मुमताज आलम बता रही हैं, कैसे घर से लहठी बनाकर हर महीने अच्छी कमाई की जा सकती है सीतामढ़ी की मुमताज आलम के मुताबिक सिर्फ 40 से 50 हजार रुपये की लागत में लाह की चूड़ियों यानी लहठी का काम घर से शुरू किया जा सकता है, जिसमें जोखिम कम और मांग साल भर बनी रहती है। कम पैसों में अपना काम शुरू करने का सपना देखने वालों के लिए सीतामढ़ी से एक दिलचस्प सलाह सामने आई है। मुमताज आलम बताती हैं कि लाह की चूड़ियां, यानी लहठी, बनाने का काम बहुत कम लागत में घर से ही शुरू किया जा सकता है और इसमें जोखिम भी काफी कम रहता है। उनके मुताबिक सिर्फ 40 से 50 हजार रुपये लगाकर कोई भी इस पारंपरिक कारोबार में कदम रख सकता है। चूंकि इसमें कच्चे माल की जरूरत बहुत कम होती है और यह हुनर सीखना भी आसान है, इसलिए इसे कम जोखिम और ज्यादा मुनाफे वाला घरेलू विकल्प माना जा रहा है। शादी-ब्याह से लेकर रोज के फैशन तक मांग मुमताज आलम के अनुसार भारतीय समाज में लहठी सिर्फ एक गहना नहीं बल्कि परंपरा और रीति-रिवाज का हिस्सा है। शादियों के मौसम में, तीज-त्योहारों पर और आम दिनों के श्रृंगार में भी महिलाएं इसे बड़े शौक से पहनती हैं। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग किसी खास मौसम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि साल भर बनी रहती है। इसी लगातार बनी रहने वाली मांग के कारण यह धंधा कमाई के लिहाज से भरोसेमंद माना जाता है और सिर्फ कुछ महीनों तक सीमित नहीं रहता। इसके लिए ज्यादा सामान भी नहीं चाहिए, सिर्फ सांचा और कुछ कच्चा माल जुटाकर काम शुरू हो जाता है। बड़ी जगह या महंगी मशीन की जरूरत नहीं इस काम को शुरू करने के लिए न तो बड़े कारखाने की जरूरत पड़ती है और न ही महंगी मशीनों की। घर के किसी छोटे कोने में थोड़ी सी कारीगरी, सही तरीका सीखकर और थोड़ी कल्पनाशीलता के दम पर यह उद्योग खड़ा किया जा सकता है। नए-नए डिजाइन और वैरायटी वाली लहठी बनाकर मुनाफे का मार्जिन भी अच्छा खासा कमाया जा सकता है। मुमताज आलम के मुताबिक शुरुआती खर्च 40 हजार से 50 हजार रुपये के बीच ही सिमटा रहता है, जो इसे बेहद किफायती विकल्प बनाता है और नए उद्यमियों के लिए दाखिले की बाधा को कम कर देता है। स्थानीय दुकानदारों से जुड़ें, फिर बढ़ाएं दायरा अगर उत्पाद की क्वालिटी और डिजाइन पर पूरा ध्यान दिया जाए तो हर महीने ठीक-ठाक आमदनी हो सकती है। शुरुआत में आसपास के दुकानदारों और स्थानीय बाजार से संपर्क बनाकर बिक्री शुरू की जा सकती है। जैसे-जैसे मांग बढ़ती जाए, कारोबार को बड़े स्तर पर भी ले जाया जा सकता है और ज्यादा बाजारों तथा ग्राहकों तक पहुंचा जा सकता है। कम पूंजी में आत्मनिर्भर बनने और अपनी खुद की पहचान एक सफल उद्यमी के तौर पर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक व्यावहारिक और फायदेमंद रास्ता है। इसका आप पर असर अगर आप कम पैसों में अपना काम शुरू करना चाहते हैं तो यह जानकारी आपके काम आ सकती है। • कम बजट में शुरुआत: सिर्फ 40-50 हजार रुपये में यह काम घर से ही शुरू किया जा सकता है, बड़ी पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं है। • घर बैठे कमाई का मौका: खासकर महिलाओं और गृहणियों के लिए यह आत्मनिर्भर बनने का एक व्यावहारिक जरिया बन सकता है। • साल भर आमदनी: शादी और त्योहारों के सीजन के अलावा भी मांग बने रहने से कमाई सिर्फ कुछ महीनों तक सीमित नहीं रहती। सवाल-जवाब 1. लहठी का बिजनेस शुरू करने में कितनी लागत आती है? मुमताज आलम के मुताबिक शुरुआती लागत सिर्फ 40,000 से 50,000 रुपये के बीच है। 2. क्या इस बिजनेस को घर से शुरू किया जा सकता है? हां, घर के एक छोटे हिस्से में भी बिना बड़ी जगह या महंगी मशीन के यह काम किया जा सकता है। 3. लहठी की मांग साल में किन मौकों पर ज्यादा रहती है? शादियों के सीजन, तीज-त्योहारों और रोजमर्रा के फैशन में लहठी की मांग हमेशा बनी रहती है। 4. शुरुआत में ग्राहक कैसे जुटाए जा सकते हैं? स्थानीय दुकानदारों और आसपास के बाजार से संपर्क करके शुरुआती बिक्री की जा सकती है। 5. यह जानकारी किसने दी है? यह जानकारी सीतामढ़ी की मुमताज आलम ने साझा की है। 6. इस काम के लिए किन चीजों की जरूरत होती है? मुख्य रूप से चूड़ियां बनाने का सांचा और कच्चा माल चाहिए होता है। https://trendkia.com/business/mumtaj-alam-bata-rahi-hain-kaise-ghara-se-lahathi-banakara-hara-mahine-achchhi-kamai-ki-ja-sakati-hai-9354 TrendKia — Har trend, sabse pehle.