतिक वार्ताओं के परिणामस्वरूप तैयार किया गया था। इस साझेदारी ने पूंजी लगाने के प्रमुख क्षेत्रों को संस्थागत रूप से निर्धारित किया। • एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को 1000 अरब डॉलर तक पहुंचाने का स्पष्ट रोडमैप बनाया है, जिसमें मुंबई महानगर क्षेत्र सबसे अहम धुरी है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निजी क्षेत्र के भारी पूंजी निवेश और बुनियादी ढांचे के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता थी। • विमानन और ऊर्जा तंत्र की मांग: मुंबई में मौजूदा हवाई अड्डे पर लगातार बढ़ते यात्री दबाव और महानगर में पर्यावरण-अनुकूल बिजली की बढ़ती खपत ने नवी मुंबई एयरपोर्ट के निर्माण और हरित ऊर्जा वितरण को प्राथमिकता दी। सवाल-जवाब 1. महाराष्ट्र में अडाणी समूह कुल कितना निवेश करने जा रहा है? अडाणी समूह ने महाराष्ट्र में ऊर्जा, उड्डयन, डेटा सेंटर और शहरी पुनर्निर्माण समेत विभिन्न क्षेत्रों में कुल छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। 2. वर्तमान में कितने रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है या वे पूरी हो चुकी हैं? प्रणव अडाणी के अनुसार, कुल प्रतिबद्धता में से 2.6 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं या वर्तमान में प्रगति पर हैं। 3. नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की यात्री क्षमता कितनी होगी? नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पूरी तरह विकसित होने के बाद यह सालाना नौ करोड़ से अधिक यात्रियों के आवागमन को संभालने में सक्षम होगा। 4. अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई में कितने घरों को बिजली देती है और इसमें हरित ऊर्जा का कितना हिस्सा है? अडाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई में 30 लाख से अधिक घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बिजली प्रदान करती है, जिसकी कुल आपूर्ति में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आता है। 5. महाराष्ट्र ने किस वर्ष तक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने का लक्ष्य रखा है? महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2030 तक 1000 अरब डॉलर यानी एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है। https://trendkia.com/business/maharashtra-men-adani-group-ki-vishala-yojana-6-lakha-karora-ke-kula-nivesha-men-se-2-6-lakha-karora-rupaye-ki-pariyojanaen-sakriy-41917 TrendKia — Har trend, sabse pehle.