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  "type": "article",
  "title": "मुक्त व्यापार समझौतों से भारतीय युवाओं के लिए बन रहे रोजगार के नए अवसर, बोले नरेंद्र मोदी",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले में 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने रेखांकित किया कि देश के 40 मुक्त व्यापार समझौते और बढ़ता स्टार्टअप परिवेश युवाओं के लिए वैश्विक द्वार खोल रहे हैं।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते भारतीय कार्यबल के लिए नए अवसरों की राह बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़कर इस बात पर जोर दिया कि भारत के युवाओं के कौशल, प्रतिभा और उद्यमशीलता ने वैश्विक स्तर पर गहरा विश्वास कायम किया है। दुनिया भर की निगाहें आज भारतीय नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और युवा शक्ति की क्षमताओं पर टिकी हुई हैं।\n\nव्यापार संधियों से वैश्विक बाजारों तक पहुंच का विस्तार\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापारिक साझेदारियों के प्रभाव को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत अब तक 40 मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है। ये द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौते देश के युवा वर्ग के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रहे हैं। इन संधियों के माध्यम से घरेलू उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझेदारियां स्थापित करने में मदद मिलती है, जिससे विदेशी बाजारों तक पहुंच सुगम होती है और विभिन्न क्षेत्रों में करियर के नए विकल्प विकसित होते हैं।\n\nविभिन्न मंत्रालयों में 51,000 से अधिक नियुक्तियां\nकार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और सार्वजनिक संगठनों में नवचयनित 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस 20वें रोजगार मेले के आयोजन के साथ ही अब तक कुल मिलाकर 12.75 लाख युवाओं को सरकारी तंत्र के अलग-अलग विभागों में औपचारिक नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।\n\nनवनियुक्त उम्मीदवार केंद्र सरकार के कई प्रमुख मंत्रालयों और विभागों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे। इनमें गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं।\n\nब्रिक्स सहयोग और जनभागीदारी का दायरा\nहाल के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संदर्भ में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की निरंतर यह कोशिश रही है कि ऐसे मंचों का दायरा केवल सरकारों की औपचारिक बातचीत तक सीमित न रहे। उनका कहना था कि इन साझेदारियों में जमीनी स्तर के हितधारकों को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, जिनमें उद्यमी, किसान, महिलाएं और युवा वर्ग सीधे तौर पर शामिल हैं।\n\nटियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टार्टअप परिवेश का प्रसार\nभारत की उद्यमशीलता यात्रा पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि देश अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश बन चुका है। सबसे उल्लेखनीय बदलाव यह है कि स्टार्टअप का यह विस्तार केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहा है। वर्तमान समय में मान्यता प्राप्त लगभग आधे स्टार्टअप देश के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में फल-फूल रहे हैं। देश इस समय 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nइस भर्ती अभियान और व्यापार नीतियों के विस्तार से युवाओं के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हो रहे हैं।\n\n• सरकारी भर्ती: केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में 51,000 से अधिक पदों पर नवनियुक्तियों से प्रशासनिक विभागों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अन्य अभ्यर्थियों के लिए भी नियमित भर्तियों का सकारात्मक संकेत मिलता है।\n• व्यापार समझौते और नौकरियां: भारत के 40 मुक्त व्यापार समझौतों से निर्यात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार क्षेत्र में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। विदेश व्यापार और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से जुड़ने के इच्छुक युवाओं के लिए नए करियर विकल्प तैयार होंगे।\n• छोटे शहरों के उद्यमी: करीब 50 फीसदी स्टार्टअप अब दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में काम कर रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर तकनीकी प्रतिभाओं को अपने गृह क्षेत्र के नजदीक रोजगार मिलने में आसानी होगी।\n• विकसित भारत लक्ष्य: वर्ष 2047 तक के राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। युवा पेशेवरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को तैयार करने की प्रेरणा मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक नियुक्तियों को गति देने और देश की आर्थिक वृद्धि को युवाओं के कौशल से जोड़ने की व्यापक रणनीति के तहत आयोजित किया गया।\n\n• प्रशासनिक रिक्तियों की पूर्ति: विभिन्न प्रमुख मंत्रालयों में लंबे समय से लंबित रिक्त पदों को भरने के उद्देश्य से नियमित रोजगार मेलों की श्रृंखला संचालित की जा रही है। 20वें संस्करण तक कुल 12.75 लाख नियुक्तियां इसी संस्थागत प्रक्रिया का परिणाम हैं।\n• वैश्विक व्यापार का विस्तार: देश ने घरेलू उत्पादों और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए दुनिया भर के देशों के साथ 40 मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। यह आर्थिक ढांचा विदेशी निवेश और घरेलू उद्यमों के बीच मजबूत सेतु का निर्माण करता है।\n• स्टार्टअप परिवेश का विकेंद्रीकरण: डिजिटल कनेक्टिविटी और सहायक नीतियों के चलते छोटे शहरों में उद्यमिता का तेजी से विस्तार हुआ है। परिणामस्वरूप बड़े शहरों के बाहर नवाचार और नए उपक्रम स्थापित करने के अनुकूल अवसर बने हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 20वें रोजगार मेले में कितने युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए?\nइस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के लिए 51,000 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।\n\n2. रोजगार मेले के जरिए अब तक कुल कितनी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं?\n20वें रोजगार मेले तक विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में कुल 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।\n\n3. नवनियुक्त युवाओं को किन प्रमुख मंत्रालयों में तैनात किया जा रहा है?\nउम्मीदवारों की नियुक्ति गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग में की गई है।\n\n4. भारत ने अब तक कितने मुक्त व्यापार समझौते किए हैं?\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार भारत ने अब तक 40 मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।\n\n5. भारत में स्टार्टअप की मौजूदगी छोटे शहरों में कितनी है?\nदेश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में से लगभग आधे स्टार्टअप दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में संचालित हो रहे हैं।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-09-22",
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    "नरेंद्र मोदी",
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