# मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में चित्रकूट का कमाल, 1853 युवाओं को स्वरोजगार देकर बुंदेलखंड में बना नंबर वन

> उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत चित्रकूट जिले ने 1,853 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले ने बुंदेलखंड में पहला और पूरे प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/mukhyamntri-yuva-udyami-yojana-men-chitrakoot-ka-kamala-1853-yuvaon-ko-svarojagara-dekara-bundelkhand-men-bana-nnbara-vana-31487 · **Language:** Hindi
**Tags:** चित्रकूट, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, बुंदेलखंड, स्वरोजगार, उत्तर प्रदेश, सरकारी योजना, उद्योग विभाग

उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के क्रियान्वयन में चित्रकूट जिले ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में चित्रकूट ने पूरे बुंदेलखंड अंचल में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि समूचे उत्तर प्रदेश के स्तर पर जिले की रैंकिंग चौथी रही है। सरकारी प्रोत्साहन और ऋण सहायता के माध्यम से जिले के सैकड़ों युवा अब नौकरी तलाशने के बजाय खुद के उद्यम स्थापित कर दूसरों के लिए भी अवसर पैदा कर रहे हैं।

## वर्षवार आंकड़ों में दिखा स्वरोजगार का उत्साह
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक चित्रकूट जिले में कुल 1,853 युवाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके नए व्यवसाय स्थापित करवाए जा चुके हैं। साल-दर-साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 230 युवाओं ने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त की। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना ने भारी गति पकड़ी और 1,229 युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने का मौका मिला। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 394 युवाओं को इस योजना का लाभ देकर रोजगार के साधनों से जोड़ा जा चुका है।

## योजना की पात्रता और आवेदन की सरल प्रक्रिया
उद्योग उपायुक्त चंद्र प्रकाश पटेल के मुताबिक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का मुख्य ध्येय युवाओं को उनके अपने गांव, कस्बे या शहर में ही अपनी रुचि और कौशल के अनुसार रोजगार शुरू करने के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कम से कम आठवीं पास होना अनिवार्य है। इच्छुक युवाओं को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अपने आधार कार्ड और प्रस्तावित व्यवसाय से संबंधित खर्च का कोटेशन लेकर जिला उद्योग कार्यालय में संपर्क करना होता है, जहां से कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ऋण मंजूर किया जाता है।

## इन विविध व्यवसायों के लिए उपलब्ध है ऋण सहायता
इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक विनिर्माण गतिविधियों से लेकर आधुनिक सेवा क्षेत्रों तक के व्यवसायों के लिए ऋण प्रदान किया जा रहा है। योजना के माध्यम से युवा आटा चक्की, तेल मिल, लोह कला उद्योग, खिड़की-दरवाजा निर्माण तथा फर्नीचर उद्योग जैसे निर्माण कार्य शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नमकीन, अचार-मुरब्बा निर्माण, बेकरी और मिठाई निर्माण की इकाइयां शामिल हैं। कुटीर उद्योगों में कूलर बॉक्स निर्माण, दोना-पत्तल निर्माण, टेंट हाउस व्यवसाय, बल्ली-पटरी आपूर्ति, आरओ वाटर सप्लाई और ई-रिक्शा संचालन के लिए भी वित्तीय मदद दी जा रही है।

## सेवा क्षेत्र और दुकानदारों को भी मिल रहा संबल
योजना केवल विनिर्माण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जरूरतों से जुड़ी सेवाओं और फुटकर कारोबार के लिए भी इसके तहत आसान शर्तों पर सहायता दी जा रही है। युवा ऑटोमोबाइल गैरेज, मोबाइल फोन रिपेयरिंग, दर्जी दुकान, ब्यूटी पार्लर, सैलून, रेस्टोरेंट, कपड़े की दुकान और जनसेवा केंद्र जैसे संस्थान खोलकर सम्मानजनक आजीविका कमा रहे हैं। उद्योग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस योजना ने ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी इलाकों में बेरोजगारी कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में बड़ी भूमिका निभाई है।

## इसका आप पर असर
इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही नया व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल रहा है।

- **उत्तर प्रदेश में:** राज्य के 21 से 40 वर्ष की आयु वाले 8वीं पास युवा आसान शर्तों पर ऋण लेकर विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में आत्मनिर्भर उद्यम बना सकते हैं।
- **चित्रकूट जिले में:** आटा चक्की, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर और जनसेवा केंद्र जैसे 1,853 नए व्यवसाय शुरू होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका बढ़ी है और युवाओं को पलायन करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार की तलाश के बजाय खुद का उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है। चित्रकूट जिले ने प्रशासनिक सक्रियता और युवाओं की भागीदारी से यह उपलब्धि हासिल की।

- **स्वरोजगार को बढ़ावा:** युवाओं को अपने गांव और शहर में ही आजीविका शुरू करने के लिए वित्तीय मदद देना योजना का मुख्य ध्येय है।
- **सरल पात्रता शर्तें:** न्यूनतम 8वीं पास योग्यता और 21 से 40 वर्ष की आयु सीमा रखने से बड़ी संख्या में इच्छुक युवाओं के लिए अवसर खुले हैं।
- **प्रशासनिक सहयोग:** जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से प्रोजेक्ट कोटेशन स्वीकृत करने और ऋण प्रक्रिया को सुगम बनाने से चित्रकूट ने राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया।

## सवाल-जवाब

### 1. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए आयु सीमा क्या है?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

### 2. इस योजना में आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है?
आवेदक का कम से कम 8वीं पास होना अनिवार्य है।

### 3. चित्रकूट जिले में अब तक कितने युवाओं को इस योजना का लाभ मिला है?
चित्रकूट में अब तक कुल 1,853 युवाओं को योजना के तहत ऋण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है।

### 4. चित्रकूट जिले ने प्रदेश और बुंदेलखंड में कौन सी रैंकिंग हासिल की है?
चित्रकूट ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के मामले में बुंदेलखंड में पहला और पूरे उत्तर प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है।

### 5. योजना का आवेदन करने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
आवेदक को अपना आधार कार्ड और जिस व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं, उसका कोटेशन लेकर जिला उद्योग कार्यालय में संपर्क करना होता है।

## प्रेरणा और सबक
चित्रकूट के युवाओं द्वारा स्थापित 1,853 उद्यम यह साबित करते हैं कि सही दिशा और योजना के साथ स्थानीय स्तर पर भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

- **खुद का रास्ता चुनें:** नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपनी रुचि और स्थानीय मांग के अनुसार स्वरोजगार चुनना एक टिकाऊ भविष्य देता है।
- **सरकारी योजनाओं का लाभ लें:** वित्तीय मदद और प्रशासनिक मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी रखना आवश्यक है।
- **व्यावहारिक कौशल को व्यवसाय बनाएं:** सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग या बेकरी जैसे अपने कौशल को योजनाबद्ध तरीके से व्यावसायिक रूप दें।

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