मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सीमा का विस्तार, संभल और अमरोहा समेत 219 नए गांव शामिल मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र का दायरा बढ़ाते हुए मुरादाबाद, संभल और अमरोहा के 219 गांवों को शामिल किया है। इन क्षेत्रों में अब बिना नक्शा पास कराए निर्माण अवैध माना जाएगा और सुनियोजित विकास के तहत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र के संपूर्ण और संतुलित विकास को गति देने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में मुरादाबाद, संभल और अमरोहा जिलों के कुल 219 गांवों को एमडीए की अधिकार क्षेत्र सीमा के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। इन तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में अब सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार कर उस पर काम शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके तहत आने वाले समय में इन सभी क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों को बेहतर और आधुनिक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत गांवों में साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही आधुनिक पार्क, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य बुनियादी विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों और आबादी के हिसाब से मजबूत सड़कें, बेहतर जल निकासी प्रणाली और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। इन 219 गांवों के एमडीए सीमा में शामिल होने से इन सभी इलाकों के विकास कार्यों को एक तयशुदा और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। एमडीए की इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन सभी क्षेत्रों को पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से विकसित करना और वहां के निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। इन नए क्षेत्रों के जुड़ने के बाद अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति यदि इन इलाकों में किसी भी तरह का निर्माण कार्य करवाना चाहता है, तो उसे सबसे पहले मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से आधिकारिक अनुमति लेनी होगी। बिना नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना गैरकानूनी माना जाएगा और वह सीधे तौर पर अवैध निर्माण की श्रेणी में आएगा, जिस पर प्राधिकरण द्वारा सख्त कार्रवाई की जा सकती है। मास्टर प्लान की तैयारी और अधिकारियों का पक्ष मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में नगर एवं क्षेत्र नियोजन विभाग से जुड़े अधिकारी राजेश यादव ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मुरादाबाद शहर से गुजरने वाले जितने भी प्रमुख और मेजर हाईवे हैं, चाहे वह कांठ की दिशा हो, दिल्ली रोड हो, रामपुर रोड हो या फिर संभल रोड हो, उन सभी प्रमुख सड़कों के आसपास के इलाकों को ध्यान में रखते हुए शासन की ओर से लगभग 219 गांवों को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के दायरे में शामिल किया गया है। इन सभी गांवों के लिए एक व्यापक महायोजना यानी मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसका विस्तृत प्रस्तुतिकरण पहले ही शासन के समक्ष किया जा चुका है। इन 219 गांवों में मुख्य रूप से संभल, मुरादाबाद और अमरोहा, इन तीनों ही जिलों के विभिन्न गांवों को एमडीए सीमा में शामिल किया गया है। इन तमाम क्षेत्रों में उनकी भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग विकास कार्य किए जाएंगे। इन सभी चिन्हित क्षेत्रों में मकान या अन्य कोई भी इमारत बनाने से पहले नक्शे पास कराना अब पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है ताकि इन इलाकों का भविष्य में एक सुनियोजित और व्यवस्थित विकास हो सके। इसी मुख्य उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इन्हें एमडीए में जोड़ा गया है। इसके अलावा प्राधिकरण की तरफ से अभी इसका मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि यह आकलन किया जा सके कि इसमें और कौन-कौन सी आधुनिक सुविधाएं जनता को दी जा सकती हैं। किन-किन क्षेत्रों और गांवों को किया गया है शामिल इस विस्तार योजना के तहत मुरादाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले कई प्रमुख गांवों को एमडीए की सीमा में जगह मिली है, जिनमें सेरूआ धर्मपुर, खदाना, डिडौरा, रसूलपुर सुनवाती, सोनकपुर आंशिक जो कि नगर निगम सीमा के बाहर स्थित है, भदासना, टाहनायक और मूण्डापान्डे चक फरजन्द जैसे तमाम गांव शामिल हैं। इसके साथ ही बिलारी तहसील के अंतर्गत आने वाले लालपुर हमीर, नरूस्तम सराय, नसब्जीपुर, नबीरपुर, फरीदपुर हमीर, मोहम्मदपुर बस्तौर, ऊँचाकानी, नानपुर, मालीपुर और अन्य कई गांवों को भी इस सूची में जगह दी गई है। इनके अलावा कांठ क्षेत्र के कई गांवों के साथ-साथ अमरोहा क्षेत्र के भी ऐसे तमाम गांव इस योजना का हिस्सा बनाए गए हैं जिनके जुड़ने से इन पूरे इलाकों के विकास की रफ्तार में उल्लेखनीय तेजी आएगी। संभल जिले के भी कई महत्वपूर्ण गांवों जैसे अकरौली, पैंतिया माफी, मालपुर उर्फ मलपुरा और इटाला माफी को भी मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल कर लिया गया है। संभल, मुरादाबाद और अमरोहा के इन सभी गांवों के शामिल होने से अब त्रि-जिलाीय क्षेत्रों के समन्वित विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी तर्ज पर सुविधाएं मिलने की उम्मीद बंध गई है। इसका आप पर असर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सीमा में 219 नए गांवों के शामिल होने से उन क्षेत्रों के निवासियों के लिए निर्माण नियमों और बुनियादी सुविधाओं में बड़े बदलाव आएंगे। • भारत में: देश भर के तेजी से शहरीकरण वाले अर्ध-शहरी इलाकों में प्राधिकरणों के विस्तार से नियोजित बस्तियों का निर्माण होता है। इससे दीर्घकालिक रूप से व्यवस्थित बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद मिलती है। • मुरादाबाद, संभल और अमरोहा में: इन 219 गांवों के निवासियों को अब किसी भी तरह के निर्माण से पहले एमडीए से नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। बिना नक्शे के बनाए गए मकान या ढांचा अवैध माने जाएंगे और पार्क, सड़क व चिकित्सा जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। ऐसा क्यों हुआ मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने तेजी से फैलते शहरी क्षेत्रों और प्रमुख राजमार्गों के आसपास अनियोजित बस्तियों के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। • शहरीकरण का दबाव: मुरादाबाद शहर से जुड़े प्रमुख हाईवे जैसे कांठ, दिल्ली, रामपुर और संभल रोड पर लगातार बढ़ती आबादी और अनियंत्रित निर्माण कार्यों के कारण नियोजित विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। • त्रि-जिला समन्वय: मुरादाबाद, संभल और अमरोहा जिलों के सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे की कमी और जल निकासी व सड़कों की समस्याओं को दूर करने के लिए शासन स्तर पर मास्टर प्लान तैयार किया गया है। • अवैध निर्माण पर अंकुश: बिना अनुमति के खड़े हो रहे अवैध निर्माणों को रोकने और भविष्य में सुनियोजित आवासीय व व्यावसायिक कॉलोनियां बसाने के उद्देश्य से इन्हें एमडीए के दायरे में लाया गया है। सवाल-जवाब 1. मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सीमा में कुल कितने नए गांव शामिल किए गए हैं? एमडीए की सीमा में कुल 219 नए गांवों को शामिल किया गया है। 2. यह 219 गांव किन-किन जिलों के अंतर्गत आते हैं? यह गांव मुरादाबाद, संभल और अमरोहा, इन तीन जिलों के अंतर्गत आते हैं। 3. क्या अब इन गांवों में मकान बनाने के लिए अनुमति लेना जरूरी है? हां, इन क्षेत्रों में कोई भी निर्माण करने से पहले मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराना अनिवार्य कर दिया गया है। 4. बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने पर क्या कार्रवाई होगी? बिना नक्शा पास कराए किया गया कोई भी निर्माण अवैध निर्माण की श्रेणी में आएगा। 5. इन क्षेत्रों के विकास के लिए प्राधिकरण क्या तैयार कर रहा है? इन सभी 219 गांवों के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान या महायोजना तैयार की जा रही है, जिसका प्रस्तुतिकरण शासन को दे दिया गया है। https://trendkia.com/business/moradabad-development-authority-expands-boundaries-bringing-219-villages-from-moradabad-sambhal-and-amroha-into-mda-fold-39275 TrendKia — Har trend, sabse pehle.