# मिडिल ईस्ट में जंग फिर भी सिलेंडर की चिंता खत्म, अमेरिका बना भारत का नया LPG भरोसा

> ईरान के कतर पर हमले के बाद भारत में सिलेंडर संकट की आशंका बनी थी, लेकिन सरकार ने सप्लाई चेन बदलकर अमेरिका से आयात बढ़ा दिया है, जो पिछले 6 महीनों में 10 फीसदी से बढ़कर 50 फीसदी हो गया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/middle-east-men-jnga-phira-bhi-silendara-ki-chinta-khatma-america-bana-bharata-ka-naya-lpg-bharosa-29378 · **Language:** Hindi
**Tags:** एलपीजी सप्लाई, मिडिल ईस्ट तनाव, अमेरिका से आयात, कतर, ईरान, सिलेंडर की कीमत

ईरान और अमेरिका के बीच जंग छिड़ने के बाद भारत के सामने एलपीजी सप्लाई को लेकर बड़ा खतरा खड़ा हो गया था। भारत को सबसे ज्यादा एलपीजी देने वाले देश कतर पर ईरान के हमले ने हालात बिगाड़ दिए और कुछ दिनों तक देश में सिलेंडर की किल्लत होने का डर सताने लगा। लेकिन सरकार ने तुरंत अपनी सप्लाई चेन बदल दी और अब मिडिल ईस्ट में चाहे जो हालात बनें, भारत को गैस सिलेंडर की कमी झेलनी नहीं पड़ेगी।

## कतर पर हमले से कैसे बना संकट
भारत लंबे समय से अपनी ज्यादातर एलपीजी जरूरत कतर से पूरी करता आया है। ईरान के कतर पर हमले के बाद यह सप्लाई लाइन कमजोर पड़ गई, जिससे रसोई गैस की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ने की आशंका बन गई। इसी बीच मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते सिलेंडर के दाम बढ़ने की खबरें भी अलग-अलग शहरों से आती रहीं।

## सरकार ने कैसे संभाला मोर्चा
संकट गहराने से पहले ही सरकार ने आयात का रुख बदलना शुरू कर दिया। खबरों के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य से एलपीजी टैंकर जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित की गई, जिससे सप्लाई पर मिडिल ईस्ट की अनिश्चितता का असर कम हुआ। साथ ही ईरान से भी सीधे आयात को लेकर करीब 8 साल पुरानी अड़चन हटाई गई, ताकि सप्लाई का एक और विकल्प तैयार हो सके। बिजली से सिलेंडर की सप्लाई की भरपाई करने की तैयारी पर भी चर्चा हुई, और बिहार जैसे राज्यों के कुछ गांवों में वैकल्पिक चूल्हों का इस्तेमाल भी सामने आया।

## अमेरिका बना सबसे बड़ा भरोसेमंद सप्लायर
बीते 6 महीने के आयात आंकड़ों से साफ है कि भारत ने सबसे ज्यादा एलपीजी अमेरिका से मंगाया है। अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी तक पहुंच गई है, जबकि इससे पहले यह हिस्सेदारी 10 फीसदी से भी कम हुआ करती थी। इस बदलाव ने भारत को मिडिल ईस्ट की किसी भी अस्थिरता से लगभग बेअसर कर दिया है।

## इसका आप पर असर
अगर आप भी घर में एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बावजूद सिलेंडर मिलने में दिक्कत की आशंका फिलहाल टल गई है।

- **सिलेंडर की उपलब्धता:** अमेरिका से आयात बढ़ने से सप्लाई का एक बड़ा और स्थिर स्रोत बन गया है। इसका मतलब है कि आगे मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ें तो भी घरेलू सिलेंडर मिलने में रुकावट की आशंका कम रहेगी।
- **दाम पर असर:** सप्लाई सुरक्षित रहने से कीमतों में अचानक और तेज बढ़ोतरी का खतरा फिलहाल कम हुआ है। पिछले महीनों में मिडिल ईस्ट तनाव के दौरान अलग-अलग शहरों में दाम बढ़ने की खबरें आई थीं, जिनकी पुनरावृत्ति की आशंका अभी घटी है।
- **वैकल्पिक विकल्प भी तैयार:** ईरान से सीधे आयात और बिजली से सिलेंडर सप्लाई की भरपाई जैसी तैयारियों का मतलब है कि सरकार के पास अब एक से ज्यादा बैकअप विकल्प मौजूद हैं।
- **ग्रामीण इलाकों के लिए:** बिहार जैसे राज्यों के कुछ गांवों में वैकल्पिक चूल्हों का इस्तेमाल दिखाता है कि संकट के दौरान स्थानीय स्तर पर भी विकल्प तलाशे जा रहे हैं, जिससे दूरदराज इलाकों में सप्लाई बाधित होने पर भी गुजारा चल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरा घटनाक्रम मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की वजह से शुरू हुआ, जिसने भारत की सबसे भरोसेमंद एलपीजी सप्लाई लाइन को हिला दिया।

- **सीधी वजह:** ईरान और अमेरिका के बीच जंग के दौरान ईरान ने कतर पर हमला किया, और कतर भारत को सबसे ज्यादा एलपीजी सप्लाई करने वाला देश रहा है। इस हमले ने सप्लाई चेन को सीधे प्रभावित किया।
- **जोखिम बढ़ाने वाली स्थिति:** मिडिल ईस्ट का बड़ा हिस्सा तेल और गैस की सप्लाई के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील रास्तों पर निर्भर है, इसलिए वहां तनाव बढ़ते ही सप्लाई पर असर की आशंका तुरंत बढ़ जाती है।
- **पहले भी दिखा असर:** मिडिल ईस्ट में तनाव के दौरान पहले भी अलग-अलग शहरों में सिलेंडर के दाम बढ़ने और सप्लाई को लेकर चिंता की खबरें आती रही हैं।
- **आगे क्या:** सरकार ने आयात का स्रोत बदलकर और वैकल्पिक सप्लाई रास्ते सुनिश्चित करके इस जोखिम को फिलहाल कम कर दिया है, लेकिन मिडिल ईस्ट में स्थिति पर नजर बनी रहेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत में एलपीजी संकट की आशंका क्यों बनी थी?
ईरान और अमेरिका के बीच जंग के दौरान ईरान ने भारत के सबसे बड़े एलपीजी सप्लायर कतर पर हमला किया, जिससे सप्लाई लाइन प्रभावित हुई।

### 2. अब भारत की सबसे ज्यादा एलपीजी सप्लाई कहां से आ रही है?
पिछले 6 महीनों के आंकड़ों के मुताबिक अब भारत सबसे ज्यादा एलपीजी अमेरिका से आयात कर रहा है।

### 3. अमेरिका की हिस्सेदारी कितनी बढ़ी है?
अमेरिका की हिस्सेदारी पहले 10 फीसदी से भी कम थी, जो अब बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है।

### 4. क्या मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने पर भारत में सिलेंडर की कमी हो सकती है?
सरकार ने सप्लाई के स्रोत बदल दिए हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने पर भी सिलेंडर की कमी की आशंका काफी कम हो गई है।

### 5. क्या भारत ईरान से भी एलपीजी मंगा रहा है?
खबरों के मुताबिक भारत ने ईरान से सीधे आयात को लेकर करीब 8 साल पुरानी अड़चन भी हटाई है।

### 6. संकट के दौरान सप्लाई कैसे सुनिश्चित की गई?
होर्मुज जलडमरूमध्य से एलपीजी टैंकर जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करके सप्लाई को बनाए रखा गया।

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