# मॉरीशस को पेट्रोल और डीजल बेचेगा भारत, इंडियन ऑयल के साथ हुआ बड़ा समझौता

> भारत और मॉरीशस के बीच पांच साल का ईंधन समझौता हुआ है, जिसके तहत इंडियन ऑयल वहां पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की पूरी सप्लाई करेगा।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/mauritius-ko-petrol-aur-diesel-bechega-bharat-indian-oil-ke-sath-hua-bada-samjhauta-20330 · **Language:** Hindi
**Tags:** इंडियन ऑयल, मॉरीशस, कच्चा तेल, हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम निर्यात

भारत दुनिया भर के लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, लेकिन इस क्रूड ऑयल को रिफाइन करके पेट्रोल और डीजल के रूप में कई दर्जन देशों को वापस निर्यात भी करता है। नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से लेकर दूरदराज के यूरोपीय राष्ट्रों तक, भारतीय रिफाइनरियां हर साल लाखों बैरल पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करती हैं। इस वैश्विक फेरिस्त में अब मॉरीशस का नाम भी जुड़ गया है, जिसे अब भारतीय कंपनी की मदद से ईंधन मिलेगा।

भारत और मॉरीशस के बीच ईंधन आपूर्ति को लेकर कुल 5 साल का एग्रीमेंट तय हुआ है। इस समझौते के मुताबिक, देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल अगले पांच साल तक मॉरीशस की संपूर्ण ईंधन जरूरत को पूरा करेगी। इस डील को हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के रणनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मॉरीशस यात्रा के दौरान इस करार को अंतिम रूप दिया गया। इस डील में एनर्जी सिक्योरिटी, ऑयल और गैस सप्लाई के साथ-साथ ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे अहम बिंदु भी शामिल हैं।

## वैश्विक बाजार में मजबूत होती भारत की स्थिति
इस लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट के तहत, इंडियन ऑयल ने मॉरीशस को हर हाल में ईंधन की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करने का वादा किया है। कंपनी का कहना है कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव का इस आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया में किसी भी सरकारी कंपनी द्वारा किया गया यह अपने तरह का पहला बड़ा करार है। इसके जरिए भारतीय कंपनी सीधे तौर पर मॉरीशस की कुल पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन यानी एटीएफ की मांग को पूरा करेगी।

भारत दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। देश की कुल 23 रिफाइनरियां मिलकर सालाना लगभग 26.70 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पाद तैयार करती हैं। यही मुख्य वजह है कि अपनी 85 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करने के बावजूद, भारत तैयार ईंधन के निर्यात में लगातार प्रगति कर रहा है। वर्तमान में नेपाल, भूटान समेत कई देशों को भारतीय रिफाइंड ऑयल भेजा जाता है। सरकार का यह भी दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में संकट के समय भी नेपाल और भूटान की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आने दी गई, और अब इसी तर्ज पर मॉरीशस के साथ साझेदारी की गई है.

## मरीन बंकर निर्माण की नई योजना
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मॉरीशस के साथ मिलकर तटीय इलाकों में मरीन बंकर तैयार करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। दोनों देशों के बीच 27,500 टन की भंडारण क्षमता वाला मरीन बंकर स्थापित करने को लेकर सहमति बनी है। इस रणनीतिक समझौते से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत का प्रभाव और पकड़ दोनों मजबूत होंगी, साथ ही इंडियन ऑयल को अपने कारोबार के विस्तार का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** देश की रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा निर्यात को बढ़ावा मिलने से वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

**मॉरीशस में:** इस समझौते से मॉरीशस को अगले पांच साल तक बिना किसी रुकावट और मूल्य उतार-चढ़ाव के सुरक्षित ईंधन मिलता रहेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत और मॉरीशस के बीच ईंधन समझौते की अवधि कितने साल की है?
यह समझौता कुल 5 साल के लिए किया गया है।

### 2. मॉरीशस को ईंधन की सप्लाई कौन सी कंपनी करेगी?
भारत की सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल मॉरीशस को पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन की सप्लाई करेगी।

### 3. इस समझौते के दौरान भारत के कौन से मंत्री मॉरीशस गए थे?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी अपने मॉरीशस दौरे के दौरान इस करार को पूरा किया।

### 4. मॉरीशस के साथ कितने टन क्षमता वाला मरीन बंकर बनाने का करार हुआ है?
दोनों देशों के बीच 27,500 टन की स्टोरेज क्षमता वाला मरीन बंकर बनाने का समझौता हुआ है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._