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  "title": "मावा उद्योग में उछाल की उम्मीद, Chitrakoot के उद्यमियों को अब सरकार देगी अनुदान",
  "summary": "उत्तर प्रदेश सरकार की एक जनपद एक व्यंजन योजना (ओडीओसी) के तहत चित्रकूट के मावा उद्योग को चुना गया है, जिसके तहत उद्यमियों को परियोजना की लागत के हिसाब से 6.25 लाख से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी।",
  "content": "चित्रकूट जिले की पहचान लंबे समय से वहां के मावा यानी खोया से जुड़ी रही है, लेकिन अब यह स्वाद केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहेगा। जिले में एक जनपद एक व्यंजन यानी ओडीओसी योजना के तहत मावा को चुना गया है, और उत्तर प्रदेश सरकार इस उत्पाद से जुड़े उद्योगों को आर्थिक मदद देने जा रही है। इस योजना का मकसद चित्रकूट के खोया कारोबार को देश ही नहीं, विदेश के बाजारों तक पहुंचाना है, और इसका सीधा फायदा जिले के उद्यमियों और नए कारोबारियों को मिलेगा।\n\nकितना और किस आधार पर मिलेगा अनुदान\nयोजना के तहत परियोजना की लागत के हिसाब से अलग अलग स्तर पर सहायता तय की गई है। अगर किसी उद्यमी की परियोजना 25 लाख रुपये तक की है, तो उसे लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं जिनकी परियोजना 25 लाख से 50 लाख रुपये के बीच है, उन्हें 20 प्रतिशत की दर से या 6.25 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी। इससे भी बड़े स्तर पर, यानी 50 लाख रुपये से लेकर 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर सरकार 10 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान देगी। इस तरह छोटे और बड़े दोनों तरह के मावा कारोबारियों को उनकी जरूरत के हिसाब से मदद मिल सकेगी।\n\nकैसे और कहां करें आवेदन\nचित्रकूट के उप आयुक्त उद्योग चंद्र प्रकाश पटेल ने बताया कि इस योजना से मावा आधारित उद्योग, कारोबार और नई इकाइयों को अपना काम शुरू करने में मदद मिलेगी। जिले के उद्यमी, संस्थाएं और नए व्यवसायी विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए इच्छुक लोगों को एमएसएमई विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा और वहां मांगे गए जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, इसके बाद ही योजना का लाभ मिल सकेगा।\n\nआवेदन के लिए तय की गई पात्रता की शर्तें\nयोजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। खास बात यह है कि इसके लिए किसी तरह की शैक्षिक योग्यता की शर्त नहीं रखी गई है, यानी पढ़ाई लिखाई कम होने पर भी लोग आवेदन कर सकते हैं। हालांकि एक शर्त जरूर है, आवेदक ने इससे पहले केंद्र या राज्य सरकार की किसी और स्वरोजगार योजना का फायदा नहीं उठाया होना चाहिए। योजना के लिए आवेदन करते समय पात्रता से जुड़ी शर्तों का शपथ पत्र देना भी अनिवार्य होगा।\n\nविशेष श्रेणी के आवेदकों के लिए अलग से प्रावधान\nअनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला और दिव्यांगजन जैसी श्रेणियों में आने वाले आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन के साथ सक्षम अधिकारी से जारी प्रमाण पत्र भी लगाना होगा। इससे इन वर्गों के आवेदकों की पहचान सुनिश्चित होगी और उन्हें योजना का लाभ मिलने में आसानी होगी। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए व्यापारी अपने जिले के उद्योग कार्यालय में सीधे संपर्क कर सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह योजना सीधे तौर पर स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने से जुड़ी है।\n\n• भारत में: एक जिला एक उत्पाद जैसी योजनाओं से देश भर के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बाजार मिलने का रास्ता खुलता है, जिससे छोटे उद्यमियों के लिए कारोबार शुरू करना आसान होता है।\n• चित्रकूट में: मावा कारोबार से जुड़े उद्यमियों को अब परियोजना की लागत के अनुसार 6.25 लाख से 10 लाख रुपये तक की सीधी आर्थिक मदद मिल सकेगी, जिससे जिले में नए रोजगार और कारोबार के मौके बढ़ेंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चित्रकूट में एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत कौन सा उत्पाद चुना गया है?\nचित्रकूट जिले में मावा यानी खोया को इस योजना के तहत चुना गया है।\n\n2. ओडीओसी योजना के तहत अधिकतम कितनी सहायता मिल सकती है?\n50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर 10 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।\n\n3. इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?\nइच्छुक लोग एमएसएमई विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।\n\n4. आवेदन के लिए न्यूनतम आयु और शैक्षिक योग्यता क्या तय की गई है?\nआवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, जबकि इसके लिए किसी शैक्षिक योग्यता की शर्त नहीं रखी गई है।\n\n5. क्या पहले किसी सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ ले चुके लोग आवेदन कर सकते हैं?\nनहीं, आवेदक ने इससे पहले केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।\n\n6. विशेष श्रेणी के आवेदकों को क्या अतिरिक्त दस्तावेज देना होगा?\nअनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला और दिव्यांगजन आवेदकों को सक्षम अधिकारी से जारी प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाना होगा।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-16",
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    "ओडीओसी योजना",
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