मेगा आईपीओ की तैयारी के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स ने पेश की नई रणनीति, तीन प्रमुख क्षेत्रों से रफ्तार पकड़ेगा कारोबार देश के सबसे बड़े आईपीओ की तैयारी के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स ने मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल कारोबार को विकास के तीन मुख्य आधार बनाते हुए अगला रोडमैप पेश किया है। देश के सबसे बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के बाजार में कदम रखने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने आने वाले दौर के लिए अपनी रणनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। मुंबई में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के भावी विस्तार की विस्तृत रूपरेखा साझा की। इस पूरे विजन को तीन मुख्य ग्रोथ इंजनों पर केंद्रित किया गया है, जिनमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड तथा एंटरप्राइज और इंटरनेशनल कारोबार शामिल हैं। कंपनी का आकलन है कि उसके अत्याधुनिक तकनीकी समाधान, डिजिटल गेटवे और व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए वह वित्तवर्ष 2031 तक भारत की अनुमानित 1.4 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बेहद अहम योगदान देने की स्थिति में होगी। ग्राहकों पर आधारित विकास और मोबिलिटी का विस्तार व्यावसायिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए आकाश अंबानी ने स्पष्ट किया कि कंपनी के समूचे मॉडल के केंद्र में उसके उपभोक्ता हैं। इसी सोच के आधार पर प्रत्येक भारतीय नागरिक, परिवार और कारोबारी इकाई तक उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती डिजिटल सुविधाएं पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य बना हुआ है। वर्तमान समय में कंपनी के पास लगभग 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी यूजर्स का आधार है और देश का 60 प्रतिशत से अधिक डेटा ट्रैफिक इसी नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। आने वाले पांच वर्षों के दौरान मोबिलिटी सेगमेंट में करीब 34 करोड़ नए 4G और 5G यूजर्स जुड़ने की संभावनाएं देखी जा रही हैं। इनमें से लगभग 10 करोड़ उपभोक्ता ऐसे होंगे जो पहली बार मोबाइल कनेक्शन की दुनिया में कदम रखेंगे, जबकि 24 करोड़ पुराने 2G ग्राहकों के 4G और 5G नेटवर्क की ओर अपग्रेड होने का अनुमान लगाया गया है। वित्तवर्ष 2026 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल उपभोक्ताओं की वृद्धि दर उद्योग के दूसरे सबसे बड़े ऑपरेटर की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक दर्ज की गई। होम ब्रॉडबैंड के दायरे को 10 करोड़ घरों तक ले जाने का लक्ष्य घरेलू ब्रॉडबैंड सेवाओं को कंपनी अपनी आय और पहुंच के अगले बड़े चालक के रूप में देख रही है। इस समय जियो के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या लगभग 2.86 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जिसे भविष्य में 10 करोड़ घरों तक पहुंचाने की योजना पर काम जारी है। वित्तवर्ष 2026 के दौरान समूचे भारत में जितने भी नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन जुड़े, उनमें अकेले जियो की हिस्सेदारी करीब 67.5 प्रतिशत दर्ज की गई। आकाश अंबानी के अनुसार कंपनी ऑप्टिकल फाइबर के साथ-साथ वायरलेस तकनीकों का समन्वय बनाकर देश के 19,000 पिन कोड तक अपनी सीधी पहुंच स्थापित कर रही है। एंटरप्राइज और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तकनीकी निर्यात तीसरा महत्वपूर्ण स्तंभ एंटरप्राइज और वैश्विक बाजार का विस्तार है। घरेलू स्तर पर जियो लगभग 5.1 लाख करोड़ रुपये यानी 56.8 अरब डॉलर मूल्य के एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज बाजार में अपनी ठोस उपस्थिति दर्ज कराने की योजना पर अग्रसर है। वर्तमान स्थिति यह है कि देश भर की तकरीबन 65 प्रतिशत बैंक शाखाएं पहले से ही जियो के नेटवर्क से सीधे जुड़ी हुई हैं। कंपनी अब केवल भारतीय सीमा तक सीमित न रहकर अपने द्वारा तैयार किए गए एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को चुनिंदा विदेशी बाजारों में भी मॉनेटाइज करने की तैयारी कर रही है। यह योजना महज सॉफ्टवेयर लाइसेंस बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के साथ एक प्रबंधित सेवा साझेदार यानी मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में काम करने की है। आकाश अंबानी ने कहा कि इस रणनीतिक कदम से भारत प्रौद्योगिकी आयातक देश से एक प्रमुख तकनीकी निर्यातक राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सकेगा। मजबूत आधार और दीर्घकालिक कारोबारी सोच कार्यक्रम के दौरान ईशा अंबानी ने कंपनी की स्थापना की यात्रा और रिलायंस के मूलभूत दर्शन का उल्लेख करते हुए बताया कि संस्थान हमेशा से दीर्घकालिक दृष्टिकोण, व्यापक पैमाना, मजबूत क्रियान्वयन और सख्त वित्तीय अनुशासन के सिद्धांतों पर भरोसा करता रहा है। इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की औपचारिक शुरुआत करते हुए उदय कोटक ने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के विजन और वर्ष 1977 में आए रिलायंस के ऐतिहासिक आईपीओ के दौर को याद किया। इसका आप पर असर जियो प्लेटफॉर्म्स की नई व्यावसायिक रणनीति से देश भर के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और निवेशकों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • आम उपभोक्ताओं के लिए: नेटवर्क के विस्तार और 4G व 5G सेवाओं में तेजी आने से देश भर में डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी। खासकर 2G से अपग्रेड होने वाले 24 करोड़ उपभोक्ताओं को तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलेगा। • घरेलू इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए: कंपनी 10 करोड़ घरों तक फिक्स्ड ब्रॉडबैंड पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इससे देश के 19,000 पिन कोड क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और वायरलेस डिजिटल सेवाओं के बेहतर विकल्प मिलेंगे। • बैंकिंग और उद्यमों के लिए: देश की 65 प्रतिशत बैंक शाखाएं पहले से जियो नेटवर्क पर हैं और एंटरप्राइज सेवाओं का दायरा और बढ़ रहा है। इससे डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन वित्तीय सेवाएं और बैंकिंग कामकाज में रुकावटें कम होंगी। • शेयर बाजार और निवेशकों के लिए: देश के सबसे बड़े आईपीओ से पहले कंपनी की वित्तीय मजबूती और तीन बड़े विकास इंजन निवेशकों को नए अवसर प्रदान करेंगे। लंबी अवधि में डिजिटल इकोनॉमी की वृद्धि से घरेलू तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। ऐसा क्यों हुआ जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ से ठीक पहले निवेशकों और बाजार के सामने अपनी दीर्घकालिक विकास क्षमता साबित करने के लिए यह विस्तृत रूपरेखा रखी है। कंपनी का लक्ष्य स्वयं को केवल एक टेलीकॉम ऑपरेटर के बजाय एक बहुआयामी डिजिटल और तकनीकी दिग्गज के रूप में स्थापित करना है। • पूंजी बाजार में मूल्यांकन और भरोसा: आगामी मेगा आईपीओ के मद्देनजर संस्थागत और खुदरा निवेशकों को भविष्य की आमदनी के ठोस स्रोत दिखाना अनिवार्य था। मोबिलिटी के अलावा ब्रॉडबैंड और 56.8 अरब डॉलर के एंटरप्राइज बाजार को सामने रखकर कंपनी ने अपनी वित्तीय मजबूती का खाका खींचा। • डेटा उपभोग और नेटवर्क क्षमता: वर्तमान में देश का 60 प्रतिशत से अधिक डेटा ट्रैफिक जियो के बुनियादी ढांचे से गुजरता है। इस विशाल नेटवर्क क्षमता को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस के रूप में साझा करके विदेशी मुद्रा और नए राजस्व के रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। • बाजार विस्तार के नए अवसर: देश में अभी भी करोड़ों नागरिक 2G पर हैं या पहली बार मोबाइल फोन ले रहे हैं, जबकि होम ब्रॉडबैंड का प्रसार सीमित है। इन दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नए ग्राहक जोड़ने की सीधी गुंजाइश मौजूद है। सवाल-जवाब 1. जियो प्लेटफॉर्म्स ने किन तीन बड़े क्षेत्रों को अपना ग्रोथ इंजन बताया है? जियो प्लेटफॉर्म्स ने मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज तथा इंटरनेशनल कारोबार को अपने भविष्य के तीन प्रमुख विकास इंजन बताया है। 2. कंपनी के पास वर्तमान में कितने कनेक्टिविटी उपभोक्ता हैं? जियो के पास इस समय करीब 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी उपभोक्ता हैं और कंपनी देश के 60 प्रतिशत से अधिक डेटा ट्रैफिक को संभालती है। 3. होम ब्रॉडबैंड को लेकर जियो का अगला लक्ष्य क्या है? कंपनी अपने वर्तमान 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों के आधार को बढ़ाकर भविष्य में 10 करोड़ घरों तक पहुंचाना चाहती है। 4. मोबिलिटी क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में कितने नए ग्राहकों की संभावना है? मोबिलिटी क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में 34 करोड़ नए 4G और 5G ग्राहकों का बाजार देखा जा रहा है, जिसमें 10 करोड़ नए उपभोक्ता और 24 करोड़ 2G से अपग्रेड होने वाले ग्राहक शामिल हैं। 5. भारत के बैंकिंग नेटवर्क में जियो की वर्तमान हिस्सेदारी कितनी है? आकाश अंबानी के अनुसार, देश की लगभग 65 प्रतिशत बैंक शाखाएं वर्तमान में जियो नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। 6. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी की क्या व्यावसायिक योजना है? जियो अपने एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को विदेशी बाजारों में मॉनेटाइज करने और वैश्विक दूरसंचार कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में कार्य करने की योजना बना रही है। https://trendkia.com/business/mega-ipo-ki-taiyari-ke-bicha-jio-platforms-ne-pesha-ki-nai-rananiti-tina-pramukha-kshetron-se-raphtara-pakarega-karobara-47786 TrendKia — Har trend, sabse pehle.