# मऊ में कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर बड़ी राहत, महिलाओं और पूर्व सैनिकों को स्टांप शुल्क में विशेष छूट

> मऊ जिले में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त करने वाले किसानों, महिलाओं, दिव्यांगों और पूर्व सैनिकों के लिए स्टांप शुल्क में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/mau-me-krshi-bhumi-ki-registry-par-badi-rahat-mahilaon-aur-purva-sainiko-ko-stamp-shulk-me-vishesh-chhoot-51188 · **Language:** Hindi
**Tags:** मऊ, स्टांप छूट, कृषि भूमि, उत्तर प्रदेश, रजिस्ट्री

मऊ जिले में कृषि भूमि का क्रय या विक्रय करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विभाग द्वारा महिलाओं, दिव्यांगजनों और पूर्व सैनिकों को स्टांप शुल्क में विशेष छूट का लाभ दिया जा रहा है, जिससे किसानों और संपत्ति खरीदारों को कम खर्च में रजिस्ट्री कराने का अवसर मिल रहा है। इस योजना के तहत लोग काफी कम लागत में अपनी खेती से जुड़ी जमीनों का लेनदेन आसानी से पूरा कर सकते हैं। शासन और प्रशासन के इन प्रयासों से जमीन की खरीद-फरोख्त प्रक्रिया को आम जनता के लिए अधिक सुगम और किफायती बनाया जा रहा है ताकि किसानों और जरूरतमंदों पर आर्थिक बोझ कम से कम पड़े।

## महिलाओं के लिए स्टांप छूट की सीमा बढ़कर हुई एक करोड़ रुपये
इस पूरी योजना के तहत सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं के लिए किया गया है। आजमगढ़ के डीआईजी स्टांप सुरेश कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं के पक्ष में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान मिलने वाली स्टांप शुल्क छूट की सीमा को पहले के मुकाबले काफी बढ़ा दिया गया है। इस सीमा को अब 10 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधा 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अंतर्गत अब महिलाओं को एक प्रतिशत की विशेष छूट का लाभ मिलेगा। इस बड़े दायरे के बढ़ने से महिलाएं अब बड़े पैमाने पर या अधिक मूल्य की कृषि भूमि की खरीद या बिक्री में इस राहत का लाभ उठा सकती हैं।

## पूर्व सैनिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रावधान
केवल महिलाओं तक ही यह योजना सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों का भी इसमें विशेष ध्यान रखा गया है। नियमों के अनुसार अब सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए भी स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान शुरू कर दिया गया है, हालांकि भूतपूर्व सैनिकों को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही मिल सकेगा। इसके अलावा, यदि कोई दिव्यांगजन विशेष श्रेणी में आते हैं तो उन्हें 20 लाख रुपये तक के स्टांप पर विशेष छूट प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, यदि परिवार के भीतर दान पत्र के जरिए पारिवारिक भूमि दान की जाती है तो वह मात्र 5,000 रुपये के खर्च में ही संपादित हो रही है। इस तरह कुल मिलाकर तीन प्रमुख योजनाओं के माध्यम से किसानों और आम नागरिकों को स्टांप खरीद में एक प्रतिशत की सीधी छूट का फायदा मिल रहा है।

## महंगे खर्च से मिलेगी मुक्ति और ऐसे करें आवेदन
अब तक ज्यादा स्टांप चार्ज होने की वजह से आम किसानों और खरीदारों को अपनी खेती की जमीन की खरीद-विक्री करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सरकार की तरफ से इन विभिन्न श्रेणियों में छूट मिल जाने के बाद किसानों को सीधा और विशेष लाभ मिल रहा है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी खेती का सौदा कर पा रहे हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी अन्य स्थान पर भटकने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। किसानों और लाभर्थियों को सीधे अपने नजदीकी रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर वहां के रजिस्ट्रार से संपर्क करना होगा। रजिस्ट्रार ऑफिस में आपके दस्तावेजों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा और फिर पात्रता के अनुसार इस विशेष योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

## इसका आप पर असर
यह पहल जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले स्थानीय नागरिकों और किसानों के लिए रजिस्ट्री लागत को काफी कम करती है।

- **उत्तर प्रदेश में:** इस योजना के दायरे में आने वाले लोग अपनी संपत्ति के लेन-देन पर कम खर्च का लाभ उठा सकते हैं। यह पूरे राज्य के अन्य जिलों में लागू प्रशासनिक नियमों के अनुरूप है।
- **मऊ में:** जिले के किसान, महिलाएं, पूर्व सैनिक और दिव्यांगजन अब बिना भारी आर्थिक दबाव के अपनी कृषि भूमि की रजिस्ट्री करा सकेंगे। लाभार्थियों को इसके लिए सीधे स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय से संपर्क करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
पारंपरिक रूप से संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले भारी शुल्कों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और आम लोगों को भूमि लेनदेन में भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों को राहत देने के उद्देश्य से इन विशेष नियमों और सीमाओं का विस्तार किया है।

- **बढ़ी हुई सीमा:** महिलाओं के लिए संपत्ति रजिस्ट्री की छूट का दायरा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया गया है ताकि वे बड़े लेनदेन में भी लाभ पा सकें।
- **विशिष्ट श्रेणियां:** पूर्व सैनिकों और विशेष दिव्यांगजनों को सामाजिक कल्याण और सम्मान के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए यह नियम जोड़े गए हैं।
- **पारिवारिक दान:** पारिवारिक सौहार्द और भूमि हस्तांतरण को आसान बनाने के लिए दान पत्रों की फीस को घटाकर न्यूनतम स्तर पर लाया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. मऊ में महिलाओं के लिए स्टांप शुल्क छूट की नई सीमा क्या है?
महिलाओं के लिए संपत्ति रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क छूट की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

### 2. महिलाओं को स्टांप खरीद पर कितनी छूट मिलेगी?
पात्र महिलाओं को स्टांप खरीद पर एक प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी।

### 3. क्या भूतपूर्व सैनिकों को इस योजना का लाभ बार-बार मिल सकता है?
नहीं, भूतपूर्व सैनिकों को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही मिल सकता है।

### 4. दिव्यांगजनों के लिए स्टांप छूट का प्रावधान कितना है?
विशेष दिव्यांगजनों को 20 लाख रुपये तक के स्टांप पर छूट का लाभ मिलेगा।

### 5. पारिवारिक भूमि दान पत्र का संपादन कितने रुपये में हो रहा है?
यदि दान पत्र में पारिवारिक भूमि दान की जाती है तो वह 5,000 रुपये में संपादित हो रही है।

### 6. इस योजना का लाभ लेने के लिए कहां संपर्क करना होगा?
योजना का लाभ लेने के लिए सीधे रजिस्ट्रार ऑफिस में संपर्क करना होगा।

### 7. मऊ में स्टांप शुल्क छूट योजना की जानकारी किसने दी?
इस योजना की जानकारी डीआईजी स्टांप आजमगढ़ सुरेश कुमार त्रिपाठी ने दी है।

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